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मार्च-अप्रैल में PSB ने मंजूर किए 5.66 लाख करोड़ के कर्ज, लॉकडाउन के बाद होगा वितरण
Fri, 08 May 2020 11:27 AM IST
डिंपल अलवधी
पीटीआई, नई दिल्ली
पीटीआई, नई दिल्ली
Published by: डिंपल अलवधी
Updated Fri, 08 May 2020 11:27 AM IST
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वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण
- फोटो : पीटीआई
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सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों ने मार्च-अप्रैल के दौरान 5.66 लाख करोड़ रुपये के ऋण मंजूर किए हैं। लॉकडाउन हटाए जाने के तुरंत बाद इनका वितरण शुरू हो जाएगा, जिससे आर्थिक गतिविधियां तेजी से आगे बढ़ेंगी।
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अर्थव्यवस्था वापसी करने के लिए तैयार
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने एक ट्वीट में कहा कि, 'मार्च-अप्रैल 2020 के दौरान, सरकारी बैंकों ने 41.81 लाख से अधिक खातों के लिए 5.66 लाख करोड़ रुपये के ऋण स्वीकृत किए। ये कर्जदार एमएसएमई, खुदरा, कृषि और कॉरपोरेट क्षेत्रों के हैं। लॉकडाउन समाप्त होते ही इनका वितरण शुरू हो जाएगा। अर्थव्यवस्था वापसी करने के लिए तैयार है।'
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समाधान ने ग्राहकों की चिंता दूर की
उन्होंने कहा कि सरकारी बैंकों ने ऋणों के पुनर्भुगतान में रिजर्व बैंक द्वारा घोषित राहत को लागू किया है। उन्होंने ट्वीट किया, 'पीएसबी ने आरबीआई द्वारा कर्ज की किस्तें चुकाने से राहत का लाभ आगे बढ़ाया। इस लाभ को प्रभावी तरीके से आगे बढ़ाए जाने से 3.2 करोड़ से अधिक खातों को तीन महीने की राहत मिल पाना सुनिश्चित हुआ। संदेहों के त्वरित समाधान ने ग्राहकों की चिंता दूर की। इससे लॉकडाउन के दौरान जिम्मेदार बैंकिंग सुनिश्चित हुआ।'
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सीतारमण ने कहा कि सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों ने गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (एनबीएफसी) और आवास वित्त कंपनियों (एचएफसी) को निरंतर ऋण प्रवाह बनाये रखने में मदद करने के लिए एक मार्च से चार मई के बीच 77,383 करोड़ रुपये के ऋण को मंजूरी दी। इसके अलावा, लक्षित दीर्घकालिक रेपो परिचालन (टीएलटीआरओ) के तहत, कुल 1.08 लाख करोड़ रुपये के वित्त पोषण की व्यवस्था 'व्यापार स्थिरता और निरंतरता को सुनिश्चित करने' के लिए की गई।
एमएसएमई एवं अन्य के लिए पूर्व-अनुमोदित आपातकालीन ऋण सुविधाएं और कार्यशील पूंजी संवर्द्धन को सरकारी बैंकों के द्वारा प्राथमिकता दी जा रही है। उन्होंने एक अलग ट्वीट में कहा कि, '20 मार्च के बाद से 27 लाख से अधिक ग्राहकों ने संपर्क किया और 2.37 लाख मामलों में 26,500 करोड़ रुपये के ऋण को मंजूरी दी गई। कार्य प्रगति पर है।'
17 मई तक प्रभावी है लॉकडाउन
भारत ने कोरोना वायरस महामारी की रोकथाम के लिए पहले चरण में 21 दिनों के लिए 25 मार्च से लॉकडाउन लागू किया। बाद में इसे दो बार बढ़ाया गया और अब यह 17 मई तक प्रभावी है।
During March-April 2020, PSBs sanctioned loans worth Rs 5.66 lakh cr for more than 41.81 lakh accounts. These borrowers are from MSME, Retail, Agriculture & Corporate sectors, waiting for disbursal soon after #lockdown lifts. Economy poised to recover! @FinMinIndia @DFS_India
— NSitharamanOffice (@nsitharamanoffc) May 7, 2020