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GST: सरकार ने किया 2 स्लैब वाली जीएसटी संरचना लाने का एलान, दैनिक उपयोग की चीजों पर कर का बोझ कम करना लक्ष्य

Fri, 15 Aug 2025 11:22 AM IST
कुमार विवेक बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: कुमार विवेक Updated Fri, 15 Aug 2025 11:22 AM IST
सार

GST: वित्त मंत्रालय ने कहा कि वह 2 स्लैब वाली जीएसटी संरचना 5, 12, 18, 28 प्रतिशत की वर्तमान स्लैब की जगह लेगी। जीएसटी परिषद की बैठक अगले महीने यानी सितंबर में होने की संभावना है। इस बैठक में नए जीएसटी स्लैब पर फैसला लिया जा सकता है। आइए इस बारे में विस्तार से जानें।

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Finance ministry says it proposes a 2-slab GST structure-standard and merit- and special rates on select items
जीएसटी ग्राफिक - फोटो : amarujala.com

विस्तार

वित्त मंत्रालय ने 15 अगस्त के मौके पर 2 स्लैब वाली जीएसटी संरचना लाने का एलान किया। वित्त मंत्रालय ने शुक्रवार को कहा कि उसने मंत्रियों के समूह (जीओएम) को दो स्लैब वाली जीएसटी दर संरचना का प्रस्ताव दिया है। इसके साथ ही कुछ चुनिंदा वस्तुओं के लिए विशेष दरों का भी प्रस्ताव दिया है। सरकार चालू वित्त वर्ष में अगली पीढ़ी के जीएसटी सुधारों को पेश करने पर विचार कर रही है। इसका लक्ष्य दैनिक उपयोग की वस्तुओं पर कर का बोझ कम करना है।

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नई व्यवस्था में कुछ विशिष्ट वस्तुओं पर विशेष दरों का प्रस्ताव

केंद्र ने राज्यों के वित्त मंत्रियों के एक पैनल के समक्ष प्रस्ताव रखा है कि वस्तु व सेवा कर (जीएसटी) व्यवस्था में केवल दो स्लैब होने चाहिए। इसमें ऐसी व्यवस्था होनी चाहिए कि वस्तुओं और सेवाओं को 'मानक' और 'योग्यता' के रूप में वर्गीकृत किया जा सके। नई व्यवस्था के तहत कुछ विशिष्ट वस्तुओं पर विशेष दरें लगाई जा सकती हैं।

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त्योहारों तक दोहरा तोहफा देने की तैयारी में सरकार

वित्त मंत्रालय ने कहा कि वह 2 स्लैब वाली जीएसटी संरचना 5, 12, 18, 28 प्रतिशत की वर्तमान स्लैब की जगह लेगी। जीएसटी परिषद की बैठक अगले महीने होने की संभावना है। इस बैठक में नए जीएसटी स्लैब पर फैसला लिया जा सकता है। दूसरी ओर, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वतंत्रता दिवस के मौके पर लाल किले की प्राचीर से एलान किया कि दिवाली पर इस बार देश को टैक्स रिफॉर्म के मोर्चे पर सरकार दोहरा तोहफा देगी।

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दिवाली तक जीएसटी सुधार लागू करने का पीएम ने किया एलान

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अपने 79वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर घोषणा की है कि जीएसटी सुधार दिवाली तक लागू कर दिए जाएंगे। इससे कर का बोझ काफी कम हो जाएगा और छोटे उद्योगों को लाभ होगा।घोषणा के तुरंत बाद वित्त मंत्रालय ने कहा कि मंत्रिसमूह के साथ साझा किया गया केंद्र का प्रस्ताव तीन स्तंभों पर आधारित है - संरचनात्मक सुधार, दरों को युक्तिसंगत बनाना और जीवन में आसानी। प्रस्ताव में आम आदमी की वस्तुओं और आकांक्षापूर्ण वस्तुओं पर करों में कटौती शामिल है।

मानक और योग्यता के आधार पर तय होंगे जीएसटी दर

स्लैब में कटौती के संबंध में, केंद्र ने दो स्लैब - मानक और योग्यता - के साथ सरल कर की ओर बढ़ने का प्रस्ताव दिया है। विशेष दरें केवल कुछ चुनिंदा वस्तुओं पर ही लागू होंगी। वर्तमान में जीएसटी 5, 12, 18 और 28 प्रतिशत की 4-स्तरीय संरचना है।

जीएसटी परिषद् की बैठक सितंबर में होने की उम्मीद

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता वाली जीएसटी परिषद, जिसमें राज्यों के मंत्री शामिल होंगे, की सितंबर में बैठक होने की उम्मीद है। इसमें दरों को युक्तिसंगत बनाने पर जीओएम के प्रस्ताव पर चर्चा की जाएगी। मंत्रालय ने कहा कि क्षतिपूर्ति उपकर की समाप्ति से राजकोषीय गुंजाइश बनी है। इससे दीर्घकालिक स्थिरता के लिए जीएसटी ढांचे के भीतर कर दरों को युक्तिसंगत बनाने और संरेखित करने के लिए अधिक लचीलापन उपलब्ध हुआ है।

मोदी ने अगली पीढ़ी के सुधारों पर विचार के लिए टास्क फोर्स बनाने का किया एलान

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को 'अगली पीढ़ी के सुधारों' और जीएसटी कानूनों में संशोधन के लिए एक कार्यबल के गठन की घोषणा की। उन्होंने स्वतंत्रता दिवस पर अपने 103 मिनट के भाषण का बड़ा हिस्सा सेमीकंडक्टर से लेकर उर्वरक तक विभिन्न क्षेत्रों में भारत को आत्मनिर्भर बनाने पर केंद्रित रखा। वर्तमान भू-राजनीतिक परिदृश्य और अमेरिका की ओर से भारतीय वस्तुओं पर लगाए गए उच्च टैरिफ के मद्देनजर ये घोषणाएं महत्वपूर्ण हैं।

मई 2024 में पहली बार कार्यभार संभालने के बाद, मोदी के नेतृत्व वाली सरकार ने कई आर्थिक सुधार लागू किए हैं। इनमें वस्तु व सेवा कर (जीएसटी) लागू करना, प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) को और उदार बनाना और बड़ी संख्या में पुराने कानूनों को समाप्त करना शामिल है।

पीएम मोदी ने ऐतिहासिक लाल किले की प्राचीर से देश को संबोधित करते हुए कहा, "हमने अगली पीढ़ी के सुधारों के लिए एक टास्क फोर्स गठित करने का निर्णय लिया है। यह टास्क फोर्स मौजूदा कानूनों को 21वीं सदी की जरूरतों के मुताबिक बनाने के लिए एक निर्धारित समय-सीमा के भीतर काम करेगी और देश को 2047 तक विकसित भारत बनने के लिए तैयार करेगी।"



पीएम की ओर से घोषित 'अगली पीढ़ी के सुधारों के लिए बना टास्क फोर्स' आर्थिक गतिविधियों से संबंधित सभी मौजूदा कानूनों, नियमों और प्रक्रियाओं का मूल्यांकन करेगी। उन्होंने कहा कि पैनल स्टार्टअप्स, एमएसएमई और उद्यमियों के लिए अनुपालन लागत को कम करने के लिए एक निर्धारित समय-सीमा के भीतर काम करेगा। समिति मनमानी कानूनी कार्रवाई के भय से मुक्ति प्रदान करेगी, और व्यापार में आसानी (Ease of doing business) के लिए कानूनों को सुव्यवस्थित करना सुनिश्चित करेगी।

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