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आठ कोर सेक्टरों में दिखी बड़ी गिरावट, जीडीपी के बाद आर्थिक मंदी के मिले दो बड़े संकेत

Mon, 02 Sep 2019 07:17 PM IST
paliwal पालीवाल बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: paliwal पालीवाल Updated Mon, 02 Sep 2019 07:17 PM IST
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eight core sector growth declines to 2.1 percent in july, manufacturing pmi also falls
- फोटो : SELF

देश की अर्थव्यवस्था में छाई सुस्ती के दो और बड़े संकेत सामने आ गए हैं। सरकार द्वारा सोमवार को जारी आंकड़ों के मुताबिक आठ कोर सेक्टर और मैन्युफैक्चरिंग पीएमआई में बड़ी गिरावट देखने को मिली है। आठ कोर सेक्टर में ग्रोथ रेट जुलाई में केवल 2.1 फीसदी रहा। पिछले साल इसी दौरान यह 7.3 फीसदी था। 

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देश में हैं यह आठ कोर सेक्टर

कोयला, क्रूड ऑयल, प्राकृतिक गैस, रिफाइनरी प्रोडक्ट्स, उर्वरक, सीमेंट, बिजली और इस्पात आठ कोर सेक्टर हैं। इन सेक्टर का देश के औद्योगिक उत्पादन इंडेक्स में 40 फीसदी योगदान है।वैश्विक मोर्चे पर बिगड़ती स्थितियों के बीच निजी निवेश और उपभोक्ता मांग में सुस्ती से भारत की आर्थिक वृद्धि दर जून तिमाही में कम होकर पांच प्रतिशत पर आ गई है। यह पिछले छह साल की सबसे कम वृद्धि दर है।

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अगस्त में, बिक्री में 15 महीनों में सबसे धीमी गति से विस्तार हुआ है। जिसका उत्पादन वृद्धि और रोजगार सृजन पर भी दबाव पड़ा है। इसके अलावा, कारखानों ने मई 2018 के बाद पहली बार खरीदारी में कमी की है।

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इतना फिसले कोर सेक्टर

आईएचएस मार्किट का इंडिया मैन्यूफैक्चरिंग पर्चेजिंग मैनेजर्स सूचकांक (पीएमआई) जुलाई में 52.5 से गिरकर अगस्त में 51.4 पर आ गया। यह मई 2018 के बाद का सबसे निचला स्तर है। लागत बढ़ने और डिमांड घटने की वजह से मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर की ग्रोथ में कमी आई है। जुलाई में PMI इंडेक्स घटकर 51.4 पर आ गया है।

18 माह से जीडीपी में गिरावट 

इस वित्त वर्ष की पहली तिमाही में जीडीपी 5.8 फीसदी से घटकर के पांच फीसदी रह गई है। वित्त मंत्रालय के केंद्रीय सांख्यिकी कार्यालय ने इन आंकड़ों को जारी किया है। पिछले साल यह इसी दौरान आठ फीसदी के पार थी। वहीं पिछले वित्त वर्ष की आखिरी तिमाही में यह 5.8 फीसदी थी। 

साढ़े छह साल में सबसे सुस्त रफ्तार

वित्त वर्ष की पहली तिमाही में विकास दर की पिछले साढ़े छह सालों में सबसे ज्यादा सुस्त रफ्तार देखने को मिली।

  • मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में 12.1 फीसदी के मुकाबले 0.6 फीसदी ग्रोथ देखने को मिली। 
  • कृषि क्षेत्र में ग्रोथ 5.1 फीसदी से घटकर के दो फीसदी रह गई है।
  • खनन क्षेत्र में ग्रोथ 0.4 फीसदी की ग्रोथ देखने को मिली थी, जो अब बढ़कर के 2.7 फीसदी हो गई है।
  • कंस्ट्रक्शन सेक्टर में पिछले साल की पहली तिमाही में ग्रोथ 9.6 फीसदी थी जो अब घटकर के 5.7 फीसदी रह गई है। 
  • होटल, ट्रांस्पोर्ट और ट्रेड सेक्टर में ग्रोथ 7.8 फीसदी से घटकर के 7.1 फीसदी रह गई है। 
  • वित्तीय, रियल एस्टेट सेक्टर में ग्रोथ 6.5 फीसदी से घटकर के 5.9 फीसदी रह गई है। 
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