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कैबिनेट का फैसला: छोटे उद्योगों को सरकार ने दी राहत, 6062 करोड़ के वित्तपोषण कार्यक्रम को मंजूरी
Wed, 30 Mar 2022 06:30 PM IST
दीपक चतुर्वेदी
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: दीपक चतुर्वेदी
Updated Wed, 30 Mar 2022 06:30 PM IST
सार
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में बुधवार को हुई कैबिनेट की बैठक में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने लघु और मझोले व्यवसायों के लिए विश्व बैंक से सहायता प्राप्त 6,062 करोड़ रुपये के वित्तपोषण कार्यक्रम को मंजूरी दी, ताकि बाजार तक उनकी पहुंच में सुधार हो सके।
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- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
बुधवार को हुई कैबिनेट की बैठक में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने लघु और मझोले व्यवसायों के लिए विश्व बैंक से सहायता प्राप्त 6,062 करोड़ रुपये के वित्तपोषण कार्यक्रम को मंजूरी दी, ताकि बाजार तक उनकी पहुंच में सुधार हो सके।
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बैठक में लिए गए फैसलों के संबंध में जारी रिपोर्ट में कहा गया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (सीसीईए) ने सूक्ष्म, लघु और मझोले उद्यमों (एमएसएमई) के लिए 6,062.45 करोड़ रुपये या 80.8 करोड़ डॉलर के एमएसएम प्रदर्शन को बेहतर और तेज करना (रैम्प) को मंजूरी दी। इसके तहत राज्यों में कार्यान्वयन क्षमता के साथ ही एमएसएमई की कवरेज को बढ़ाने का प्रयास किया जाएगा। कार्यक्रम के कुल परिव्यय में 3,750 करोड़ रुपये (50 करोड़ डॉलर) विश्व बैंक से बतौर ऋण आएंगे, जबकि शेष 2,312.45 करोड़ रुपये केंद्र सरकार मुहैया कराएगी। इस कार्यक्रम की शुरुआत वित्त वर्ष 2022-23 में की जाएगी।
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रिपोर्ट में कहा गया है कि इस कार्यक्रम का उद्देश्य बाजार और कर्ज तक एमएसएमई की पहुंच को बेहतर करना, केंद्र एवं राज्यों में स्थित विभिन्न संस्थानों और संचालन को मजबूत करना, केंद्र-राज्य संबंधों और साझेदारियों को बेहतर करना, एमएसएमई को देर से होने वाले भुगतान जैसे मुद्दों को सुलझाना है। बयान में कहा गया कि व्यावसायिक स्थिरता की बेहतरी के लिए रैम्प मददगार साबित होगा। गौरतलब है कि सरकार ने सूक्ष्म, लघु और मझोले उद्यमों को यूके सिन्हा समिति, केवी कामत समिति तथा प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद (पीएमईएसी) की सिफारिशों के अनुरूप मजबूत बनाने के लिए रैम्प की रूपरेखा तैयार की है।
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