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अर्थव्यवस्था को झटका: कोरोना की वजह से UBS ने घटाया भारत की GDP वृद्धि का अनुमान
Mon, 23 Mar 2020 09:15 PM IST
डिंपल अलवधी
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: डिंपल अलवधी
Updated Mon, 23 Mar 2020 09:15 PM IST
सार
कोरोना वायरस दुनियाभर में कहर बन कर टूटा है। अब तक 15,000 से भी ज्यादा लोगों की इससे मौत हो चुकी है। ऐसे में इस महामारी ने भारत के साथ दुनियाभर की अर्थव्यवस्था को झटका लगा है।
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अर्थव्यवस्था
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विस्तार
ब्रोकरेज कंपनी यूबीएस इंडिया ने 2020-21 के लिए भारत की आर्थिक वृद्धि के अनुमान को उल्लेखनीय रूप से कम कर चार फीसदी कर दिया है जबकि पूर्व में इसके 5.1 फीसदी रहने का अनुमान जताया गया था।
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इसलिए घटाया गया वृद्धि दर का अनुमान
कोरोना वायरस महामारी और उसके कारण सोमवार से जरूरी सेवाओं को छोड़कर दुकानें, दफ्तर बंद होने और आवाजाही पर रोक को देखते हुए वृद्धि दर के अनुमान को कम किया गया है। यूबीएस सिक्योरिटीज ने एक रिपोर्ट में कहा कि चालू वित्त वर्ष 2019-20 में आर्थिक वृद्धि दर 4.8 फीसदी रहने का अनुमान है। इसमें कहा गया है, 'अगले वित्त वर्ष में भारत की जीडीपी (सकल घरेलू उत्पाद) वद्धि दर 2020-21 में चार फीसदी रहने का अनुमान है। पहले इसके 5.1 फीसदी रहने की संभावना जताई गई थी।'
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उल्लेखनीय है कि कोरोना वायरस महामारी को देखते हुए उसके आर्थिक प्रभाव को लेकर चिंता जतायी जा रही है। इस वायरस से अब तक कम-से-कम 400 लोगों के संक्रमित होने की रिपोर्ट है। वहीं सात लोगों की मौत हो चुकी है। आर्थिक प्रभाव को देखते हुए सरकार तथा आरबीआई से प्रोत्साहन पैकेज की मांग की जा रही है।
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मामले में यूबीएस की अर्थशास्त्री तन्वी गुप्ता जैन ने कहा कि, 'अगर महामारी बढ़ती है तो भारत और उसके जैसे अन्य देशों के लिए चुनौतियां काफी गंभीर है। इसका कारण आबादी का अधिक घनत्व तथा कमजोर स्वास्थ्य बुनियादी ढांचा का होना है।' ब्रोकरेज कंपनी ने कहा कि वैश्विक मंदी की आशंका और आवाजाही पर पाबंदी तथा सामाजिक दूरी बनाये रखने के उपायों से भारत गंभीर महामारी परिदृश्य की ओर बढ़ रहा है।
राजकोषीय प्रोत्साहन पर जोर
रिपोर्ट में कहा गया है कि आर्थिक प्रभाव पर ज्यादा असर लोगों की आवाहजाही पर लगी पाबंदी से होगा न कि प्रभावित क्षेत्रों की वृद्धि से। ब्रोकिंग कंपनी के अनुसार शॉपिंग मॉल और कुछ जिलों को बंद करने से खपत पर असर पड़ेगा। रिपोर्ट में तालमेल के साथ समन्वित राजकोषीय प्रोत्साहन पर जोर दिया गया है।
पहले Fitch ने घटाया था अनुमान
इससे पहले फिच रेटिंग्स (Fitch Ratings) ने देश की GDP विकास दर का अनुमान घटाया था। रेटिंग एजेंसी ने वित्त वर्ष 2020-21 के लिए GDP ग्रोथ को घटाकर 5.1 फीसदी कर दिया है। इससे पहले फिच रेटिंग्स ने दिसंबर 2019 में भारत की GDP ग्रोथ का अनुमान 5.6 फीसदी लगाया था।
Moody's ने भी घटाई रेटिंग
रेटिंग एजेंसी मूडीज इंवेस्टर्स सर्विस ने भी भारत की विकास दर का अनुमान घटाया है। दरअसल वैश्विक मंदी के खतरे से होने वाले प्रभाव को देखते हुए मूडीज ने भारत की आर्थिक वृद्धि दर का अनुमान 5.4 से घटा कर 5.3 कर दिया है।
S&P ने इतना जताया अनुमान
S&P ग्लोबल रेटिंग एजेंसी ने 2020 में भारत की आर्थिक वृद्धि का अनुमान घटाकर 5.2 फीसद कर दिया है। S&P की तरफ से यह भी कहा गया है कि कोरोनावायरस महामारी के चलते दुनियाभर की अर्थव्यवस्था मंदी के दौर में जा रही है। यहां आपकी जानकारी के लिए बता दें कि एजेंसी ने 2020 में भारत के जीडीपी ग्रोथ को 5.7 फीसद की रेटिंग दी थी।