फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Business ›   Business Diary ›   Chinese smartphone manufacturing compannies planning to put India investments on hold

चीनी मोबाइल कंपनियों को सता रहा डर, भारत में रोका निवेश

Fri, 03 Jul 2020 03:24 PM IST
‌डिंपल अलवधी बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: ‌डिंपल अलवधी Updated Fri, 03 Jul 2020 03:24 PM IST
विज्ञापन
Chinese smartphone manufacturing compannies planning to put India investments on hold
मोबाइल फोन - फोटो : पेक्सेल्स

भारत और चीन के बीच बढ़ते तनाव के चलते चीनी मोबाइल कंपनियों का डर बढ़ गया है। इसको देखते हुए चीनी स्मार्टफोन निर्माता अपने विनिर्माण-संबंधित निवेश को रोक रहे हैं। इस संदर्भ में चीनी स्मार्टफोन निर्माताओं और उद्योग के अधिकारियों का कहना है कि भारत द्वारा 59 चीनी एप्स पर प्रतिबंध लगाने के बाद से वे घबरा गए हैं। कुछ कंपनियों को लगता है कि अगर यह स्थिति और खराब हुई तो अगली गाज उन्हीं पर गिरेगी।

विज्ञापन


ओप्पो और वीवो जैसे प्रमुख स्मार्टफोन निवेशकों ने अब तक भारत की महत्वाकांक्षी प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव (पीएलआई) योजना के तहत आवेदन नहीं किया है। पहले ये कंपनियां इस योजना में रुचि दिखा रहीं थी। सरकारा की पीएलआई योजना के लिए एपल के लिए फोन बनाने वाली कंपनी फॉक्सकॉन और विस्ट्रॉन ने आवेदन कर लिया है। इनके अतिरिक्त डिक्सॉन, लावा और कार्बन जैसी घरेलू निर्माताओं ने बी आवेदन किया है। मालूम हो कि इस योजना के तहत आवेदन के लिए भारत सरकार ने मोबाइल कंपनियों को 31 जुलाई तक का वक्त दिया है।
विज्ञापन


इकोनॉमिक टाइम्स की खबर के अनुसार, चीनी स्मार्टफोन कंपनियों के अधिकारियों ने कहा कि वे वर्तमान में लॉकडाउन के बाद बढ़ने वाली मांग को पूरा करने के लिए केंद्रित थे। साथ ही घरेलू बाजार और निर्यात के लिए निवेश पर ध्यान दिया जा रहा था, जो अभी रोक दिया गया है। 
विज्ञापन
विज्ञापन


वीवो भारत में करीब 7,500 करोड़ रुपये के निवेश की योजना बना रही थी। ओप्पो भी छह अन्य कंपनियों के साथ ग्रेटर नोयडा में इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर (ईएमसी) लगाने वाली थी। इससे देश में 3,500 करोड़ रुपये का निवेश आता। फॉक्सकॉन ने भी भारत में उच्च निवेश की घोषणा की है।

मामले में मोबाइल रिसर्च फर्म काउंटरप्वाइंट रिसर्च के एसोसिएट डायरेक्टर तरुण पाठक ने कहा कि मार्केट रिकवरी में समय लगेगा, इसलिए निवेश पर फिलहाल रोक लगा दी गई है।


विशेषज्ञों के अनुसार, शाओमी, ओप्पो, वीवो, रियलमी और वन प्लस जैसी चीनी कंपनियों का भारत के कुल स्मार्टफोन बाजार में करीब 80 फीसदी कब्जा है। हालांकि मौजूदा आपूर्ति और भू-राजनीतिक संकट के कारण यह गिर सकता है।

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें कारोबार समाचार और Union Budget से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। कारोबार जगत की अन्य खबरें जैसे पर्सनल फाइनेंस, लाइव प्रॉपर्टी न्यूज़, लेटेस्ट बैंकिंग बीमा इन हिंदी, ऑनलाइन मार्केट न्यूज़, लेटेस्ट कॉरपोरेट समाचार और बाज़ार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed