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पाकिस्तान: चीन की सहायता पर टिकी पड़ोसी मुल्क की निगाहें, IMF के करोड़ों के कर्ज से भी नहीं मिली राहत
Fri, 09 Apr 2021 12:35 PM IST
डिंपल अलावाधी
पीटीआई, नई दिल्ली
पीटीआई, नई दिल्ली
Published by: डिंपल अलावाधी
Updated Fri, 09 Apr 2021 12:35 PM IST
सार
- पाकिस्तान ने आईएमएफ के ऋण कार्यक्रम के तहत छह महीने में करीब एक दर्जन शर्तों को पूरा किया।
- पाकिस्तान की आर्थिक स्थिरता चीन से मिलने वाली 11 अरब अमेरिकी डॉलर की सहायता पर टिकी है।
- सरकार जून में जीडीपी के 1.1 फीसदी या 600 अरब रुपये के बराबर नए कर लगाएगी।
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पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान
- फोटो : twitter.com/PakPMO
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विस्तार
पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान की मुश्किलें कम होती नजर नहीं आ रही हैं। पाकिस्तान ने अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) के ऋण कार्यक्रम के तहत छह महीने में करीब एक दर्जन शर्तों को पूरा किया है, लेकिन नकदी संकट से जूझ रहे इस देश की आर्थिक स्थिरता अब भी चीन से मिलने वाली 11 अरब अमेरिकी डॉलर की सहायता पर टिकी है।
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बिजली की कीमतों में बढ़ोतरी की तैयार
एक्सप्रेस ट्रिब्यून समाचार पत्र ने शुक्रवार को कहा कि वाशिंगटन स्थित अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) ने गुरुवार को छह अरब डॉलर के ऋण कार्यक्रम के लिए अपनी स्टाफ स्तर की रिपोर्ट में कहा कि पाकिस्तान सरकार अक्तूबर से अब तक बिजली की कीमतों में 5.65 रुपये प्रति यूनिट या 36 फीसदी बढ़ोतरी करने की तैयार कर रही है। ऋण प्रबंधन योजना के मुताबिक इस बढ़ोतरी से उपभोक्ताओं पर जून 2023 तक 884 अरब रुपये का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा।
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नए कर लगाएगी सरकार
इसके अलावा सरकार जून में आईएमएफ की शर्त के तहत जीडीपी के 1.1 फीसदी या 600 अरब रुपये के बराबर नए कर लगाएगी। ये शर्तें उन 11 कार्रवाइयों में शामिल हैं, जिन्हें सरकार को इस साल सितंबर तक पूरा करना है।
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चीन की मदद पर निर्भर रहेगा पाकिस्तान
रिपोर्ट के मुताबिक आईएमएफ की मदद के बाजवूद पाकिस्तान काफी हद तक चीन की मदद पर निर्भर रहेगा। पाकिस्तान को अपनी वित्तीय जरूरतों को पूरा करने के लिए चीन के मिलने वाली 10.8 अरब डॉलर की मदद के साथ ही यूएई से दो अरब डॉलर, विश्व बैंक से 2.8 अरब डॉलर, जी-20 से 1.8 अरब डॉलर, एशियाई विकास बैंक से 1.1 अरब डॉलर और इस्लामिक डेवलपमेंट बैंक से एक अरब डॉलर की मदद की दरकार होगी।
मालूम हो कि हाल ही में अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष ने कर्ज में डूबे पाकिस्तान को 50 करोड़ डॉलर का कर्ज देने को मंजूरी दे थी। पाक अखबार डॉन ने आईएमएफ के अधिकारियों के हवाले से बताया कि पाक को आने वाले समय में दी जाने वाली यह रकम पहले मंजूर किए गए कर्ज की तीसरी किस्त के तौर पर दी जाएगी। पाकिस्तान को छह अरब डॉलर के ऋण कार्यक्रम की समीक्षा करने के बाद ये फैसला आईएमएफ के कार्यकारी बोर्ड ने लिया है। हालांकि समीक्षा कई बार टाले जाने के बाद अब जाकर पूरी हुई है। आईएमएफ ने कहा है कि इस कार्यक्रम को जुलाई 2019 में मंजूरी मिली थी।