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CBIC: आयातित सामान पर मूल नियमों के टकराव में लागू होगा एफटीए प्रावधान, माल की डंपिंग रोकने में मिलेगी मदद
Sat, 20 Aug 2022 06:20 AM IST
देव कश्यप
एजेंसी, नई दिल्ली।
एजेंसी, नई दिल्ली।
Published by: देव कश्यप
Updated Sat, 20 Aug 2022 06:20 AM IST
सार
सीमा शुल्क के संबंध में 21 अगस्त, 2020 को अधिसूचना जारी की गई थी। 21 सितंबर, 2020 से अमल में लाया गया था। नियमों के तहत सीमा शुल्क अधिकारी को ऐसा लगता है कि उत्पादक देश के निर्धारित मापदंड को पूरा नहीं किया गया है तो वह आयातक से कारोबार समझौते के तहत और जानकारी मांग सकते हैं।
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सांकेतिक तस्वीर।
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
वित्त मंत्रालय ने कहा है कि राजस्व विभाग और आयातक के बीच टकराव के मामले में मूल देश के संबंध में मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) में दी गई विशेष छूट अवश्य लागू होगी। केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर एवं सीमा शुल्क बोर्ड (सीबीआईसी) ने मुख्य आयुक्त को दिए निर्देश में कहा है कि सीमा शुल्क के अधिकारियों को आवेदन देने में संवेदनशीलता बरतनी चाहिए। साथ ही संबंधित व्यापार समझौते के प्रावधानों या इसके मूल नियमों के प्रावधानों पर अमल करते रहना चाहिए।
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सीमा शुल्क के संबंध में 21 अगस्त, 2020 को अधिसूचना जारी की गई थी। 21 सितंबर, 2020 से अमल में लाया गया था। नियमों के तहत सीमा शुल्क अधिकारी को ऐसा लगता है कि उत्पादक देश के निर्धारित मापदंड को पूरा नहीं किया गया है तो वह आयातक से कारोबार समझौते के तहत और जानकारी मांग सकते हैं। जानकारी नहीं मिलने पर अधिकारी आगे सत्यापन कर सकते हैं।
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माल की डंपिंग रोकने में मिलेगी मदद
इस प्रावधान के तहत किसी देश ने भारत के साथ एफटीए पर हस्ताक्षर किया है तो वह किसी तीसरे देश से माल को भारतीय बाजार में केवल एक लेबल लगाकर नहीं भेज सकता है। उसे भारत को निर्यात करने के लिए उस उत्पाद में एक निर्धारित मूल्यवर्धन करना होगा। भारत ने संयुक्त अरब अमीरात, मॉरीशस, जापान, दक्षिण कोरिया, सिंगापुर और आसियान देशों के साथ भी मुक्त व्यापार समझौता किया है।
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आयातकों की चिंताओं को दूर करेगा
अर्नेस्ट एंड यंग के भागीदार सौरभ अग्रवाल ने कहा कि यह निर्देश काफी हद तक आयातकों की चिंताओं को दूर करेगा। खासकर वहां, जहां भी एफटीए आधारित छूट का लाभ उठाया जा रहा है। वर्तमान में नियमों के लिए आंकड़ों और तथ्यों को व्यापक रूप से पेश करने की आवश्यकता होती है।
मोबाइल डिस्प्ले असेंबली के आयात पर लगेगा 15 फीसदी सीमा शुल्क
केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर एवं सीमा शुल्क बोर्ड (सीबीआईसी) ने कहा कि स्पीकर और सिम ट्रे जैसे कलपुर्जों के साथ आने वाली मोबाइल फोन डिस्प्ले असेंबली के आयात पर 15 फीसदी की दर से ही बुनियादी सीमा शुल्क (बीसीडी) लगेगा।
सीबीआईसी ने कहा, डिस्प्ले असेंबली के आयात में गलत जानकारियां देने की घटनाएं सामने आती रही हैं। इसे दूर करने को बीसीडी में बदलाव किया गया है। फिलहाल मोबाइल डिस्प्ले असेंबली इकाई के आयात पर 10% सीमा शुल्क लगता है। लेकिन डिस्प्ले असेंबली में इस्तेमाल अलग-अलग उपकरणों के आयात पर शुल्क नहीं लगता है। मोबाइल फोन की डिस्प्ले इकाई में टच पैनल, कवर ग्लास, एलईडी बैकलाइट जैसे कलपुर्जे शामिल होते हैं। हालांकि, अगर एक मोबाइल फोन की डिस्प्ले इकाई सिर्फ धातु या प्लास्टिक से बने बैक सपोर्ट फ्रेम के साथ आयात होती है तो उस पर 10 फीसदी ही कर लगेगा।