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CCPA: भ्रामक विज्ञापनों और अनुचित व्यापार प्रथाओं के लिए फर्स्टक्राई पर कार्रवाई, 2 लाख रुपये का जुर्माना
Fri, 26 Sep 2025 07:06 PM IST
कुमार विवेक
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: कुमार विवेक
Updated Fri, 26 Sep 2025 07:06 PM IST
सार
CCPA: केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (सीसीपीए) ने भ्रामक विज्ञापनों और अनुचित व्यापार प्रथाओं के लिए डिजिटल एज रिटेल प्राइवेट लिमिटेड (फर्स्टक्राई) पर दो लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। आइए इस बारे में विस्तार से जानें।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : Adobe Stock
विस्तार
केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (सीसीपीए) ने भ्रामक विज्ञापनों और अनुचित व्यापार प्रथाओं के लिए डिजिटल एज रिटेल प्राइवेट लिमिटेड (फर्स्टक्राई) पर दो लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। शुक्रवार को जारी एक आधिकारिक बयान में सीसीपीए की ओर से यह बात कही गई। बयान के अनुसार गलत और भ्रामक मूल्य प्रस्तुतीकरण के लिए डिजिटल एज रिटेल प्राइवेट लिमिटेड (फर्स्टक्राई) पर 2,00,000 रुपये का जुर्माना लगाया है।
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यह आदेश उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 2019 की धारा 10, 20 और 21 के तहत पारित किया गया है। सीसीपीए ने डिजिटल एज रिटेल (फर्स्टक्राई) के खिलाफ अपने ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म (www.firstcry.com) पर भ्रामक विज्ञापन प्रकाशित करने और अनुचित व्यापार प्रथाओं में शामिल होने के लिए आदेश जारी किया है।
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प्राधिकरण ने कंपनी को इस प्रथा को सुधारने और यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि मूल और रियायती मूल्य, दोनों में सभी कर शामिल हों। कंपनी को कहा गया कि अतिरिक्त शुल्क का साफ उल्लेख किया जाए। यह कार्रवाई एक उपभोक्ता की शिकायत के आधार पर की गई थी कि फर्स्टक्राई ने उत्पादों को "सभी करों सहित एमआरपी" के साथ प्रदर्शित किया था।
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रिपोर्ट में आगे कहा गया है, "राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन (एनसीएच) के आंकड़ों से समर्थित जांच से पता चला है कि एमआरपी पर छूट का विज्ञापन करने, लेकिन रियायती मूल्य पर अलग से जीएसटी वसूलने से उपभोक्ताओं को मिलने वाला लाभ काफी कम हो गया। उदाहरण के लिए, 27 प्रतिशत छूट के साथ विज्ञापित उत्पाद जीएसटी लागू होने के बाद प्रभावी रूप से केवल 18.2 प्रतिशत छूट पर बेचे गए।"
सीसीपीए ने उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 2019 की धारा 2(28) के तहत भ्रामक मूल्य निर्धारण, भ्रामक विज्ञापन और धारा 2(47) के तहत अनुचित व्यापार प्रथाओं के कारण यह कार्रवाई की है। बयान में कहा गया है कि सीसीपीए के हस्तक्षेप के बाद कंपनी ने अपनी वेबसाइट और मोबाइल एप्लीकेशन पर कीमतों के प्रदर्शन में अधिक पारदर्शिता प्रदान करने के लिए अपने प्लेटफॉर्म में सुधार किया है।