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Interest Rate: अक्तूबर-दिसंबर तिमाही में लघु बचत योजनाओं की ब्याज दर में बदलाव नहीं, वित्त मंत्रालय का फैसला
Mon, 30 Sep 2024 11:05 PM IST
पवन पांडेय
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला
Published by: पवन पांडेय
Updated Mon, 30 Sep 2024 11:05 PM IST
सार
केंद्र ने अक्तूबर-दिसंबर तिमाही में लघु बचत योजनाओं की ब्याज दरें अपरिवर्तित रखीं हैं। वित्त मंत्रालय ने इस संबंध में आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी है।
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ब्याज दरों पर सरकार का फैसला (प्रतीकात्मक)
- फोटो : Freepik
विस्तार
केंद्र सरकार ने अक्तूबर-दिसंबर तिमाही के लिए बैंकों से जुड़ा बड़ा फैसला लिया है। वित्त मंत्रालय ने लघु बचत योजनाओं पर ब्याज दरों को अपरिवर्तित रखा है। गौरतलब है कि छोटी बचत योजनाओं पर ब्याज दरों की आमतौर पर हर तिमाही में समीक्षा की जाती है। इन छोटी बचत योजनाओं से नियमित अंतराल पर गारंटीड रिटर्न मिलता है। ग्राहकों / खाताधारकों को मासिक, त्रैमासिक या वार्षिक रूप से ब्याज का भुगतान किया जाता है। छोटी बचत योजना के लिए ब्याज दरों का फॉर्मूला श्यामला गोपीनाथ समिति ने दिया था।
ये छोटी बचत योजनाएं नियमित अंतराल पर गारंटीकृत रिटर्न प्रदान करती हैं, जो मासिक, त्रैमासिक या वार्षिक रूप से संयोजित होती हैं। श्यामला गोपीनाथ समिति ने सुझाव दिया था कि सरकारी बॉन्ड पर प्रतिफल कई लघु बचत साधनों पर ब्याज के लिए बेंचमार्क होना चाहिए और इसे हर अप्रैल की पहली तारीख को फिर से निर्धारित किया जाना चाहिए।
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- सबसे लोकप्रिय लघु बचत योजनाओं में से एक पब्लिक प्रोविडेंट फंड (पीपीएफ) के लिए ब्याज दर 7.1 प्रतिशत बनी रहेगी। यह योजना अपने कर लाभ और दीर्घकालिक बचत क्षमता के कारण व्यापक रूप से पसंद की जाती है।
- वरिष्ठ नागरिक बचत योजना (SCSS) भी अपनी ब्याज दर 8.2 प्रतिशत पर बनाए रखेगी। यह योजना विशेष रूप से वरिष्ठ नागरिकों को वित्तीय सुरक्षा प्रदान करने के लिए डिजाइन की गई है, जो अन्य बचत विकल्पों की तुलना में अधिक रिटर्न प्रदान करती है।
- सुकन्या समृद्धि योजना के तहत किए गए जमा, जिसका उद्देश्य बालिकाओं की शिक्षा और विवाह व्यय के लिए बचत को प्रोत्साहित करना है, पर 8.2 प्रतिशत की ब्याज दर मिलती रहेगी। यह योजना सरकार की 'बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ' पहल का एक अभिन्न अंग है।
- राष्ट्रीय बचत प्रमाणपत्र (एनएससी), जो एक निश्चित आय वाली निवेश योजना है, इसकी ब्याज दर 7.7 प्रतिशत पर बनी रहेगी। इस योजना को मध्यम रिटर्न के साथ एक सुरक्षित निवेश माना जाता है।
- डाकघर मासिक आय योजना (पीओ-एमआईएस), जो निवेशकों को नियमित मासिक आय प्रदान करती है, 7.4 प्रतिशत की ब्याज दर प्रदान करेगी।
- किसान विकास पत्र (केवीपी), एक सरकार समर्थित बचत योजना है जो एक विशिष्ट अवधि में निवेश को दोगुना करने के लिए डिज़ाइन की गई है, 7.5 प्रतिशत की ब्याज दर प्रदान करना जारी रखेगी।
- इसके अतिरिक्त, 5-वर्षीय आवर्ती जमा (आरडी) योजना, जो निवेशकों को हर महीने एक निश्चित राशि जमा करने की अनुमति देती है, 6.7 प्रतिशत की ब्याज दर प्रदान करेगी।
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ये छोटी बचत योजनाएं नियमित अंतराल पर गारंटीकृत रिटर्न प्रदान करती हैं, जो मासिक, त्रैमासिक या वार्षिक रूप से संयोजित होती हैं। श्यामला गोपीनाथ समिति ने सुझाव दिया था कि सरकारी बॉन्ड पर प्रतिफल कई लघु बचत साधनों पर ब्याज के लिए बेंचमार्क होना चाहिए और इसे हर अप्रैल की पहली तारीख को फिर से निर्धारित किया जाना चाहिए।
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