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देश में महिलाओं का वेतन पुरुषों से 19 फीसदी कम, अनुभव के साथ बढ़ रही असमानता

Thu, 07 Mar 2019 05:37 PM IST
paliwal पालीवाल बिजनेस डेस्क, अमर उजाला
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला Published by: paliwal पालीवाल Updated Thu, 07 Mar 2019 05:37 PM IST
सार

  • कम होने के बावजूद अब भी अधिक है महिलाओं-पुरुषों के वेतन में अंतर
  • एक घंटा काम करने के बदले पुरुषों को 46.19 रुपये अधिक मिलते हैं महिलाओं के मुकाबले 
  • 26 फीसदी वेतन अधिक मिलता है पुरुषों को आईटी/आईटीईएस सेवाओं में 
  • 24 फीसदी वेतन महिलाओं को कम मिलता है मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्र में 

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females get 19 percent less salary than their male counterpart

विस्तार

भारत में महिलाओं को पुरुषों के मुकाबले 19 फीसदी कम वेतन मिलता है। वेतन में यह असमानता सभी संबंधित क्षेत्रों में मौजूद है। यह बात बृहस्पतिवार को जारी मॉन्सटर सैलरी इंडेक्स (एमएसआई) में सामने आई है। इसके मुताबिक, भारत में वेतन में यह अंतर बढ़कर 19 फीसदी हो गया है।

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वहीं, पुरुषों को एक घंटा काम करने के बदले महिलाओं से 46.19 रुपये अधिक दिए जाते हैं। 2018 में पुरुषों को एक घंटा काम करने के लिए जहां 242.49 रुपये मिले, वहीं महिलाओं को सिर्फ 196.3 रुपये ही दिए गए।
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वेतन में सबसे अधिक असमानता आईटी/आईटीईएस सेवाओं में देखने को मिला। आईटी/आईटीईएस सेवाओं में पुरुषों को महिलाओं के मुकाबले 26 फीसदी और मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्र में 24 फीसदी अधिक वेतन दिया जाता है।

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इन क्षेत्रों में भी महिलाओं को कम वेतन

आईटी/आईटीईएस एवं मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्र के अलावा पुरुषों को हेल्थकेयर, देखभाल सेवाएं और सामाजिक कार्यों जैसे क्षेत्रों में भी महिलाओं के मुकाबले 21 फीसदी अधिक वेतन दिया जाता है, जबकि इन क्षेत्रों को महिलाओं के लिहाज से सबसे अच्छा माना जाता है। हालांकि, वित्तीय सेवाओं, बैंकिंग और बीमा क्षेत्र में महिलाओं की स्थिति अच्छी है। इन क्षेत्रों में वेतन में असमानता महज 2 फीसदी ही है।

females get 19 percent less salary than their male counterpart

अनुभव के साथ बढ़ती है असमानता

रिपोर्ट में कहा गया है कि वेतन में अंतर अनुभव बढ़ने के साथ बढ़ता जाता है। हालांकि, प्रारंभिक वर्षों में यह मध्यम रहता है, जबकि कार्यकाल बढ़ने के साथ यह काफी बढ़ जाता है। 10 साल से अधिक अनुभव के बाद वेतन में अंतर शीर्ष पर पहुंच जाता है। इस दौरान महिलाओं के मुकाबले पुरुष 15 फीसदी अधिक कमाते हैं। हालांकि, 2017 के 20 फीसदी के मुकाबले 2018 में वेतन में असमानता महज एक फीसदी घटकर 19 फीसदी रहा।

काम को लेकर महिलाओं से भेदभाव

मॉन्सटर डॉट कॉम ने भारत में कामकाजी महिलाओं और कार्यस्थल पर उनकी चिंताओं को समझने के लिए भारतीय कंपनियों में काम करने वाली महिलाओं का सर्वे किया। इसमें 71 फीसदी पुरुषों और 66 फीसदी महिलाओं ने माना कि हर संस्थान को स्त्री-पुरुष में समानता को प्राथमिकता देने की आवश्यकता है। वहीं, 60 फीसदी अधिक महिलाओं ने माना कि उनके साथ काम को लेकर भेदभाव किया जाता है। भेदभाव का सबसे उल्लेखनीय रूप यह है कि ऐसा माना जाता है कि महिलाएं शादी के बाद काम के प्रति कम गंभीर होती हैं।

पुरुषों और महिलाओं के वेतन में अंतर केवल एक फीसदी ही कम होना चिंता का कारण नहीं है बल्कि अगर हम पर्याप्त कर रहे हैं तो वास्तव में यह आत्मनिरीक्षण करने के लिए चेतावनी है। यह कॉरपोरेट्स एवं उद्योगों में वेतन समानता की दिशा में काम करने के लिए निर्णायक बनाता है। - अभिजीत मुखर्जी, सीईओ, मॉन्सटर डॉट कॉम 

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