फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Business ›   Business Diary ›   Budget 2020 was disappointing for lacking vision says ECA PM member Ashima Goyal

प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद की सदस्य ने बजट 2020 को बताया निराशाजनक

Mon, 17 Feb 2020 01:17 PM IST
‌डिंपल अलवधी बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: ‌डिंपल अलवधी Updated Mon, 17 Feb 2020 01:17 PM IST
सार

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आर्थिक सलाहकार परिषद (ईएसी-पीएम) की सदस्य आशिमा गोयल ने आम बजट को निराशाजनक बताया है। 

विज्ञापन
Budget 2020 was disappointing for lacking vision says ECA PM member Ashima Goyal

विस्तार

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आर्थिक सलाहकार परिषद (ईएसी-पीएम) की सदस्य आशिमा गोयल ने इंदिरा गांधी इंस्टिट्यूट फॉर डेवलपमेंट रिसर्च के एक कार्यक्रम के दौरान इस बार के एक फरवरी 2020 को पेश हुए आम बजट को निराशाजनक बताया है। साथ ही कहा है कि यह दूरदर्शिता की कमी वाला बजट है।

विज्ञापन

वित्त मंत्री ने नहीं किया 'स्लोडाउन' शब्द का प्रयोग

ईएसी-पीएम की अंशकालिक सदस्य गोयल ने कहा कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा पेश किए गए बजट भाषण में 'स्लोडाउन' शब्द का प्रयोग नहीं किया जाना चौंकाने वाला है।

विज्ञापन

आर्थिक सुस्ती से लोग परेशान

उन्होंने कहा कि यह विकास के लिए राजस्व प्रोत्साहन और खर्च के लिए जिम्मेदारी के बीच संतुलन स्थापित करने वाला दस्तावेज है। लोग आर्थिक सुस्ती को लेकर चिंतित हैं। भारत कि वृद्धि दर पांच फीसदी के निचले स्तर पर है। तब भी बजट 2020 के दौरान आर्थिक सुस्ती से निपटने के उपायों को लेकर कोई चर्चा नहीं हुई। 

विज्ञापन
विज्ञापन

दूरदर्शिता के अभाव के कारण निराशाजनक है बजट 

उनके अनुसार, राजकोषीय घाटे को लेकर ढील और आयकर को सरल बनाने संबंधी सुधार बेहतर हैं। लेकिन तब भी दूरदर्शिता के अभाव के कारण बजट निराशाजनक है। गोयल ने कहा कि बजट पेश करते वक्त वित्त मंत्री ऐसी विरोधाभासी स्थिति में थीं जहां किसी न किसी को तो नाखुश होना ही था।

संतुलन स्थापित करने में कामयाब रही वित्त मंत्री

वहीं बजट के सकारात्मक पक्ष पर चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि वित्त मंत्री अपने फैसलों के चलते संतुलन स्थापित करने में कामयाब रही हैं। राजकोषीय घाटे के मामले में 0.5 फीसदी की ढील वाले प्रावधान के चलते संसाधनों में महत्वपूर्ण वृद्धि की संभावना है।

2008-09 में चार फीसदी से ऊपर था राजकोषीय घाटा

साथ ही उन्होंने साल 2008-09 की मंदी के दौरान अर्थव्यवस्था के लिए उठाए गए कदमों को इस बार के बजट में शामिल नहीं किए जाने के फैसले की भी तारीफ की। 2008-09 में राजकोषीय घाटा चार फीसदी से ऊपर था और वृद्धि दर के लिए ब्याज दरें निचले स्तर तक कम कर दी गईं थी। 

सब्सिडी मॉडल पर विचार की जरूरत

कार्यक्रम के दौरान गोयल ने बजट के लक्ष्यों का मुद्दा उठाया और कहा कि सब्सिडी के मॉडल पर फिर से विचार करने की जरूरत बताई। खाद्य सब्सिडी पर जोर देते हुए उन्होंने बताया कि लोगों के उपभोग की आदतें बदल चुकी हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें कारोबार समाचार और Union Budget से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। कारोबार जगत की अन्य खबरें जैसे पर्सनल फाइनेंस, लाइव प्रॉपर्टी न्यूज़, लेटेस्ट बैंकिंग बीमा इन हिंदी, ऑनलाइन मार्केट न्यूज़, लेटेस्ट कॉरपोरेट समाचार और बाज़ार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed