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G-7 Summit: अमेरिका बोला- मुलाकात के दौरान मोदी और बाइडेन के बीच नहीं हुई रूस से तेल खरीदारी पर चर्चा

Wed, 29 Jun 2022 02:39 PM IST
विवेक दास बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: विवेक दास Updated Wed, 29 Jun 2022 02:39 PM IST
सार

अमेरिका के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जेक सुलिवन ने मंगलवार को कहा था कि G-7 देशों के नेताओं ने मंत्रियों से इस बात का खाका तैयार करने के लिए कहा है कि कैसे रूस से तेल निर्यात पर प्राइस कैप लगाना फायदेमंद साबित हो सकता है? 

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G-7 Summit: America said- during the G-7 summit, there was no discussion on oil purchase from Russia between Modi and Biden
जो बाइडन और पीएम मोदी - फोटो : Social media

विस्तार

G-7 समिट के बाद अमेरिका की ओर से कहा गया है कि वह दुनिया के तेल आयातक देशों के साथ गहनता पूर्वक इस बात पर विचार-विमर्श कर है कि कैसे रूप से तेल के आयात पर एक प्राइस कैप रखने से दुनिया को मदद मिल सकती है? हालांकि अमेरिका ने यह बात भी साफ कर दी है कि इस बारे में G-7 समिट के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन और भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच कोई बातचीत नहीं हुई है। 

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G-7 देशों के राष्ट्राध्यक्षों जिनमें अमेरिका, जर्मनी, फ्रांस, इटली, ब्रिटेन, कनाडा और जापान शामिल हैं, ने मंगलवार को एक संयुक्त बयान जारी कर कहा था कि वे रूस की तेल बेचने से हो रही आमदनी जिसका वह यूक्रेन की लड़ाई में इस्तेमाल कर रहा है, पर अंकुश लगाने के लिए त्वरित और ठोस कदम उठाएंगे।
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अमेरिका के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जेक सुलिवन ने मंगलवार को कहा था कि नेताओं ने मंत्रियों से इस बात का खाका तैयार करने के लिए कहा है कि कैसे रूस से तेल निर्यात पर प्राइस कैप लगाना फायदेमंद साबित हो सकता है? 
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यह पूछे जाने पर कि क्या G-7 की बैठक के दौरान भारत के पीएम नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति बाइडेन के बीच रूस से भारत की तेल खरीदारी पर कोई चर्चा की गई? अमेरिकी अधिकारी सुलिवन ने जवाब दिया कि यह सही बात है कि हम रूस से तेल खरीदने वाले देशों से बातचीत कर रहे हैं और उनमें भारत भी शामिल है। हमने भारत के साथ इस बात की चर्चा की है कैसे रूस से तेल आयात पर प्राइस कैप लगाना काम करेगा और इसके क्या नुकसान हो सकते हैं? पर ये बातचीत डिप्लोमेटिक स्तर पर हुई है। दोनों देशों के शीर्ष नेताओं के बीच इस मुद्दे पर फिलहाल चर्चा नहीं की गई है। 

आपको बता दें कि जर्मनी में G-7 समिट के दौरान भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ग्रुप फोटो सेशन के दौरान गर्मजोशी से एक-दूसरे का अभिवादन करने नजर आए थे।

G-7 शिखर सम्मेलन के दौरान अपने संबोधन में भारतीय प्रधानमंत्री मोदी ने इस बात पर जोर दिया था कि ऊर्जा का उपयोग केवल अमीरों का विशेषाधिकार नहीं होना चाहिए, एक गरीब परिवार का भी ऊर्जा पर समान अधिकार है। उन्होंने यूक्रेन युद्ध की चर्चा करते हुए कहा था कि इस लड़ाई का असर अब केवल यूरोप पर ही सीमित नहीं रहा है, बल्कि इससे पूरी दुनिया प्रभावित हो रही है। ईंधन और खाद्य पदार्थों की बढ़ती कीमतें पूरी दुनिया के लोगों पर अपना असर डाल रही हैं। 


आपको बता दें कि भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा तेल आयातक और उपभोक्ता देश है। यूक्रेन के साथ लड़ाई छेड़ने के कारण जब पूरी दुनिया रूस पर प्रतिबंध लगा रही थी तब भारत ने सस्ते दामों पर रूस से तेल खरीदने का फैसला लिया था। उस दौरान यह भी देखा गया था कि कई यूरोपियन देश एक तरफ रूस पर प्रतिबंध लगा रहे थे, वहीं दूसरी ओर उससे ईधन भी खरीद रहे थे। 

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