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ईएलएसएस: टैक्स बचाने का बेहतर विकल्प, 500 रुपये से शुरू कर सकते हैं निवेश

Mon, 22 Mar 2021 05:37 AM IST
Kuldeep Singh कालीचरण, नई दिल्ली
कालीचरण, नई दिल्ली Published by: Kuldeep Singh Updated Mon, 22 Mar 2021 05:37 AM IST
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ELSS: better option to save tax, can start investing only 500 rupees
ईएलएसएस - फोटो : अमर उजाला

2020-21 का आखिरी महीना चल रहा है और 31 मार्च, 2021 नजदीक आ रही है। इस दौरान ज्यादातर करदाता टैक्स बचाने के लिए कई विकल्पों में निवेश करते हैं। अगर आप भी टैक्स बचत के लिए सबसे कम लॉक-इन अवधि वाले विकल्प की तलाश में हैं तो म्यूचुअल फंड की इक्विटी लिंक्ड सेविंग स्कीम (ईएलएसएस) में निवेश पर विचार कर सकते हैं। यह न सिर्फ टैक्स देनदारी को कम करता है बल्कि लंबी अवधि में बचत को भी बढ़ाता है।

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ईएलएसएस योजनाओं में निवेश कर आयकर कानून की धारा 80सी के तहत 1.5 लाख रुपये तक छूट पा सकते हैं। ईएलएसएस की ज्यादातर राशि इक्विटी में लगाई जाती है। इसलिए बैंक एफडी के मुकाबले इसमें जोखिम ज्यादा रहता है। हालांकि, बाजार में उतार-चढ़ाव के डर से म्यूचुअल फंड में निवेश से हिचकना नहीं चाहिए।
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ऐसे शुरू कर सकते हैं निवेश
ईएलएसएस में निवेश करने के लिए केवाईसी प्रक्रिया से गुजरना जरूरी है। फंड हाउस के ब्रांच ऑफिस या रजिस्ट्रार ऑफिस में चेक के साथ फॉर्म भरना पड़ता है। फंड हाउस की वेबसाइट या फिर एग्रीगेटर के जरिए ऑनलाइन तरीके से भी निवेश कर सकते हैं। एक बार निवेश हो जाने पर आपको एक फोलियो नंबर मिलता है, जिसके जरिए भविष्य में ईएलएसएस योजनाओं में निवेश शुरू कर सकते हैं।  लाख रुपये तक 80सी के तहत टैक्स छूट पा सकते हैं।
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एक लाख रुपये तक कैपिटल गेंस पर नहीं देना होगा कर
लॉक-इन अवधि खत्म होने के बाद ईएलएसएस योजनाओं से निकासी पर टैक्स देना पड़ता है। मौजूदा आयकर कानून के अनुसार, इक्विटी फंडों को एक साल से ज्यादा रखने पर लॉन्ग टर्म कैपिटल गेंस लगता है। हालांकि, यह टैक्स एक लाख रुपये से ज्यादा के कैपिटल गेंस पर 10% दर से लगता है। एक लाख तक के कैपिटल गेंस पर टैक्स नहीं देना पड़ता है। 

इन बातों का जरूर रखें ध्यान

  • किसी भी फंड हाउस के जरिए ईएलएसएस में निवेश किया जा सकता है।
  • तीन साल की लॉक-इन अवधि खत्म होने पर भी निवेश जारी रख सकते हैं।
  • ईएलएसएस के चुनाव में अच्छे ट्रैक रिकॉर्ड वाले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें बेहतर रिटर्न पाने में मदद मिलेगी।
  • पूर्व में मिले रिटर्न और स्टार रेटिंग्स को देखकर म्यूचुअल फंड का चुनाव न करें क्योंकि पिछले वर्षों में सफल रिटर्न भविष्य में भी बेहतर रिटर्न की गारंटी नहीं है।

लंबी अवधि में निवेश लाभ का सौदा
बैंक एफडी, एनएसई और अन्य बचत योजनाओं के मुकाबले जोखिम रहने के बावजूद शेयर बाजार में मौजूदा तेजी को देखते हुए ईएलएसएस में निवेश सबसे आकर्षक विकल्प है। इसमें लंबी अवधि के लिए निवेश हमेशा मुनाफे का सौदा रहता है। -मनोज जैन, निवेश सलाहकार

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