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लगातार दूसरे माह कोर सेक्टर में दिखी गिरावट, फैक्ट्रियों में काम न होने से घटी बिजली की मांग

Fri, 29 Nov 2019 05:58 PM IST
paliwal पालीवाल बिजनेस डेस्क, अमर उजाला
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला Published by: paliwal पालीवाल Updated Fri, 29 Nov 2019 05:58 PM IST
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eight core sector declines by 5.8 percent in october month
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : a

आठ कोर सेक्टर में अक्तूबर महीने में 5.8 फीसदी की गिरावट देखने को मिली। बिजली की खपत में कमी से यह गिरावट आई है। सितंबर माह में कोर सेक्टर 5.2 फीसदी गिर गया था। जीडीपी के दूसरी तिमाही के नतीजों के आने से पहले यह गिरावट सरकार के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। 

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बिजली की खपत में 12.4 फीसदी की कमी

कोर सेक्टर इंडेक्स के अनुसार औद्योगिक उत्पादन घटने से बिजली की मांग में बड़ी कमी देखने को मिली है। पिछले महीने यह खपत सितंबर के -3.7 फीसदी के मुकाबले इस बार -12.4 फीसदी हो गई। सरकार के आंकड़ों के मुताबिक, सबसे तगड़ा झटका कोयला क्षेत्र को लगा है जिसमें उत्पादन में 17.6 फीसदी की कमी दर्ज की गई। वहीं, कच्चे तेल के उत्पादन में 5.1 फीसदी और प्राकृतिक गैस में 5.7 फीसदी की कमी आई। वहीं सीमेंट के उत्पादन में 7.7 फीसदी, इस्पात में 1.6 फीसदी और विद्युत में 12.4 फीसदी की कमी दर्ज की गई।

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एकमात्र उर्वरक क्षेत्र के उत्पादन में सालाना आधार पर 11.8 फीसदी की बढ़त देखने को मिली। वहीं रिफाइनरी उत्पादों में महज 0.4 फीसदी वृद्धि रही, जबकि बीते साल समान महीने में 1.3 फीसदी की बढ़ोतरी रही थी।

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यह होते हैं कोर सेक्टर की इंडस्ट्री

कोर सेक्टर में मुख्यतः आठ इंडस्ट्री शामिल होती हैं। यह हैं कोयला, कच्चा तेल, प्राकृतिक गैस, स्टील, सीमेंट, बिजली, फर्टिलाइजर और रिफाइनरी उत्पाद। आईआईपी की गणना में इनका योगदान करीब 40.27 फीसदी रहता है। वैश्विक मोर्चे पर बिगड़ती स्थितियों के बीच निजी निवेश और उपभोक्ता मांग में सुस्ती से भारत की आर्थिक वृद्धि दर जून तिमाही में कम होकर पांच फीसदी पर आ गई है। यह पिछले छह साल की सबसे कम वृद्धि दर है।


अगस्त में, बिक्री में 15 महीनों में सबसे धीमी गति से विस्तार हुआ है। जिसका उत्पादन वृद्धि और रोजगार सृजन पर भी दबाव पड़ा है। इसके अलावा, कारखानों ने मई 2018 के बाद पहली बार खरीदारी में कमी की है।

पहले छह माह में बढ़ा राजकोषीय घाटा

वहीं दूसरी तरफ पहले छह माह में राजकोषीय घाटा बढ़कर के 92.4 फीसदी हो गया। वहीं इस साल के लिए सरकार ने राजकोषीय घाटा जीडीपी का 3.3 फीसदी रहने की उम्मीद जताई थी। इन छह माह में सरकार ने कुल 14.89 लाख करोड़ रुपये खर्च किए, वहीं सरकार को कुल 8.37 लाख करोड़ रुपये की कमाई हुई थी। 



पहले छह माह में सरकार को टैक्स से कुल 6.07 लाख करोड़ रुपये की कमाई हुई, वहीं टैक्स के अलावा सरकार को अन्य मदों से कुल 2.09 लाख करोड़ रुपये की आय हुई थी। 

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