फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Business ›   Business Diary ›   Central Government given relief to tourism sector most affected by the Covid19 epidemic through a strong relief package

पर्यटन क्षेत्र को सरकार की सौगात: गारंटी वाले कर्ज और वीजा शुल्क माफी से प्रोत्साहन, निर्यात के लिए बढ़ी बीमा राशि

Tue, 29 Jun 2021 07:14 AM IST
देव कश्यप बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: देव कश्यप Updated Tue, 29 Jun 2021 07:14 AM IST
सार

  • पर्यटन व निर्यात में आएगी तेजी, इलेक्ट्रॉनिक उत्पादन को बढ़ावा
  • 2019 में विदेशी पर्यटकों ने 2.22 लाख करोड़ रुपये भारत में खर्च किए थे

विज्ञापन
Central Government given relief to tourism sector most affected by the Covid19 epidemic through a strong relief package
पर्यटन (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : pixabay

विस्तार

कोविड-19 महामारी से सबसे ज्यादा प्रभावित पर्यटन क्षेत्र को मजबूत राहत पैकेज के जरिये सरकार ने संजीवनी दी है। टूर एंड ट्रैवल क्षेत्र से जुड़ी कंपनियों को 10 लाख तक गारंटी वाले कर्ज से दोबारा खड़े होने का सहारा मिलेगा, तो टूरिस्ट गाइड को भी एक लाख तक की वित्तीय मदद दी जाएगी। इसके अलावा निर्यात क्षेत्र की बीमा राशि बढ़ाए जाने से निर्यातकों को प्रोत्साहन मिलेगा। 

विज्ञापन


वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने सोमवार को कहा कि संक्रमण से राहत के बाद जब विदेशी सैलानियों के लिए भारत के दरवाजे खोले जाएंगे, तो पहले पांच लाख सैलानियों से मेडिकल वीजा शुल्क नहीं वसूला जाएगा। इस घोषणा से विदेशी पर्यटक भारत आने के लिए प्रोत्साहित होंगे, जो घरेलू पर्यटन क्षेत्र को सबसे बड़ा राजस्व देते हैं। 2019 में करीब 1.09 लाख विदेशी सैलानी भारत आए और यहां कुल 2.22 लाख करोड़ रुपये खर्च किए। मार्च, 2022 तक लागू इस योजना पर कुल 100 करोड़ रुपये का खर्च आएगा। एक विदेशी पर्यटक भारत में औसतन 21 दिन रुकता है और प्रतिदिन करीब 2,400 रुपये खर्च करता है। इन पर्यटकों के लिए अमेरिका के मुकाबले भारत में इलाज का खर्च 65-90 फीसदी सस्ता पड़ता है।
विज्ञापन


गाइड और ट्रैवल एजेंसी को 8.25 फीसदी ब्याज पर कर्ज
वित्तमंत्री ने टूरिस्ट गाइड व छोटी ट्रैवल कंपनियों को गारंटी वाला कर्ज दिलाने की बात कही है। पंजीकृत कंपनियों को 10 लाख रुपये तक कर्ज मिलेगा, जिस पर 8.25 फीसदी का सालाना ब्याज वसूला जाएगा। वहीं, करीब 11 हजार पंजीकृत गाइड्स को अधिकतम एक लाख रुपये का कर्ज दिया जाएगा। इस पर भी सालाना ब्याज दर 8.25 फीसदी रहेगी। दोनों ही कर्ज पर प्रोसेसिंग शुल्क नहीं वसूला जाएगा। गाइड को मिलने वाले कर्ज पर कुल 110 करोड़ रुपये का खर्च आएगा। 
विज्ञापन
विज्ञापन


305 उत्पादों के निर्यात पर बढ़ेगा बीमा कवरेज
निर्यात क्षेत्र को बढ़ावा देने और निर्यातकों के लिए आसान कर्ज उपलब्ध कराने के लिए सरकार ने एक्सपोर्ट क्रेडिट गारंटी कॉरपोरेशन (ईसीजीएस) को 88 हजार करोड़ की मदद का एलान किया है। इससे निर्यात किए जाने वाले 305 उत्पादों पर बीमा कवरेज का दायरा बढ़ेगा। योजना का सबसे ज्यादा लाभ एमएसएमई को मिलेगा और छोटे निर्यातक अपने उत्पादों के लिए बैंकों से आसानी से कर्ज ले सकेंगे। 


पीएलआई में 6 फीसदी तक प्रोत्साहन एक साल बढ़ा 
मोबाइल, एसी, फ्रिच, लैपटॉप, कंप्यूटर जैसे इलेक्ट्रॉनिक उत्पाद बनाने वाली कंपनियों को उत्पादन आधारित प्रोत्साहन (पीएलआई) योजना का लाभ एक साल और मिलेगा। योजना की अवधि 2025-26 कर दी गई है, जिसमें हर साल बढ़त के आधार पर 6-4 फीसदी का नकद प्रोत्साहन मिलेगा। एलईडी-एसी उत्पादन पर 6,238 करोड़ व लैपटॉप-आईटी पर 7,350 करोड़ का प्रोत्साहन दिया जा रहा है। योजना में 10 लाख करोड़ के मोबाइल उत्पादन का लक्ष्य है।

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें कारोबार समाचार और Union Budget से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। कारोबार जगत की अन्य खबरें जैसे पर्सनल फाइनेंस, लाइव प्रॉपर्टी न्यूज़, लेटेस्ट बैंकिंग बीमा इन हिंदी, ऑनलाइन मार्केट न्यूज़, लेटेस्ट कॉरपोरेट समाचार और बाज़ार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed