आर्थिक पैकेज: कोल सेक्टर में सरकार का एकाधिकार होगा खत्म, रक्षा क्षेत्र में 74 फीसदी FDI
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Sat, 16 May 2020 05:27 PM IST
डिंपल अलवधी
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: डिंपल अलवधी
Updated Sat, 16 May 2020 05:27 PM IST
खास बातें
कोरोना संकटकाल में मंदी से जूझ रही अर्थव्यवस्था में जान फूंकने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आत्मनिर्भर भारत अभियान का आगाज किया है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 20 लाख करोड़ रुपये के आर्थिक पैकेज की चौथी किस्त का एलान किया। आर्थिक पैकेज की पहली किस्त का एलान बुधवार को हुआ था।
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वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण
- फोटो : ANI
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लाइव अपडेट
05:26 PM, 16-May-2020
उन्होंने कहा कि भारत ने कोरोना वायरस के दौरान और पहले केंसर के लिए भी दुनिया के कई देशों को दवाईयां भेजी हैं। इस दिशा में और आगे बढ़ना है। उन्होंने कहा कि पीपीपी मॉडल में एकीकृत खाद्य संरक्षण केंद्र स्थापना होगी। वित्त मंत्री ने कहा कि परमाणु ऊर्जा से जुड़े सुधार में रिसर्च रीएक्टर की स्थापना पीपीपी मॉडल में होगी। इससे मानवता की सेवा को बल मिलेगा। इसका मकसद मेडिकल आइसोटॉप बनाना होगा। देश के युवा टैलेंट की मदद से कैंसल समेत अन्य बीमारियों के लिए सस्ता ट्रीटमेंट उपलब्ध कराया जाएगा।
05:23 PM, 16-May-2020
अंतरिक्ष क्षेत्र में इसरो ने भारत को काफी ख्याति दिलाई है। वित्त मंत्री ने कहा कि अंतरिक्ष के क्षेत्र में निजी कंपनियों को मौका दिया जाएगा। इसके लिए सरकार उपग्रहों, प्रक्षेपण एवं अंतरिक्ष आधारित सेवाओं को लेकर निजी कंपनियों को लेवल प्लेइंग फील्ड उपलब्ध कराएगी। ISRO की सुविधाओें का प्रयोग भी निजी कंपनियां कर पाएंगी।
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05:22 PM, 16-May-2020
वित्त मंत्री ने कहा कि सोशल इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने की जरूरत है। इसके लिए इसमें निजी निवेश को बल देने के लिए कुछ बदलाव किए गए हैं। इसके लिए 30 फीसदी केंद्र और 30 फीसदी राज्य सरकारों द्वारा फंडिंग होगी। इसके लिए 8100 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। बाकी सेक्टर्स में 20-20 फीसदी ही रहेगा।
05:16 PM, 16-May-2020
केंद्र शासित प्रदेशों में बिजली वितरण कंपनियों का निजीकरण किया जाएगा। इसके लिए एक टैरिफ पॉलिसी लाई जाएगी। इसमें इस चीज का ध्यान रखा जाएगा कि उपभोक्ताओं को उनका अधिकार हासिल हो सके। इससे विद्युत उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा। कंपनियों में प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी। बिजली क्षेत्र में स्थिरता आएगी। डीबीटी के माध्यम से स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगाए जाएंगे।
05:11 PM, 16-May-2020
MRO इकोसिस्टम बनाने के लिए टैक्स व्यवस्था को आसान बनाया गया है। इससे 800 से 2000 करोड़ रुपये तीन सालों में जो एयरक्राफ्ट की मेंटेनेंस के लिए खर्च होता है, उसमें बचत होगी। डिफेंस और सिविल सेक्टर को कन्वर्ज करके भी इसके लिए बढ़ावा दिया जा सकता है।
05:10 PM, 16-May-2020
इससे लगभग 2300 करोड़ की डाउन पेमेंट मिलेगी। 12 हवाई अड्डों में पहले और दूसरे चरण में लगभग 13,000 करोड़ रुपये का निवेश आएगा। छह अन्य एयरपोर्ट्स की नीलामी तीसरे चरण में होगी।
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05:07 PM, 16-May-2020
एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (AAI) ने छह में से तीन हवाई अड्डों का अनुबंध प्रदान किया है। पीपीपी के माध्यम से इसके लिए काम होगा। उन्होंने कहा कि पीपीपी मॉडल के तहत 6 नए एयरपोर्ट्स की नीलामी होगी।
04:55 PM, 16-May-2020
सिविल एविएशन सेक्टर को लेकर तीन कदम हैं। भारतीय नागरिक विमानों को लंबे रास्ते लेने पड़ते हैं। भारतीय हवाई क्षेत्र को सुगम बनाने के लिए मिलिटरी अफेयर विभाग के साथ समन्वय करके इसको दो महीने के अंतर्गत सुलझा लिया जाएगा। इससे विमानन क्षेत्र को 1 हजार करोड़ रुपये का फायदा होगा। एयर फ्यूल भी बचेगा और पर्यावरण भी बचेगा।
04:52 PM, 16-May-2020
समयबद्ध रक्षा खरीद के लिए सरकार कदम उठाएगी। इसके साथ ही ट्रायल और टेस्टिंग प्रक्रिया को बेहतर बनाया जाएगा। रक्षा उत्पादन में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) लिमिट 49 फीसदी से बढ़ाकर 74 फीसदी कर दी जाएगी।
04:44 PM, 16-May-2020
रक्षा उत्पादन में आत्मनिर्भर बनने के लिए मेक इन इंडिया जरूरी है। इसके लिए कई कदम उठाए गए। साल दर साल हथियारों की लिस्ट को नोटिफाई किया जाएगा और आयात के लिए प्रतिबंध लगाया जाएगा। इनकी स्वदेशी आपूर्ति की जाएगी। इसके लिए अलग से बजट का प्रावधान किया जाएगा। इससे डिफेंस आयात बिल में भारी कटौती होगी, जिसका सीधा लाभ भारत में की उन कंपनियों को मिलेगा जो हिंदुस्तान में सैन्य सामान की आपूर्ति करेंगी। इस दिशा में जवाबदेही के लिए ऑर्डनेंस फैक्ट्री बोर्ड का निगमीकरण करने की बात हम कर रहे हैं ताकि कामकाज में सुधार हो।