H1-B वीजा पर रोक: सुंदर पिचाई ने जताई आपत्ति, क्या पड़ेगा भारतीयों पर असर?
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अमेरिका में काम करने की इच्छा रखने वाले भारतीयों को डोनाल्ड ट्रंप सरकार ने बड़ा झटका दिया है। अमेरिका में बढ़ती बेरोजगारी को देखते हुए राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने H1-B के साथ-साथ अन्य तरह के कामकाजी वीजा का सस्पेंशन फिलहाल इस साल के अंत तक के लिए आगे बढ़ा दिया है। न्यूज एजेंसी एएफपी ने यह जानकारी दी है। यानी जिन आईटी वाले लोगों का H-1B वीजा अप्रैल लॉटरी में अप्रूव हो गया था उन्हें भी अब आने की इजाजत नहीं होगी। अमेरिका ने H1-B, H2-B, J-1 व L-1 वीजा पर प्रतिबंध लगाया है, जो 24 जून 2020 से 31 दिसंबर 2020 तक लागू रहेगा।
खाली होंगे पांच लाख 25 हजार पद
अमेरिकी प्रशासन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि इस कदम से करीब पांच लाख 25 हजार पद खाली होंगे। इससे इतने ही अमेरिका के मूल निवासियों को रोजगार मिल पाएगा।
सुंदर पिचाई ने जताई आपत्ति
ट्रंप सरकार के इस फैसले पर आपत्ति जताई जा रही हे। गूगल के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) सुंदर पिचाई ने भी इस फैसले को गलत बताया है। उन्होंने कहा कि इमिग्रेशन की वजह से अमेरिका को इतना फायदा हुआ है। इसकी वजह से वह वैश्विक टेक लीडर बना। ट्विटर पर पिचाई ने लिखा कि वह इस निर्णय से निराश हैं। उन्होंने कहा कि हम प्रवासियों के साथ खड़े रहेंगे और उन्हें हर तरह के मौके दिलाने के लिए काम करते रहेंगे।
Immigration has contributed immensely to America’s economic success, making it a global leader in tech, and also Google the company it is today. Disappointed by today’s proclamation - we’ll continue to stand with immigrants and work to expand opportunity for all.
— Sundar Pichai (@sundarpichai) June 22, 2020
भारतीयों पर पड़ेगा असर
एच-2बी वीजा के अतिरिक्त सभी वीजा के सस्पेंशन से भारतीयों पर असर पड़ेगा। एच-2बी वीजा खासतौर पर मेक्सिको के प्रवासियों के काम आता है। अमेरिका में प्रति वर्ष 10 लाख कर्मचारी दूसरे देशों से आते हैं। ममाले में अमेरिकी सांसदों का कहना है कि देश में बेरोजगारी की दर इतनी ज्यादा हो गई है कि इन कर्मचारियों को वीजा देने का कोई कारण नहीं है।
क्या है एच-1बी वीजा?
एच-1बी वीजा गैर-प्रवासी वीजा है। अमेरिकी कंपनियां इसके तहत दूसरे देशों के तकनीकी विशेषज्ञों को नियुक्त करती हैं। नियुक्ति के बाद सरकार से इन लोगों के लिए एच-1बी वीजा मांगा जाता है। अमेरिका की ज्यादातर आईटी कंपनियां हर साल भारत और चीन जैसे देशों से लाखों कर्मचारियों की नियुक्ति इसी वीजा के जरिए करती हैं। यूएससीआईएस के मुताबिक, एच-1बी वीजा के सबसे बड़े लाभार्थी भारतीय ही हैं।
एच-1बी वीजा के फायदे
इस वीजा के तहत वीजाधारक अपने बच्चों और पति/पत्नी को अमेरिका ला सकता है। वो भी उतने ही साल अमेरिका में रह सकते हैं जितना उनको लाने वाले वीजाधारक की वीजा अवधि है। एच-1बी वीजा के बाद स्थायी नागरिकता के लिए आवेदन किया जा सकता है।