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World Bank: भारत के कार्यबल में महिलाओं की भागीदारी बढ़ी, रिपोर्ट में रोजगार और गरीबी पर की गई यह टिप्पणी

Sat, 26 Apr 2025 12:29 PM IST
कुमार विवेक बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: कुमार विवेक Updated Sat, 26 Apr 2025 12:29 PM IST
सार

World Bank: विश्व बैंक की गरीबी के बारे में रिपोर्ट में कहा गया है कि पांच सबसे अधिक आबादी वाले राज्य- उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, बिहार, पश्चिम बंगाल और मध्य प्रदेश में 2011-12 में भारत की अत्यंत गरीब आबादी के 65 प्रतिशत हिस्सा थे। इन राज्यों ने समय के साथ गरीबी में कमी लाने में सफलता हासिल की है। 2022-23 इन राज्यों में  देश के 54 प्रतिशत अत्यंत गरीब और 51 प्रतिशत बहुआयामी गरीब रहते हैं। आइए इस बारे में विस्तार से जानें।

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Employment in India grown faster than working-age population: World Bank report
World Bank, विश्व बैंक - फोटो : एएनआई

विस्तार

भारत में रोजगार वृद्धि में सकारात्मक रुझान देखने को मिल रहा है। वित्तीय वर्ष 2021-22 से देश में रोजगार कामकाजी आयु वर्ग की आबादी की तुलना में अधिक तेजी से बढ़ा है। इस वृद्धि का एक महत्वपूर्ण पहलू कार्यबल में महिलाओं की भागीदारी में इजाफा है। विश्व बैंक ने अपनी एक हालिया रिपोर्ट में यह बात कही।

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विश्व बैंक की रिपोर्ट में कहा गया है, "2021-22 से रोजगार वृद्धि कामकाजी आयु वर्ग की आबादी से आगे निकल गई है। रोजगार दरें, विशेष रूप से महिलाओं के बीच बढ़ रही हैं।शहरी बेरोजगारी में भी कमी आई है। वित्तीय वर्ष 2024-25 की पहली तिमाही में यह 6.6 प्रतिशत तक गिर गई। यह स्तर 2017-18 के बाद सबसे कम है।"
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रिपोर्ट में शहरी बेरोजगारी में भी तेज गिरावट का उल्लेख किया गया है। वित्तीय वर्ष 2024-25 की पहली तिमाही में शहरी बेरोजगारी 6.6 प्रतिशत तक गिर गई। यह 2017-18 के बाद से दर्ज किया गया सबसे निचला स्तर है। 2018-19 के बाद पहली बार, रोजगार की तलाश में ग्रामीण क्षेत्रों से शहरों की ओर अधिक पुरुष पलायन कर रहे हैं। साथ ही, ग्रामीण महिलाएं कृषि क्षेत्र में तेजी से नौकरी कर रही हैं, जो देश भर में रोजगार के पैटर्न में बदलाव का संकेत देता है।


विश्व बैंक की रिपोर्ट में लगातार सामने आ रही चुनौतियों की ओर भी इशारा किया गया है। रिपोर्ट के अनुसार युवा बेरोजगारी 13.3 प्रतिशत है। उच्च शिक्षा पूरी करने वालों में यह दर और भी अधिक है। उनमें से 29 प्रतिशत अभी भी नौकरी की तलाश में हैं। विश्व बैंक की रिपोर्ट में कहा गया है, "केवल 23 प्रतिशत गैर-कृषि भुगतान वाली नौकरियाँ औपचारिक हैं, और अधिकांश कृषि रोजगार अनौपचारिक हैं।"

रिपोर्ट में स्व-रोजगार में वृद्धि पर भी प्रकाश डाला गया है, विशेष रूप से ग्रामीण श्रमिकों और महिलाओं के बीच। नियमित नौकरी करने के बजाय खुद के लिए काम करना पसंद करने वाले व्यक्तियों की संख्या बढ़ रही है।


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महिला रोजगार में सुधार के बावजूद, असमानताएं बनी हुई हैं। महिला रोजगार दर 31 प्रतिशत तक पहुँच गई है, लेकिन अभी भी भुगतान वाली नौकरियों में महिलाओं की तुलना में 234 मिलियन अधिक पुरुष हैं।

विश्व बैंक की रिपोर्ट में कहा गया है, "महिलाओं की रोजगार दर 31 प्रतिशत होने के बावजूद, लैंगिक असमानता बनी हुई है, जिसमें 234 मिलियन से अधिक पुरुष वेतनभोगी काम कर रहे हैं।" गरीबी के बारे में रिपोर्ट में कहा गया है कि पांच सबसे अधिक आबादी वाले राज्य- उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, बिहार, पश्चिम बंगाल और मध्य प्रदेश में 2011-12 में भारत की अत्यंत गरीब आबादी के 65 प्रतिशत हिस्सा थे। हालांकि इन राज्यों ने समय के साथ गरीबी में कमी लाने में सफलता हासिल की। 2022-23 में, इन राज्यों में देश के 54 प्रतिशत अत्यंत गरीब और 51 प्रतिशत बहुआयामी गरीब रहते हैं।

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