कनाडा बना भारतीयों के लिए विदेश में बसने के लिए सबसे पसंदीदा जगह, 200 फीसदी हुआ इजाफा
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भारतीयों के लिए कनाडा सबसे पसंदीदा जगह विदेश में बसने के लिए बनता जा रहा है। अमेरिका में एच1बी वीजा मिलने में आ रही दिक्कतों के कारण कनाडा के वीजा एप्लिकेशन में 200 फीसदी का इजाफा हो गया है।
ट्रंप प्रशासन ने की कटौती
ट्रंप प्रशासन ने एच1बी वीजा देने में कटौती कर दी है। इसके साथ ही भारतीयों को ग्रीन कार्ड मिलने में भी देरी हो रही है। अभी तीन लाख लोग अमेरिका में ग्रीन कार्ड मिलने का इंतजार कर रहे हैं। इस बैकलॉग को कम करने के लिए लोगों को 151 साल का इंतजार करना पड़ेगा।
कनाडा का वीजा मिलने में नहीं होती दिक्कत
वहीं दूसरी तरफ अमेरिका के पड़ोसी देश कनाडा में भारतीयों को वीजा मिलने में किसी तरह की कोई दिक्कत नहीं होती है। वहां का नागरिक होने की वजह से अमेरिका आना-जाना भी आसान हो जाता है। कनाडा के एक्सप्रेस एंट्री वीजा में सबसे ज्यादा भारतीय ही अप्लाई कर रहे हैं।
2017 में 36 हजार भारतीयों ने किया अप्लाई
एक्सप्रेस एंट्री वीजा प्रोग्राम के तहत 2017 में 86022 लोगों ने अप्लाई किया था, जिसमें से 36 हजार केवल भारतीय नागरिक थे। वहीं 2016 में महज 11 हजार भारतीयों ने आवेदन किया था। 2017 में 65401 लोगों व उनके परिवार को कनाडा में स्थाई तौर पर रहने की अनुमति मिल गई।
इनको मिली अनुमति
जिन लोगों को कनाडा ने अपने यहां रहने की अनुमति दी है, उनमें सॉफ्टवेयर इंजीनियर्स, इंफोर्मेशन सिस्टम एनालिस्ट, डिजाइनर्स, कंप्यूटर प्रोग्रामर्स और विश्वविद्यालयों में पढ़ाने वाले लेक्चरर शामिल हैं। इनमें से कई लोग सालों से अमेरिका में काम कर रहे थे, लेकिन अब ट्रंप सरकार के आ जाने के बाद से कनाडा को अपना ठिकाना बना लिया है।