धनतेरस-दिवाली और सोना: सोने-चांदी की कीमतों में गिरावट से मांग मजबूत रहने की उम्मीद, विशेषज्ञों की क्या राय?
- सोने और चांदी की कीमतों करेक्शन आया है। उतार-चढ़ाव के बाद भी त्योहारों के दौरान फिजिकल मांग को सहारा मिल रहा है।
- नवरात्रि के बाद से हमने खपत और मांग, आभूषण और फिजिकल मांग में अच्छी वृद्धि देखी गई है। हमें उम्मीद है कि त्योहारों के मौसम में यह मांग बनी रहेगी।
विस्तार
सोने की कीमतें अक्तूबर के उच्चतम स्तर से लगभग पांच प्रतिशत नीचे आ गई हैं। यह रुझान में बदलाव के बजाए कीमतों में एक स्वस्थ सुधार दर्शता है। धनतेरस और दिवाली से पहले सोन-चांदी की कीमतों में गिरावट सोने की मांग को मजबूत करेगी। विशेषज्ञों और उद्योग का कहना है, नवरात्री से ही सोने की कीमतों बहुत अधिक वृद्धि नहीं होने की वजह से मांग बनी हुई है। धनतेरस और दिवाली में मजबूत मांग की उम्मीद कारोबारी कर रहे हैं। इस मौके पर बिक्री बढ़ाने के लिए विशेष ऑफर और छूट भी दी जा रही है।
त्योहारों के मौसम में मांग के बारे में क्या उम्मीद?
कोटक नियो के करेंसी और कमोडिटी रिसर्च के प्रमुख अनिंद्या बनर्जी ने अमर उजाला डॉटकॉम के साथ बातचीत में बताया, सोने और चांदी की कीमतों करेक्शन आया है। उतार-चढ़ाव के बाद भी त्योहारों के दौरान फिजिकल मांग को सहारा मिल रहा है। नवरात्रि के बाद से हमने खपत और मांग, आभूषण और फिजिकल मांग में अच्छी वृद्धि देखी गई है। हमें उम्मीद है कि त्योहारों के मौसम में यह मांग बनी रहेगी। केंद्रीय बैंकों द्वारा की जा रही सोने की खरीदारी एक्युमुलेशन और इंस्टीट्यूशन बाइंग लंबे समय तक सहारा देते रहेंगे। उन्होंने बताया, इस त्योहारी सीजन में, सोने की मांग मजबूत रहने की उम्मीद है क्योंकि उपभोक्ता सोने को वैल्यू पर भरोसेमंद संग्रह मानते हैं।
हालांकि सोने की कीमतें ऊंचाई से कम हुई हैं, हम इसे एक मौके के तौर पर देखते हैं और सोने पर भरोसा बना हुआ है। आज के खरीदार अपने खरीदने के फैसलों में अधिक जानकारी से लेता है। कीमतें अधिक होने की वजह से ग्राहक इसके वजन को कम कर सकते हैं। उपभोक्ता अब डिजाइन और वैल्यू के साथ-साथ शुद्धता और पारदर्शिता को महत्व देते हैं। आभूषण खरीदने में भरोसा एक अहम फैक्टर बनता जा रहा है। सोना अभी पारंपरिक रूप से सुरक्षित निवेश की बजाए मैक्रोइकॉनामिक फंडामंटल्स को ट्रैक कर रहा है। उन्होंने बताया कि बढ़ती कच्चे तेल की कीमतों ने फेडरल रिजर्व के ब्याज दर बढ़ाने की उम्मीदों को बढ़ा दिया है, जिससे हाल ही में बुलियन में बिकवाली का दबाव बढ़ा है।
पिछले साल दिवाली से अब तक कीमतें कितनी बढ़ीं?
बनर्जी ने बताया, सोने की कीमतों में 29 जनवरी 2026 की उच्चतम स्तर 1,80,779 रुपये प्रति दस ग्राम के से अभी तक 21 प्रतिशत की गिरावट आई है। यदि पिछले साल की दिवाली से अभी तक देखे तों सोने की कीमतों 11 से 12 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। एमसीएक्स के आंकड़ों को देखें तो पिछले साल दिवाली पर सोने की कीमत 1.27-1.28 लाख रुपये प्रति दस ग्राम, इस साल अभी तक 1.42-1.43 रुपये प्रति दस ग्राम पर है।
चांदी की कीमतों में क्या बदलाव आया?
उन्होंने कहा, इस साल चांदी 29 जनवरी 2026 में अपने उच्चतम स्तर 4.20 लाख रुपये प्रतिकिलो के स्तर से अभी तक 53 प्रतिशत की गिरावट आई है। पिछले साल दिवाली से दिवाली के बीच चांदी की कीमतों में 24 से 25 प्रतिशत तक की वृद्धि हुई है। पिछले साल दिवाली में चांदी 1.58 रुपये प्रतिकिलो पर थी, जो मौजूदा समय में 1.96 लाख रुपये पर कारोबार रही है।
सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट आने की वजह क्या?
ब्रिकवर्क रेटिंग्स के अनुसंधान प्रमुख, राजीव शरण कहते हैं, सोने की कीमत अक्टूबर के उच्चतम स्तर से लगभग 5 प्रतिशत नीचे आ गई है, और यह रुझान में बदलाव के बजाय एक स्वस्थ सुधार प्रतीत होता है। यह गिरावट तेज उछाल के बाद मुनाफावसूली, अमेरिकी डॉलर की मजबूती, अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में वृद्धि और फेड द्वारा ब्याज दरों में कटौती की उम्मीदों में कमी के कारण हुई है, जिससे ब्याज कमाने वाली संपत्तियों के मुकाबले सोने का आकर्षण कम हो गया है। भू-राजनीतिक तनाव में कमी से भी सुरक्षित निवेश की मांग घटी है। निकट भविष्य में, कीमतें अस्थिर और सीमित दायरे में रहने की संभावना है, जिसमें फेड की नीति और डॉलर दिशा तय करेंगे।
क्या कीमतों में आई गिरावट निवेशकों के लिए खरीदारी का अवसर?
शरण कहते हैं, निवेशकों के लिए, यह गिरावट रणनीतिक खरीदारी का अवसर प्रदान करती है, हालांकि एक साथ खरीदने के बजाय चरणबद्ध तरीके से खरीदना अधिक समझदारी है, क्योंकि सोना त्वरित व्यापार के बजाय पोर्टफोलियो बीमा के रूप में काम करता है। त्योहारी और शादी समारोहों के दौरान मांग, साथ ही केंद्रीय बैंकों द्वारा लगातार खरीदारी, गिरावट को कुछ हद तक कम कर सकती है।
क्या भविष्य में सोने को फिर मिलेगा समर्थन?
मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज लिमिटेड के कमोडिटी एनालिस्ट मानव मोदी कहते हैं, भू-राजनीतिक तनाव कम होने के बावजूद, मजबूत निवेश, केंद्रीय बैंकों की मांग, राजकोषीय चिंताओं और ट्रेजरी यील्ड में कुछ नरमी के कारण सोने की कीमत 4,000 डॉलर के आसपास बनी हुई है। ध्यान देने वाली बात यह है कि सोने और कच्चे तेल के बीच हमेशा कोई सीधा संबंध नहीं होता है। भू-राजनीतिक तनाव शुरू में 'सेफ-हेवन' (सुरक्षित निवेश) की मांग और आपूर्ति-जोखिम प्रीमियम के कारण दोनों की कीमतों को बढ़ा सकते हैं।
लेकिन कच्चे तेल की कीमतें लंबे समय तक ऊंची रहने से महंगाई की उम्मीदें बढ़ सकती हैं, यील्ड में उछाल आ सकता है और फेड की नीति के और सख्त होने की संभावना बढ़ सकती है। इसका असर यह होगा कि सोने (जिस पर कोई ब्याज या रिटर्न नहीं मिलता) पर दबाव पड़ेगा। इसके विपरीत, कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट से महंगाई की चिंताएं और ब्याज दरें बढ़ने की उम्मीदें कम हो सकती हैं। इससे यील्ड में नरमी आएगी और भू-राजनीतिक जोखिम प्रीमियम कम होने के बावजूद सोने को समर्थन मिलेगा।
त्योहारों के लिए सोने की कीमतों का लक्ष्य क्या?
एनरिच मनी के सीईओ पोनमुडी आर ने कहा, तुरंत रेजिस्टेंस 1,43,000 से 1,43,700 रुपये का जोन है, इसके बाद अगला रेजिस्टेंस जोन 1,45,300 से 1,46,000 रुपये का है। तुरंत सपोर्ट ₹ 1,40,000 से ₹ 1,41,000 ज़ोन है।
त्योहारों के लिए ज्वेलर्स किस तैयारी में?
सोने और चांदी की कीमतें जो कि पिछले साल की तुलना में अधिक रही हैं ऐसे में हाल में कीमती धातुओं के मूल्यों में गिरावट ने ज्वेलर्स को थोड़ी राहत अवश्य दी है। धनतेरस और दिवाली में अपनी बिक्री को बढ़ाने के लिए संगठित रिटेल ज्वेलर्स से लेकर छोटे ज्वेलर्स उपभोक्ताओं को 20 से 25 प्रतिशत तक की मैकिंग चार्जिंग की छूट और हल्के वजन के गहनों पर विशेष ऑफर दे रहे हैं। वुमिडी बंगारू ज्वैलर्स के मैनेजिंग पार्टनर अमरेंद्रन वुमिदी ने कहा, दिवाली आभूषणों की खरीदारी के लिए विशेष अवसर होता है।
ग्राहक सोने, हीरे, प्लेटिनम और कीमती पत्थरों से बनी ज्वेलरी, साथ ही चांदी के सामानों की मेकिंग चार्ज और वैल्यू एडिशन (वीए) पर 20 प्रतिशत की छूट पा सकते हैं। हम चांदी की ज्वेलरी पर भी 10 प्रतिशत की छूट और पुराना सोना बदलने पर प्रति ग्राम 125 रुपये का अतिरिक्त लाभ अपने ग्राहकों को दे रहे हैं। उन्होंने कहा हम अपने ग्राहकों को हमारे सभी कलेक्शन पर अतिरिक्त फायदा देना चाहते हैं। इसके अलावा तनिष्क, पीएन गाडिगिल और कल्याण ज्वैलर्स भी ग्राहकों के लिए मैकिंग चार्ज पर 20 से 25 प्रतिशत तक की छूट और विशेष ऑफर दे रहे हैं।
चीन में क्यों हो रही सोने की जमकर खरीदारी?
सोने की कीमतों में गिरावट आने की वजह से चीन में शेन्जेन स्थित गोल्ड ट्रेडिंग हब में लोगों के बीच सोना खरीदारी करने की होड़ से लगी हुई है। सोना खरीदारी करने के लिए लोग ऐसे जुट रहे हैं, कि जैसे कि किसी सब्जी मंडी में सब्जी खरीदारी करने के लिए भीड़ जुटती है। ग्लोबल टाइम्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, चीनी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर नेटिजन्स के जरिए शेयर की गई तस्वीरों और विडियो से पता चलता है, कि वहां के सर्राफा बाजारों में अत्यधिक भीड़ होने की वजह से लोग मुश्किल से हिलडुल पा रहे हैं।
रिपोर्ट की माने तो चीन के शेन्जेन के शुइबेई गोल्ड मार्केट में भारी भीड़ देखी गई है, जो कि हाल ही अंतरराष्ट्रीय बुलियन की कीमतों में आई तेज गिरावट के बाद देखने को मिल रही है। 23 अक्टूबर 2026 को स्पॉट गोल्ड साइकोलॉजिकली 4,000 डॉलर प्रति औंस के स्तर से नीचे आ गई और यह 0.72 प्रतिशत की गिरावट के साथ 3,995,63 डॉलर पर बंद हुआ। कीमती पीली धातु में जून के बाद यह किसी हफ्ते की सबसे बड़ी गिरावट है, जो लगभग 4 प्रतिशत की है।