CRII Index: असमानता दूर करने के मामले में भारत की रैकिंग सुधरी, छह स्थानों की उछाल के साथ अब 123वें नंबर पर
रिपोर्ट के मुताबिक, भारत स्वास्थ्य क्षेत्र में अपने कुल खर्चों का 3.64 प्रतिशत खर्च कर रहा है, जो ब्रिक्स (ब्राजील, चीन, भारत, दक्षिण अफ्रीका) देशों और पड़ोसी देशों में सबसे कम है।
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भारत में असमानता को कम करने की प्रतिबद्धता नजर आने लगी है। देश असमानता को कम करने के मामले में 161 देशों की सूची में 123 वें स्थान पर आ गया है। भारत की स्थिति में पिछले वर्ष की तुलना में छह स्थान का सुधार हुआ है। लेकिन स्वास्थ्य खर्च के मामले में देश सबसे खराब प्रदर्शन करने वालों देश में अब भी शामिल है। ताजा Commitment to Reducing Inequality Index (CRII) में इस बात का खुलासा हुआ है।
CRII ने 2022 में कोविड महामारी के पहले दो वर्षों के दौरान असमानता से लड़ने के लिए 161 देशों में सरकारी नीतियों और कार्यों के आधार पर इंडेक्स तैयार किया है। सीआरआईआई इंडेक्स में नॉर्वे सबसे आगे है और उसके बाद जर्मनी और ऑस्ट्रेलिया का स्थान है। इस रैंकिंग में भारत की समग्र रैंक में 2020 की तुलना में छह स्थानों का सुधार हुआ है और वह 129वें स्थान से 123वें स्थान पर पहुंच गया है।
वहीं, प्रगतिशील कराधान के मामले में देश तीन स्थानों के सुधार के साथ 16वें नंबर पर है। वहीं, न्यूनतम वेतन के मामले में रैंकिंग 73 स्थान नीचे फिसल गया है। भारत को उन देशों की सूची में शामिल किया गया है, जहां पर राष्ट्रीय तौर पर न्यूनतम वेतन तय नहीं किया गया है।
असमानता कम करने के लिए सरकारी खर्च के प्रभाव के मामले में भारत की रैंकिंग में 27 पायदानों का सुधार हुआ है, जबकि असमानता कम करने के लिए कर प्रणाली के प्रभाव के मामले में भारत ने 33 पायदान का सुधार किया है।
इस सूचकांक को ऑक्सफैम इंटरनेशनल ऐंड डेवलपमेंट फाइनेंस इंटरनेशनल (डीएफआई) तैयार करता है। वह इस सूचकांक को तैयार करने के लिए सरकार की नीतियों और तीन क्षेत्रों में किए गए कार्यों की समीक्षा करता है। इसका प्रभाव असमानता कम करने के मामले में साबित हो चुका है।
ऑक्सफैम ने सूचकांक के आधार पर तैयार रिपोर्ट में कहा कि भारत उन देशों में शामिल है जिन्होंने फिर से स्वास्थ्य क्षेत्र में खर्च में बहुत कम प्रदर्शन किया। सूचकांक दिखाता है कि भारत की रैंकिंग में दो पायदान की गिरावट आई है और वह 157वें स्थान पर फिसल गया है।
ऑक्सफैम इंडिया के सीईओ अमिताभ बेहार ने बताया कि सीआरआईआई-2022 रिपोर्ट दिखाती है कि कोरोना के दौरान असमानता कम करने के मामले में भारत को आंशिक सफलता मिली है। रिपोर्ट के मुताबिक, भारत स्वास्थ्य क्षेत्र में अपने कुल खर्चों का 3.64 प्रतिशत खर्च कर रहा है, जो ब्रिक्स (ब्राजील, चीन, भारत, दक्षिण अफ्रीका) देशों और पड़ोसी देशों में सबसे कम है। चीन अपने खर्च का 10 फीसदी, ब्राजील 7.7 और दक्षिण अफ्रीका अपने खर्च का सबसे अधिक 12.6 फीसदी स्वास्थ्य पर खर्च करता है। इसी तरह पाकिस्तान अपने खर्च का 4.3 फीसदी, बांग्लादेश 5.19 फीसदी, श्रीलंका 5.88 फीसदी और नेपाल 7.8 फीसदी स्वास्थ्य पर खर्च करता है।