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दो घंटे में होगा मुंबई से अहमदाबाद का सफर, जल्द शुरू होगा जमीन अधिग्रहण का काम

Fri, 30 Mar 2018 02:41 PM IST
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Fri, 30 Mar 2018 02:41 PM IST
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bullet train will complete the travel in two hours, land acquisition process will start soon
bullet train
मुंबई से अहमदाबाद के बीच चलने वाली बुलेट ट्रेन 508 किलोमीटर का  सफर 2 घंटे और सात मिनट में पूरा करेगी। वहीं इसको पूरा करने की डेडलाइन को भी कम कर दिया गया है। अब इस प्रोजेक्ट के लिए जमीन अधिग्रहण करने का काम नेशनल हाई स्पीड रेलवे कॉर्पोरेशन जल्द शुरू करेगा। 
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यह हो गई है नई डेडलाइन
कार्पोरेशन ने इस प्रोजेक्ट के लिए पहले से तय डेडलाइन को घटा दिया है। पहले इसके लिए 2023 की डेडलाइन रखी गई थी। लेकिन अब 15 अगस्त 2022 को आजादी के 75 साल पूरे होने पर बुलेट ट्रेन देश में चलना शुरू हो जाएगी। 
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एक बार में सफर कर सकेंगे 750 यात्री
बुलेट ट्रेन की शुरुआत में एक तरफ से 750 यात्री यात्रा कर सकेंगे। जब ज्यादा लोग इससे यात्रा करने लगेंगे तो फिर कोच की संख्या बढ़ा दी जाएगी, जिससे एक बार में 1250 यात्री सफर कर सकेंगे। 
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हर 20 मिनट में मिलेगी एक ट्रेन
सुबह 7 बजे से 10 बजे तक और शाम को 5 से रात्रि 9 बजे के बीच हर 20 मिनट के अंतराल पर एक ट्रेन चलाई जाएगी। वहीं नॉन पीक समय में दो ट्रेनें चलेंगी। ट्रेन भी दो तरह की होंगी। पहली जो सभी 12 स्टेशनों पर रुकेगी और दूसरी जिनका ठहराव कुछ चुनिंदा स्टेशनों पर होगा।  बुलेट ट्रेन का टर्मिनस साबरमती स्टेशन पर बनेगा। मुंबई के बीकेसी स्टेशन पर ट्रेन जाकर के वापस आ जाएगी।  

ट्रेन में होगीं ये खूबियां

bullet train will complete the travel in two hours, land acquisition process will start soon

ट्रेन में दिव्यांगों, बीमारी से ग्रसित लोगों और महिलाओं व बच्चों के लिए खास ध्यान रखा गया है। इस ट्रेन में जहां दिव्यांगों के लिए पूरी ट्रेन में दो टॉयलेट होंगे, वहीं बीमारी से ग्रसित लोगों के लिए अलग से जगह बनाई जाएगी। इसी तरह महिलाओं के लिए अलग कक्ष होगा जहां पर अपने बच्चों को दूध पिला सकें। ट्रेन में दीवार पर माउंट किए गए टॉयलेट होंगे। ट्रेन के अंदर बच्चों के लिए भी अलग से टॉयलेट होगा। 

110 हजार करोड़ की लागत
इस प्रोजेक्ट पर 110 हजार करोड़ की लागत आएगी, जिसमें से 88 हजार करोड़ रुपये जापान सरकार की तरफ से लोन मिलेगा। इस लोन पर 0.1 फीसदी इंटरेस्ट लगेगा, जिसको 50 साल में रिपेमेंट करना होगा। रिपेमेंट भी पूरा पैसा मिलने के 15 साल बाद शुरू होगा। इस हिसाब से देखा जाए तो प्रत्येक महीने केवल 7-8 करोड़ रुपये का खर्च केवल इंटरेस्ट चुकाने पर आएगा, जिससे रेलवे पर किसी तरह का कोई आर्थिक बोझ नहीं पड़ेगा। 

20 हजार लोगों को मिलेगी नौकरी
इस प्रोजेक्ट के कंस्ट्रक्शन फेज में ही कुल 20 हजार लोगों को नौकरी मिलेगी। जिन लोगों को नौकरी पर रखा जाएगा, उन्हें विशेष प्रकार की ट्रेनिंग दी जाएगी। इससे उनको प्रोजेक्ट को तैयार करने में काफी मदद मिलेगी। पूरे प्रोजेक्ट के लिए हाईस्पीड रेल ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट की स्थापना वडोदरा में खोला जाएगा। 

मुंबई में अंडरग्राउंड बाकी ऐलिवेटिड होगा ट्रैक
पूरे 508 किमी के रूट में केवल मुंबई शहर और समुद्र में 7 किलोमीटर के हिस्से को छोड़कर पूरा ट्रैक ऐलिवेटिड होगा। यह ट्रैक गुजरात के साबरमती से शुरू होकर के मुंबई के बांद्रा-कुर्ला कॉम्पलेक्स पर खत्म होगा। 

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