{"_id":"60b8a5a88ebc3e29be28951b","slug":"central-government-constitutes-a-committee-to-fix-minimum-wages","type":"story","status":"publish","title_hn":"फैसला: न्यूनतम मजदूरी तय करने के लिए मोदी सरकार ने गठित की समिति, ये विशेषज्ञ शामिल","category":{"title":"Business Diary","title_hn":"बिज़नेस डायरी","slug":"business-diary"}}
फैसला: न्यूनतम मजदूरी तय करने के लिए मोदी सरकार ने गठित की समिति, ये विशेषज्ञ शामिल
Thu, 03 Jun 2021 03:19 PM IST
डिंपल अलावाधी
पीटीआई, नई दिल्ली
पीटीआई, नई दिल्ली
Published by: डिंपल अलावाधी
Updated Thu, 03 Jun 2021 03:19 PM IST
सार
न्यूनतम मजदूरी तय करने के लिए सरकार ने राष्ट्रीय स्तर पर एक विशेषज्ञ समूह का गठन किया है।
विज्ञापन
न्यूनतम मजदूरी
- फोटो : pixabay
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
सरकार ने राष्ट्रीय स्तर पर न्यूनतम मजदूरी तय करने के लिए प्रोफेसर अजीत मिश्रा की अगुवाई में एक विशेषज्ञ समूह का गठन किया है। श्रम मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि, 'श्रम और रोजगार मंत्रालय ने एक आदेश जारी किया है और न्यूनतम मजदूरी तथा राष्ट्रीय स्तर पर न्यूनतम मजदूरी के निर्धारण पर तकनीकी जानकारी और सिफारिश देने के लिए एक विशेषज्ञ समूह का गठन किया है।'
विज्ञापन
श्रमिकों के लिए अलग-अलग है न्यूनतम मजदूरी
विभिन्न श्रेणियों के श्रमिकों के लिए न्यूनतम मजदूरी अलग-अलग है। राष्ट्रीय स्तर पर न्यूनतम मजदूरी का तात्पर्य ऐसे वेतन से है, जो पूरे देश में सभी श्रेणियों के श्रमिकों पर लागू होता है। समूह का गठन अधिसूचना की तारीख से तीन साल की अवधि के लिए किया गया है।
विज्ञापन
मजदूरी निर्धारण के लिए वैज्ञानिक मानदंड विकसित करेगा समूह
यह समूह मजदूरी दरों को तय करने के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सर्वोत्तम प्रथाओं को देखेगा और मजदूरी निर्धारण के लिए एक वैज्ञानिक मानदंड विकसित करेगा। विशेषज्ञ समूह की अध्यक्षता इंस्टीट्यूट ऑफ इकोनॉमिक ग्रोथ के निदेशक प्रोफेसर अजीत मिश्रा करेंगे।
विज्ञापन
समूह के सदस्यों में ये विशेषज्ञ शामिल
विशेषज्ञ समूह के सदस्यों में प्रोफेसर तारिका चक्रवर्ती (आईआईएम कोलकाता) अनुश्री सिन्हा (सीनियर फेलो, नेशनल काउंसिल ऑफ एप्लाइड इकोनॉमिक रिसर्च), विभा भल्ला (संयुक्त सचिव) एच श्रीनिवास (महानिदेशक, वीवी गिरी नेशनल लेबर इंस्टीट्यूट) शामिल हैं। श्रम एवं रोजगार मंत्रालय के वरिष्ठ श्रम एवं रोजगार सलाहकार डी पी एस नेगी सदस्य सचिव हैं।
ईपीएफओ के छह करोड़ खाताधारकों के लिए राहत भरी खबर
कोरोना वायरस महामारी ने देश की जनता की आर्थिक स्थिति बिगाड़ दी है। लोगों को राहत देने के लिए सरकार हर संभव प्रयास कर रही है। हाल ही में कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने देश में महामारी की दूसरी लहर के प्रभाव के मद्देनजर अपने सब्सक्राइबर्स को राहत देने के लिए अहम फैसला लिया है। सब्सक्राइबर्स दूसरी बार नॉन-रिफंडेबल कोविड एडवांस का फायदा उठा सकते हैं।