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ED Action: अवैध ढंग से फंड जुटाने के मामले में राणा अयूब के खिलाफ कार्रवाई, पीएमएलए के तहत मामला दर्ज

Thu, 13 Oct 2022 03:45 PM IST
विवेक दास बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: विवेक दास Updated Thu, 13 Oct 2022 03:45 PM IST
सार

ED Action: ईडी ने कहा है कि उसकी जांच में यह बात स्थापित हुई है कि राणा अयूब ने आम जनता को धोखा देने के एकमात्र इरादे से धन जुटाने के अभियान शुरू किए थे और बैंक खातों में सावधि जमा और शेष राशि के रूप में अपराध की आय अर्जित की थी, ये उन्हें बेदाग के रूप में पेश करते थे।

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ED filed Prosecution complaint against Rana Ayyub under PMLA in Spl Court
rana ayyub - फोटो : फाइल फोटो

विस्तार

ईडी ने गाजियाबाद की विशेष अदालत में 12 अक्टूबर को पीएमएलए (मनी लाउंड्रिंग एक्ट) के तहत राणा अयूब के खिलाफ अभियोजन शिकायत दर्ज की है। राणा अयूब पर एक ऑनलाइन क्राउड फंडिंग प्लेटफॉर्म- 'केटो' पर फंड-रेजर अभियान शुरू करके चैरिटी के नाम पर आम जनता से अवैध रूप से धन प्राप्त करने का आरोप लगाते हुए मामला दर्ज किया गया है।

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जांच एजेंसी ने कहा है कि उसकी जांच में यह बात स्थापित हुई है कि राणा अयूब ने आम जनता को धोखा देने के एकमात्र इरादे से धन जुटाने के अभियान शुरू किए थे और बैंक खातों में सावधि जमा और शेष राशि के रूप में अपराध की आय अर्जित की थी, ये उन्हें बेदाग के रूप में पेश करते थे।
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ईडी ने कहा है कि जांच में यह बात सामने आई है कि ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर जुटाई गई धनराशि राणा अयूब के पिता और बहन के खाते में प्राप्त की गई और बाद में उनके निजी खाते में स्थानांतरित कर दी गई। अय्यूब ने अपने लिए 50 लाख रुपये की एफडी बनाने के लिए धन का उपयोग किया और नए खाते में 50 लाख रुपये स्थानांतरित कर दिए। राहत कार्य के लिए महज 29 लाख रुपये खर्च किए गए।
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कौन हैं राणा अय्यूब?

राणा अय्यूब एक पत्रकार और लेखक हैं। वे किसी न किसी मामले को लेकर विवाद में बनी रहतीं हैं। राणा अयूब 2007 में तहलका मैगजीन में काम करती थीं। संपादक तरुण तेजपाल पर यौन शोषण के आरोप लगने के बाद इन्होंने वहां से इस्तीफा दे दिया। इसके बाद उन्हेांने स्वतंत्र पत्रकार के रूप में देश के तमाम अखबारों और पत्रिकाओं में लेख लिखने शुरू किए। गुजरात फाइल्स- एनाटॉमी ऑफ ए कवर अप की लेखिका अय्यूब ने 2002 में गुजरात में हुए दंगों के लिए राज्य सरकार को जिम्मेदार बताया था। इसके अलावा वे इशरत जहां की पुलिस मुठभेड़ पर भी सवाल उठा चुकी हैं। फरवरी 2022 में बीबीसी के साथ हुई बातचीत में उन्होंने उडुपी कॉलेज के छात्रों को आंतकी करार दिया था। इसके बाद राणा अय्यूब के खिलाफ शिकायत भी दर्ज कराई गई थी।

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