EPFO Data: जून में 8.9% बढ़ा औपचारिक रोजगार सृजन, जानिए क्या कहते हैं ईपीएफओ के आंकड़े?
जून में इपीएफओ से जुड़े कुल 1.83 मिलियन लोगों में लगभग 1.05 मिलियन लोग EPF & MP Act, 1952 के तहत सामाजिक सुरक्षा कवर से पहली बार जुड़े। वहीं लगभग 0.78 मिलियन लोग इससे बाहर होने के बाद अपने फंड्स को पिछले पीएफ अकाउंट से वर्तमान पीएफ अकाउंट में स्थानांतरित करते हुए इससे दोबारा जुड़े।
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इपीएफओ के तहत दर्ज होने वाले औपचारिक रोजगार सृजन में जून महीने में 8.9 फीसदी की बढ़ोतरी हुई। जून 2022 में यह अपने रिकॉर्ड स्तर 1.83 मिलियन पर पहुंच गया। उससे पहले मई महीने में यह 1.68 मिलियन था। शनिवार को इपीएफओ की ओर से जारी पेरोल डेटा के अनुसार जून 2022 में इसके सब्सक्राइबरों की संख्या बीते वर्ष जून की तुलना में 0.55 मिलियन की बढ़ोतरी हुई।
जारी किए गए आंकड़ों के अनुसार जून में इपीएफओ से जुड़े कुल 1.83 मिलियन लोगों में लगभग 1.05 मिलियन लोग EPF & MP Act, 1952 के तहत सामाजिक सुरक्षा कवर से पहली बार जुड़े। वहीं, लगभग 0.78 मिलियन लोग इससे बाहर होने के बाद अपने फंड्स को पिछले पीएफ अकाउंट से वर्तमान पीएफ अकाउंट में स्थानांतरित करते हुए इससे दोबारा जुड़े। इपीएफओ की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार जून महीने में सबसे अधिक 22 से 25 आयु वर्ग के युवा इस सामाजिक सुरक्षा स्कीम के साथ जुड़े। उनकी संख्या 0.47 मिलियन रही।
आंकड़े जारी करने के इपीएफओ ने कहा कि इन आंकड़ों से यह पता चलता है कि पहली बार नौकरी पाने वाले युवाओं की बड़ी संख्या संगठित क्षेत्र के साथ जुड़े हैं।
ईपीएफओ के आंकड़ों के अनुसार रोजगार सृजन के मामले में महाराष्ट्र, कर्नाटक, तमिलनाडु, हरियाणा, गुजरात और दिल्ली अव्वल बने हुए हैं। केवल इन छह राज्यों से ही जून महीने में तकरीबन 1.26 मिलियन सब्सक्राइबर ईपीएफओ से जुड़े।
यह आंकड़ा जून महीने में समाजिक सुरक्षा स्कीम से जुड़ने वालों का 22.09% है। ईपीएफओ की ओर से जारी बयान में यह भी कहा गया है कि यह आंकड़े अस्थायी हैं, क्योंकि डेट जेनरेशन का कार्य सतत रूप से चलता रहता है। ईपीएफओ ने कहा है कि कर्मचारियों के रिकॉर्ड अपडेट करने का कार्य लगातार चलता रहता है।
बता दें कि इपीएफओ अप्रैल 2018 से पेरोल डेटा जारी करता है। इसने सितंबर 2017 के बाद की अवधि के आंकड़े जारी किए हैं।