ट्रेन यात्रियों से हो रही ठगी, 55 रुपये के खाने को 170 में बेंच रहे कैटरर
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ट्रेनों की लेटलतीफी ही नहीं खान-पान व्यवस्था को लेकर भी यात्री परेशान हैं। रेलवे में यात्रियों की शिकायतों का अंबार लगा हुआ है। खाने की गुणवत्ता, कीमत से अधिक खाने के लिए पैसा वसूलना, मात्रा, बदसलूकी व स्वच्छता को लेकर रेलवे को बड़े पैमाने पर शिकायत इन दिनों मिल रही हैं।
हैरानी की बात यह है की 55 रुपये की जगह खाने का 170 रुपये तक वसूला जा रहा है। पिछले एक महीने में सौ से अधिक ट्रेनों में कीमत से अधिक पैसा वसूलने का मामले सामने आया है। रेलवे ने स्पेशल ड्राइव चलाकर 61 ट्रेनों के कैटरर को रंगे हाथ पकड़ा और एक लाख से पांच लाख रुपये तक जुर्माना ठोका गया।
ट्रेनों में सनसाइन कैटरर, सत्यम कैटरर, आरके एसोसिएट्स, ब्रंदावन फूड फैक्ट्री कैटरर को रंगे हाथ रेलवे ने धरा। रेलवे जल्द ही अलग से शिकायत के लिए मोबाइल नंबर जारी करेगा, सोशल मीडिया पर शिकायत करने पर अधिक कीमत लेने वाले कैटरर को जुर्माना किया जाएगा। बीते साल भी ट्रेनों में खानपान सेवाओं से संबंधित शिकायतें रेलवे को मिली थीं।
आधिकारिक आकड़े की माने तो पिछले साल रेलवे को छह हजार से अधिक लोगों ने अधिक प्रभार, गुणवत्ता, मात्रा, बदसलूकी, स्वच्छता को लेकर शिकायत दर्ज कराई थीं। कीमत से ज्यादा वसूली को लेकर सबसे अधिक शिकायतें रेलवे को मिली थीं। 1686 लोगों ने कीमत से ज्यादा दाम चुकाने के लिए शिकायत की है तो गुणवत्ता को लेकर 1125 यात्रियों ने शिकायत की है।
रेलवे के अनुसार खाने की तय की गई कीमत
. नॉन वेज थाली महज 55 रुपये। इसमें चावल 150 ग्राम, दो पराठा या चपाती, पांच पूड़ी, 150 ग्राम दाल या सांभर, दो अंडे, 100 ग्राम दही, 15 ग्राम अचार दिया जाएगा।
. वेज थाली महज महज 50 रुपये। इसमें चावल 150 ग्राम, दो पराठा या चपाती, पांच पूड़ी, 150 ग्राम दाल या सांभर, 100 ग्राम मिक्स वेजिटेबल, 100 ग्राम करी सब्जी, 100 ग्राम दही, 15 ग्राम अचार दिया जाएगा।