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Budget: राजकोषीय घाटा 4.5 फीसदी लाने पर जोर, बजट में 2024-25 का लक्ष्य 4.9 प्रतिशत
Wed, 24 Jul 2024 06:55 AM IST
विशांत श्रीवास्तव
अमर उजाला, ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला, ब्यूरो, नई दिल्ली
Published by: विशांत श्रीवास्तव
Updated Wed, 24 Jul 2024 06:55 AM IST
सार
सरकार का अब राजकोषीय घाटा 4.5 फीसदी लाने पर जोर है। चालू वित्त वर्ष 2024-25 के लिए राजकोषीय घाटे का लक्ष्य घटाकर 4.9 प्रतिशत रखा है।
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केंद्रीय बजट
- फोटो : amarujala.com
विस्तार
राजस्व संग्रह में सुधार से खुश मोदी सरकार ने चालू वित्त वर्ष 2024-25 के लिए राजकोषीय घाटे का लक्ष्य घटाकर 4.9 प्रतिशत रखा है। फरवरी के अंतरिम बजट में इसके 5.1 फीसदी रहने का अनुमान लगाया गया था।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि हमारा लक्ष्य अगले वर्ष घाटे को 4.5 प्रतिशत से नीचे लाना है। सरकार इस राह पर बने रहने के लिए प्रतिबद्ध है। वित्त वर्ष 2026-27 के बाद हमारा प्रयास प्रत्येक वर्ष राजकोषीय घाटे को इस स्तर पर बनाए रखना होगा कि केंद्र सरकार का ऋण सकल घरेलू उत्पाद के प्रतिशत के रूप में कम होता रहे।
सरकार ने राजकोषीय घाटे (राजस्व प्राप्ति तथा व्यय के बीच का अंतर) को पूरा करने के लिए अपने कुल बाजार कर्ज लक्ष्य में भी करीब 12,000 करोड़ रुपये की कटौती की है। राजकोषीय घाटा चालू वित्त वर्ष के लिए पहले अनुमानित 16.85 लाख करोड़ रुपये की तुलना में घटकर 16.14 लाख करोड़ रुपये रहने का अनुमान है।
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विजन दस्तावेज से वित्तीय क्षेत्र को दिशा
अर्थव्यवस्था की वित्तीय जरूरतों को पूरा करने के लिए सरकार आकार, क्षमता और कौशल बढ़ाने के लिहाज से वित्तीय क्षेत्र विजन और कार्यनीति दस्तावेज लाएगी। इसमें अगले पांच वर्ष के लिए कार्यसूची निर्धारित की जाएगी। इसके तहत सरकार विनियामकों, वित्तीय संस्थाओं व बाजार भागीदारों के काम को मार्गदर्शन देगी। वहीं, श्रमिकों के लिए भी कई सेवाओं की सुविधा देगी।
वनस्टॉप समाधान की सुविधा मिलेगी
ई-श्रम पोर्टल को अन्य पोर्टलों के साथ इंटीग्रेट करने से वन-स्टॉप समाधान की सुविधा मिलेगी। तेजी से बदलते श्रम बाजार में कुशल श्रमिक मुहैया कराने के उद्देश्य से खुली संरचना वाले डाटाबेस के जरिये रोजगार आकांक्षियों को संभावित नियोक्ताओं और कौशल प्रदाताओं एकसाथ जोड़ा जा सकेगा।
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वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि हमारा लक्ष्य अगले वर्ष घाटे को 4.5 प्रतिशत से नीचे लाना है। सरकार इस राह पर बने रहने के लिए प्रतिबद्ध है। वित्त वर्ष 2026-27 के बाद हमारा प्रयास प्रत्येक वर्ष राजकोषीय घाटे को इस स्तर पर बनाए रखना होगा कि केंद्र सरकार का ऋण सकल घरेलू उत्पाद के प्रतिशत के रूप में कम होता रहे।
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सरकार ने राजकोषीय घाटे (राजस्व प्राप्ति तथा व्यय के बीच का अंतर) को पूरा करने के लिए अपने कुल बाजार कर्ज लक्ष्य में भी करीब 12,000 करोड़ रुपये की कटौती की है। राजकोषीय घाटा चालू वित्त वर्ष के लिए पहले अनुमानित 16.85 लाख करोड़ रुपये की तुलना में घटकर 16.14 लाख करोड़ रुपये रहने का अनुमान है।
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विजन दस्तावेज से वित्तीय क्षेत्र को दिशा
अर्थव्यवस्था की वित्तीय जरूरतों को पूरा करने के लिए सरकार आकार, क्षमता और कौशल बढ़ाने के लिहाज से वित्तीय क्षेत्र विजन और कार्यनीति दस्तावेज लाएगी। इसमें अगले पांच वर्ष के लिए कार्यसूची निर्धारित की जाएगी। इसके तहत सरकार विनियामकों, वित्तीय संस्थाओं व बाजार भागीदारों के काम को मार्गदर्शन देगी। वहीं, श्रमिकों के लिए भी कई सेवाओं की सुविधा देगी।
वनस्टॉप समाधान की सुविधा मिलेगी
ई-श्रम पोर्टल को अन्य पोर्टलों के साथ इंटीग्रेट करने से वन-स्टॉप समाधान की सुविधा मिलेगी। तेजी से बदलते श्रम बाजार में कुशल श्रमिक मुहैया कराने के उद्देश्य से खुली संरचना वाले डाटाबेस के जरिये रोजगार आकांक्षियों को संभावित नियोक्ताओं और कौशल प्रदाताओं एकसाथ जोड़ा जा सकेगा।