निवेश-बचत: आपात स्थितियों से निपटने के लिए बनाएं फंड, जरूरी खर्चों को दें प्राथमिकता
हाल ही में देश के कई हिस्सों में बाढ़ से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। इसने जीवन को कठिन बना दिया है। संपत्तियों को नुकसान पहुंचाया है। इस तरह की स्थितियां भावनात्मक और वित्तीय दोनों तरफ से प्रभावित करती हैं। ऐसे में हमें आपात स्थितियों से निपटने के लिए फंड बनाना अत्यंत आवश्यक है।
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मानसून के मामलों में घर रिसाव के संपर्क में आते हैं और लोग बीमार पड़ जाते हैं। हालाँकि हम प्रकृति से नहीं लड़ सकते, लेकिन उनका सामना करने के लिए तैयार रहकर हम निश्चित रूप से आपदाओं से अपना बचाव कर सकते हैं। ऐसी स्थितियों के कारण आर्थिक दिक्कत तो होती ही है, साथ ही तनाव और अनिश्चितता भी पैदा हो सकती है। हालांकि, इसके कई संभावित कारण हैं। आय में अचानक कमी, मेडिकल या अप्रत्याशित खर्च, जिसे संभालने के लिए कोई भी व्यक्ति कभी भी पूरी तरह से तैयार नहीं होता है। यह याद रखना महत्वपूर्ण है कि आप अकेले नहीं हैं, और मदद के लिए आप कुछ कदम उठा सकते हैं।
वर्तमान वित्तीय स्थिति का करें आकलन
पहला कदम आपकी स्थिति का आकलन करना है। एक गहरी सांस लें और वर्तमान वित्तीय स्थिति पर नजर डालें। क्योंकि, यह आपकी अगली कार्रवाई को परिभाषित करेगा। इसलिए, यदि आपकी बाइक में पानी भर गया है, तो उसे सही करने में लगने वाली लागत को जानना होगा। यह भी पता लगाना होगा कि बीमा कंपनी इसके लिए कितना भुगतान करेगी? क्या आपको इसके लिए अपनी जेब से भी पैसे देने होंगे? आपात स्थिति से निपटने का सबसे अच्छा तरीका यह है कि आप यह आकलन करें कि इसका आपकी जेब पर कितना असर पड़ सकता है। अंदाजा लगाइए कि संकट कितने समय तक रह सकता है।
जरूरी खर्चों को दें प्राथमिकता
यदि आप किसी दुर्घटना का शिकार हो जाते हैं और पैर में फ्रैक्चर के कारण दो सप्ताह तक घर में रहते हैं, तो हो सकता है कि आप इस अवधि के दौरान काम करने में सक्षम न हों। बाढ़ की वजह से मेरे मित्र की दुकान में पानी भर गया था। वह कुछ हफ्तों तक किताबों का कारोबार फिर से शुरू नहीं कर सकता, क्योंकि पूरा माल खराब हो गया था। साथ ही, दुकान के आस-पास जलजमाव हो गया था। हालांकि कुछ आपात स्थितियों को आसानी से प्रबंधित किया जा सकता है, लेकिन कई के लिए वित्तीय योजना की जरूरत होती है। आपको ऐसे मामलों में प्रबंधन के लिए जरूरी खर्चों को प्राथमिकता देनी होगी।
आपात समय के लिए लोगों के पास हैं पैसे
इन दिनों लोगों के पास आपात स्थिति से निपटने के लिए पैसा है, खासकर कोविड के दिनों से। आपात फंड ऐसी स्थितियों के लिए बनाए गए हैं। यदि आपके पास बचत या आपातकालीन निधि है, तो संभवतः इसका उपयोग करने का यही समय है। कभी-कभी आपात नुकसान का समर्थन सरकारी एजेंसियों और उन लोगों द्वारा भी किया जाता है जिनकी गलती हो सकती है। इसलिए, जब आप सड़क पर किसी दुर्घटना का शिकार होते हैं, तो गलती होने पर दूसरा वाहन मालिक मरम्मत के लिए भुगतान कर सकता है।
फंड बनाने से मिलती है मानसिक शांति
ऐसी आपात स्थितियों के लिए आपको फंड बनाना चाहिए। एक बार जब आप इस तरह के समय से पार पा जाएं और लगे कि आप वापस स्थिर स्थिति में आ गए हैं, तो अपने इस तरह के फंड को फिर से बनाएं। हालांकि, कोई भी नहीं चाहता है कि फिर से ऐसी स्थितियां आएं, लेकिन यह उसके हाथ में नहीं होता है। इसलिए ऐसी स्थितियों में इस तरह के फंड से आपको मानसिक शांति मिल सकती है।
वित्तीय जोखिम में मदद करता है बीमा
जो व्यक्ति आपात मेडिकल स्थिति से जूझ रहा है, वह जानता है कि बीमार होने पर भी उसके जरूरी घरेलू खर्च जारी रहेंगे। लेकिन, उस व्यक्ति के मामले में, जिसकी दुकान पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई थी, उसकी जरूरत न सिर्फ घर चलाने की है, बल्कि कारोबारी खर्चों का प्रबंधन करने की भी है। ऐसे समय में बीमा काम आता है।
- बीमा आपात स्थितियों में वित्तीय जोखिम कम करने में मदद करने का प्रमुख साधन है। इसलिए, इसे नजरअंदाज न करें और न ही इसे खर्च समझें।
- भोजन, स्वास्थ्य देखभाल और घर जैसे सबसे महत्वपूर्ण खर्चों की तरह बीमा को भी समझें। यह आपकी भलाई के लिए जरूरी साधन हैं।
- अपने खर्चों की नियमित समीक्षा कर यह देखें कि पैसे बचाने के लिए कहां अस्थायी कटौती संभव है।