2 ग्राम से ज्यादा सोना खरीदने जा रहे हैं तो पहले पढ़ लें यह खबर, हॉलमार्किंग होगी अनिवार्य
- दो ग्राम से ऊपर के स्वर्ण आभूषणों की हॉलमॉर्किंग होगी अनिवार्य
- उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय ने जारी किए मसौदा नियम
- मंत्रालय ने मसौदे पर विभिन्न हिस्सेदारों से मांगी राय
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उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय ने सोने के आभूषणों की हॉलमार्किंग करने के लिए नियमों का मसौदा जारी किया है। इसमें दो ग्राम से ऊपर के आभूषणों पर हॉलमार्किंग को अनिवार्य करने को कहा गया है। इसके दायरे से बुलियन और सिक्कों को बाहर रखा गया है।
अभी तक देश में स्वर्ण आभूषणों में सोने की गुणवत्ता को लेकर कोई कसावट नहीं है। ऐसे में अनजान ग्राहकों को कई मौकों पर 22 कैरेट की बजाय 21 या अन्य अंतरराष्ट्रीय गुणवत्ता मानकों से कम कैरेट का सोना बेच दिया जाता है, जबकि दाम उनसे अच्छी गुणवत्ता वाले सोने के वसूले जाते हैं। ऐसे में गुणवत्ता को लेकर मंत्रालय द्वारा मसौदे में प्रस्तावित नियम ग्राहकों के लिए अहम होंगे।
मसौदा नियमों में कहा गया है कि बीआईएस इस व्यवस्था को लागू कराने वाला प्राधिकार होगा। साथ ही हॉलमार्किंग केंद्र स्थापित करने संबंधी प्रमाणन भी बीआईएस द्वारा दिया जाएगा। मंत्रालय या राज्य द्वारा संयुक्त सचिव स्तर के अधिकारी ही व्यवस्था को लागू कराने के लिए जिम्मेदार होंगे।
मंत्रालय ने मसौदा नियमों पर विभिन्न हिस्सेदारों से राय मांगी है। सभी के सुझाव मिलने के बाद नियमों को लागू कराने की तैयारी की जाएगी। हाल ही में केंद्रीय मंत्रालय ने विश्व व्यापार संगठन (डब्ल्यूटीओ) को अनिवार्य हॉलमार्किंग का प्रस्ताव भेजा था।
साथ ही केंद्रीय मंत्रालयों समेत सभी हिस्सेदारों के साथ फरवरी मध्य में बैठक बुलाई है। देश में मौजूदा समय 750 हॉलमार्किंग केंद्र हैं, जिनकी संख्या को बढ़ाने पर भी मंत्रालय अपने विभागों के साथ चर्चा कर रहा है।
गुणवत्ता के सिर्फ तीन वर्ग
केंद्रीय मंत्रालय द्वारा तैयार किए गए मसौदे में कहा गया है कि चिकित्सा, दंत चिकित्सा और उद्योग क्षेत्र में इस्तेमाल होने वाली चीजों को अनिवार्य हॉलमार्किंग से छूट प्रदान की गई है। इसके अलावा सोने के पतले धागे, निर्माणाधीन आभूषणों, निर्यात किए जाने वाले सोने, बुलियन और सिक्कों को भी इसके दायरे से बाहर रखा गया है।
साथ ही 14, 18 और 22 कैरेट सोने के आभूषणों की गुणवत्ता का निर्धारण किया गया है, जबकि इतर गुणवत्ता यानी 15, 16, 17 या 19 कैरेट पर आभूषण मान्य नहीं होंगे। मसौदा नियमों का अनुपालन नहीं करने वालों के खिलाफ जुर्माने का प्रावधान भी शामिल किया गया है, जो भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस) अधिनियमों के तहत उल्लंघनकर्ता पर लगाया जाएगा।
पंजीकृत स्वर्णकार को रखना होगा रिकॉर्ड
मौजूदा संशोधित नियमों के तहत पंजीकरण कराने पर स्वर्णकारों को अगले पांच साल तक के लिए एक प्रमाणपत्र मुहैया कराने का प्रावधान है, जिसके लिए 2,000 रुपये की फीस चुकानी होती है। इसके अलावा हरेक पंजीकृत स्वर्णकार को सभी हॉलमार्किंग आभूषण का रिकॉर्ड रखना होगा।
हॉलमार्किंग के सही ना होने की स्थिति में उन्हें पहले चरण में नोटिस जारी किया जाएगा। मौजूदा नियमों में हॉलमार्किंग केंद्र खोलने के लिए स्वर्णकारों को 10,000 रुपये का शुल्क देना होगा। यह केंद्र हरेक आभूषण पर 35 रुपये का शुल्क लेता है।