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फेसबुक की क्रिप्टोकरंसी पर डोनाल्ड ट्रंप ने साधा निशाना, कहा इसकी कोई विश्वसनीयता नहीं

Sun, 14 Jul 2019 02:04 PM IST
‌डिंपल अलवधी बिजनेस डेस्क, अमर उजाला
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला Published by: ‌डिंपल अलवधी Updated Sun, 14 Jul 2019 02:04 PM IST
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facebook virtual currency libra on target of Donald Trump

फेसबुक ने पिछले महीने ही लिब्रा (Libra) नाम से अपनी क्रिप्टोकरंसी लॉन्च की है, लेकिन भारतीय बाजार के लिए लिब्रा की राह मुश्किल होती नजर आ रही है। अब लिब्रा करंसी अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और वैश्विक नियामकों के निशाने पर है। ट्रंप ने इस करंसी को आधारहीन और अविश्वसनीय बताया है। इसके साथ ही व्यापक क्रिप्टोकरंसी समुदाय ने भी इस पर संशय जताया है।

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लंदन के वित्तीय प्रौद्योगिकी या फिनटेक उद्योग के प्रभावशाली लोग वर्चुअल करंसी के भविष्य पर बातचीत करने के लिए एकत्रित हुए। 'फिनटेक वीक' में एक कार्यक्रम में पूछा गया कि जो लोग लिब्रा का इस्तेमाल करने के इच्छुक नहीं है, वे अपने हाथ उठाएं। करीब 100 विशेषज्ञों और मीडियाकर्मियों से भरे कमरे में दो तिहाई लोगों ने अपने हाथ उठाकर फेसबुक की आभासी मुद्रा पर अविश्वास जताया।

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बिटक्वाइन को चुनौती देने वाला है लिब्रा 

ऐसा माना जा रहा है कि लिब्रा वैश्विक तौर पर हावी आभासी मुद्रा बिटक्वाइन को चुनौती देने वाला है। इसके 2020 की पहली छमाही में इसके आरंभ होने की संभावना है।

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स्मार्टफोन पर लिब्रा का इस्तेमाल करने के लिए यूजर को आभासी वॉलेट पर जाना होगा, जिसका नाम कैलिब्रा दिया जाएगा। फेसबुक ने अपनी क्रिप्टोकरंसी लिब्रा के लिए 27 कंपनियों से साझेदारी की है जिनमें पेपल, वीजा ऊबर जैसी कंपनियों के नाम हैं।

लिब्रा की कोई विश्वसनीयता नहीं - ट्रंप 

ट्रंप ने आभासी मुद्राओं पर हमला करते हुए कथित अस्पष्ट प्रकृति के लिए उनकी आलोचना की और दलील दी कि लिब्रा का कोई आधार नहीं है और ना ही कोई विश्वसनीयता है।

भारत में लॉन्च नहीं होगी फेसबुक की क्रिप्टोकरंसी

पिछले साल अप्रैल में रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने भारत में सभी प्रकार की क्रिप्टोकरंसी पर प्रतिबंध लगा दिया था। वहीं पिछले महीने ही क्रिप्टोकरंसी पर प्रतिबंध और आधिकारिक डिजिटल मुद्रा विधेयक, 2019 (Banning of Cryptocurrency and Regulation of Official Digital Currency Bill, 2019) के ड्राफ्ट में यह प्रस्ताव दिया गया है कि देश में क्रिप्टोकरंसी की खरीद-बिक्री करने वालों को 10 साल की जेल की सजा मिलेगी। ड्राफ्ट के मुताबिक इसकी जद में क्रिप्टोकरंसी तैयार करने वाले, बेचने वाले, रखने वाले और किसी भी तरह से डील करने वाले ऐसे सभी लोग आएंगे। इन सभी मामलों में दोषी पाए जाने पर 10 साल की जेल होगी। 

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