Cabinet Decision: लॉजिस्टिक्स पॉलिसी को कैबिनेट ने दी मंजूरी, सेमीकंडक्टर इकाइयों को 50% प्रोत्साहन राशि
Cabinet: बुधवार को हुई केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में कई अहम फैसले लिए गए। कैबिनेट में लिए गए फैसलों के बारे में बताते हुए केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने बताया है कि नेशनल लाॅजिस्टिक्स पॉलिसी को कैबिनेट की मंजूरी मिल गई है।
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सरकार ने बुधवार को सेमीकंडक्टर और डिस्प्ले बनाने वाली कंपनियों के लिए 76,000 करोड़ की प्रोत्साहन योजना में बदलाव किया है। इसके तहत सभी श्रेणियों के कारखानों को परियोजना लागत की 50 फीसदी की एक समान वित्तीय मदद दी जाएगी। पहले अलग-अलग श्रेणियों के लिए 30-50% प्रोत्साहन देने का प्रावधान था।
सूचना एवं प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर ने केंद्रीय मंत्रिमंडल के फैसलों की जानकारी देते हुए बताया कि सरकार न केवल अत्याधुनिक कंप्यूटिंग चिप्स बल्कि बिजली, दूरसंचार व मोटर वाहन जैसे क्षेत्रों में इस्तेमाल सेमीकंडक्टर फैब की स्थापना के लिए सभी प्रौद्योगिकी नोड्स में परियोजना लागत का 50 फीसदी प्रोत्साहन देगी।
वहीं, सूचना प्रौद्योगिकी राज्यमंत्री राजीव चंद्रशेखर ने कहा, पैकेज के लिए कुल खर्च पहले जितना ही रहेगा, लेकिन 50% प्रोत्साहन से सेमीकंडक्टर नीति बेहद प्रतिस्पर्धी हो जाएगी। इससे सिलिकॉन, कंपाउंड फैब, पैकेजिंग इकाइयों, डिस्प्ले फैब, डिजाइन व नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र को अत्यधिक बढ़ावा मिलेगा।
उन्होंने कहा, हम चाहते हैं कि डिजाइन से लेकर विनिर्माण, पैकेजिंग और परीक्षण तक, पूरा एकीकृत पारिस्थितिकी तंत्र यहां मौजूद हो। जोखिम यह था कि हमारे पास फैब होते और फिर पैकेजिंग कहीं और होती। हम नहीं चाहेंगे कि ऐसा स्थिति हो। हम चाहते हैं कि अगर फैब यहां हैं तो पैकेजिंग भी यहां हो।
लॉजिस्टिक नीति : निर्बाध आपूर्ति के साथ घटेगी परिवहन लागत
- परिवहन लागत घटाने और देश में वस्तुओं की निर्बाध आपूर्ति को बढ़ावा देने के लिए राष्ट्रीय लॉजिस्टिक नीति को मंजूरी दी गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि हमें कारोबार की मौजूदा लॉजिस्टिक लागत को 13-14 फीसदी से घटाकर जल्द से जल्द 10 फीसदी से नीचे लाना चाहिए। इस नीति में लॉजिस्टिक क्षेत्र के लिए विस्तृत रूपरेखा तय की है। उन्होंने कहा, इस नीति से वृद्धि को गति मिलेगी और वैश्विक व्यापार में देश की भागीदारी बढ़ेगी। किसानों और सूक्ष्म, लघु एवं मझोले उद्यम (एमएसएमई) क्षेत्र को विशेष रूप से लाभ होगा।
- नीति का लक्ष्य 2030 तक लॉजिस्टिक्स परफॉर्मेंस इंडेक्स रैंकिंग में शीर्ष-25 देशों में शामिल होना है। समावेशी विकास के लिए तकनीकी रूप से सक्षम एकीकृत, लागत कुशल, लचीला, टिकाऊ और विश्वसनीय पारिस्थितिकी तंत्र को विकसित करना, इसका मकसद है। लॉजिस्टिक नीति प्रधानमंत्री गति शक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान की पूरक है।
आएगा दो लाख करोड़ का निवेश
चंद्रशेखर ने कहा, वैश्विक कंपनियां सेमीकंडक्टर के लिए व्यावहारिक निवेश गंतव्य के रूप में भारत के नाम पर विचार कर रही हैं। इन संशोधनों से इंटेल जैसी वैश्विक कंपनियों को भारत में विनिर्माण इकाई की स्थापना के लिए आकर्षित किया जा सकेगा। आयात निर्भरता कम होगी। दो साल में करीब दो लाख करोड़ रुपये का निवेश आएगा। रोजगार को भी बढ़ावा मिलेगा। संभावित निवेशकों से चर्चा के आधार पर उम्मीद है कि जल्द ही पहले सेमीकंडक्टर संयंत्र को स्थापित करने का काम शुरू हो जाएगा।
सौर पीवी मॉड्यूल : 19,500 करोड़ रुपये की पीएलआई
देश में उच्च दक्षता के सौर पीवी मॉड्यूल के निर्माण को बढ़ावा देने के लिए 19,500 करोड़ की पीएलआई योजना के दूसरे चरण को मंजूरी दी गई है। इससे क्षेत्र में करीब 94,000 करोड़ का निवेश आएगा। देश की सौर पीवी निर्माण क्षमता सालाना 65,000 मेगावाट बढ़ जाएगी। योजना 14 क्षेत्रों में लागू होगी। इसका लाभ पांच साल तक मिलेगा। ठाकुर ने कहा, भारत उत्पादन दक्षता हासिल कर मेक इन इंडिया की दिशा में आगे बढ़ रहा है। इसे देखते हुए नवीन एवं नवीकरण ऊर्जा मंत्रालय के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है।