Biz Updates: कच्चे तेल के दाम $70 से नीचे रहे तो GDP का लक्ष्य पाना संभव; विकास दर पर वित्त मंत्रालय का बयान
टैरिफ बढ़ने से 5.76 अरब डॉलर घट सकता है अमेरिका को निर्यात
अमेरिकी टैरिफ में वृद्धि से इस वर्ष समुद्री सामान, सोना, इलेक्ट्रिकल व इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे क्षेत्रों से अमेरिका को भारत के निर्यात में 5.76 अरब डॉलर (6.41 फीसदी) की गिरावट आने की आशंका है। जीटीआरआई के मुताबिक, हालांकि, चुनिंदा उत्पाद सेगमेंट में भारत की प्रतिस्पर्धी स्थिति कुछ नुकसान की भरपाई करने में सहायक हो सकती है। रिपोर्ट के अनुसार, जिन क्षेत्रों में मामूली बढ़त देखी जा सकती है, उनमें कपड़ा, परिधान, सिरेमिक उत्पाद और फार्मास्यूटिकल्स शामिल हैं। अमेरिका ने 9 अप्रैल से फार्मा, सेमीकंडक्टर व कुछ ऊर्जा वस्तुओं को छोड़कर अतिरिक्त 26 प्रतिशत शुल्क लगाने की घोषणा की है। 2024 में भारत ने अमेरिका को 89.81 अरब डॉलर का निर्यात किया। रिपोर्ट के मुताबिक, कई प्रमुख उत्पाद समूहों में कमी आ सकती है। मछली निर्यात में 20.2 प्रतिशत की गिरावट आ सकती है।
ऑफिस वाली इमारतों में कम निवेश आने से 2024-25 में रियल एस्टेट में कुल निजी निवेश तीन फीसदी घटकर 3.7 अरब डॉलर रह गया। एनारॉक के मुताबिक, पिछले पांच वर्षों से लगातार निवेश घट रहा है। 2021 में यह 6.4 अरब डॉलर था, जो अब 43 फीसदी घट गया है।
2025-26 में 4% तक बढ़ेगी मकानों की बिक्री
रेटिंग एजेंसी इक्रा ने कहा, चालू वित्त वर्ष 2025-26 में मकानों की बिक्री में मामूली एक से चार फीसदी की वृद्धि संभव है। वहीं, देश के सात प्रमुख शहरों में मकानों की नई पेशकश छह से नौ फीसदी बढ़ सकती है। इस दौरान औसत बिक्री मूल्य में तीन से पांच फीसदी का अनुमान है।
सेबी ने नियमों के उल्लंघन के मामले में रिलायंस सिक्योरिटीज पर सात लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। यह रकम कंपनी को 45 दिनों में भरनी होगी। सेबी ने 2022 से 2023 के बीच रिलायंस की जांच की थी। इसमें नियमों का उल्लंघन का मामला सामने आया था।
कॉफी डे एंटरप्राइजेज लि. ने 31 मार्च, 2025 तक बैंकों, वित्तीय संस्थानों एवं गैर-सूचीबद्ध ऋण प्रतिभूतियों से एनसीडी और एनसीआरपीएस के रूप में लिए गए कर्ज पर ब्याज व मूल राशि के भुगतान पर 425.38 करोड़ की चूक की है।कंपनी ने कहा, ब्याज राशि देने और मूल राशि के पुनर्भुगतान में देरी नकदी संकट के कारण है। कंपनी के मुताबिक, ब्याज और मूलधन के पुनर्भुगतान में चूक के कारण कर्जदाताओं ने उसे कर्ज वापस करने को लेकर नोटिस भेजे हैं और साथ ही कानूनी प्रक्रिया भी शुरू कर दी है।
उत्पाद शुल्क में दो रुपये की बढ़ोतरी के बाद पेट्रोल पर केंद्र सरकार की ओर से लगाए गए करों का कुल भार 19.9 रुपये प्रति लीटर से बढ़कर 21.9 रुपये हो गया है। इसमें 1.40 रुपये प्रति लीटर आधार उत्पाद शुल्क, 13 रुपये विशेष अतिरिक्त उत्पाद शुल्क, 2.50 रुपये कृषि उपकर और 5 रुपये सड़क और बुनियादी ढांचा उपकर भी शामिल है। इसी तरह, डीजल पर कुल कर 15.80 रुपये प्रति लीटर से बढ़कर 17.80 रुपये हो गया है।
दो साल में 9 बार बढ़ाया गया था उत्पाद शुल्क
नवंबर, 2014 से जनवरी, 2016 के बीच कच्चे तेल की कीमतें गिरने से कंपनियों को होने वाले लाभ को कम करने के लिए पेट्रोल-डीजल पर उत्पाद शुल्क में नौ बार बढ़ोतरी की गई थी। इस दौरान पेट्रोल पर 11.77 रुपये और डीजल पर 13.47 रुपये प्रति लीटर शुल्क बढ़ाया गया। इससे सरकार का उत्पाद शुल्क संग्रह 2014-15 के 99,000 करोड़ से दोगुना होकर 2016-17 में 2,42,000 करोड़ हो गया।
सेबी ने आधिकारिक एक्स अकाउंट लॉन्च किया
बाजार नियामक सेबी ने मंगलवार को अपना आधिकारिक एक्स अकाउंट- @SEBI_updates लॉन्च करने की घोषणा की। नियामक इस हैंडल पर सेबी विनियमों, आदेशों, परिपत्रों और प्रेस विज्ञप्तियों से जुड़ी अधिसूचनाएं पोस्ट करेगा। ये सभी अपडेट्स नियामक की वेबसाइट पर भी उपलब्ध होंगे। नियामक ने एक बयान में कहा, "सेबी से विभिन्न अपडेट तक त्वरित पहुंच के लिए निवेशक, कॉरपोरेट, मध्यस्थ और अन्य हितधारक @SEBI_updates का अनुसरण कर सकते हैं।" उन्होंने बताया कि नया हैंडल आधिकारिक तौर पर 4 अप्रैल को लॉन्च किया गया।