बजट 2020: पूर्वोत्तर में बनाए जाएं ज्यादा पर्यटन सर्किट, सरकार लेकर आए फेंड्रली पॉलिसी- थॉमस कुक
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
भारतीय अर्थव्यवस्था में टूरिज्म सेक्टर का अहम योगदान है। सरकार को चाहिए कि वो इस सेक्टर को बूस्ट देने के लिए इस बार के बजट में ऐसी पॉलिसी लेकर आए जो सभी स्टेकहोल्डर के लिए फ्रेंडली हो। इसके साथ ही पूर्वोत्तर राज्यों में और ज्यादा पर्यटन सर्किट बनाए जाने की घोषणा इस बार के बजट में की जाने कि उम्मीद करते हैं।
थॉमस कुक इंडिया लिमिटेड के एग्जिक्यूटिव निदेशक और सीईओ महेश अय्यर ने अमर उजाला से खास बातचीत में कहा कि इस बार के बजट को टूरिज्म सेक्टर पर अपना फोकस रखना चाहिए। इससे इस सेक्टर में कार्यरत कंपनियों व कर्मचारियों के साथ ही देशी-विदेशी पर्यटकों को भी फायदा मिलेगा।
पूर्वोत्तर पर हो ज्यादा फोकस
अय्यर ने कहा कि सरकार को फिलहाल पूर्वोत्तर पर अपना ज्यादा फोकस रखना चाहिए। फिलहाल देश के पूर्वी राज्यों में घरेलू पर्यटकों के लिए अच्छा इंफ्रास्ट्रक्चर मौजूद नहीं है। ऐसे में पूर्वोत्तर में नए ट्रेवल सर्किट बनाकर के इस सेक्टर के लिए संभावनाओं के नए द्वार खुलेंगे। विमानन कंपनियों को भी यहां पर नए रूट्स पर सेवाएं शुरू करनी होंगी। हालांकि यहां के लिए सरकार को जीएसटी रेट कम करने पर काम करना चाहिए।
इसके अलावा हमारी मांग है कि एयर ट्रेवल एजेंट पर लगने वाले टैक्स कलेक्शन एट सोर्स पर सरकार अपनी मंशा को साफ करे। वहीं सेक्शन 16(2) में संशोधन से इनपुट टैक्स क्रेडिट पर क्लेम के लिए एयरलाइन द्वारा लगाए गए टैक्स से कंपनियों या फिर रजिस्टर्ड यात्रियों द्वारा ट्रेवल कंपनी को भुगतान करने में आसानी होगी।
बनाए जाएं नए ट्रेवल सर्किट
वहीं कंपनी के मुख्य वित्तीय अधिकारी (सीएफओ) ब्रजेश मोदी ने कहा कि फिलहाल देश में यह सेक्टर जीडीपी में 9.2 फीसदी की हिस्सेदारी रखता है। अभी देश पूरे विश्व में आठवें स्थान पर है। अगर सरकार नए ट्रेवल सर्किट खोलने की घोषणा बजट में करती है तो फिर इससे घरेलू कंपनियों और यात्रियों को फायदा होगा। दक्षिण एशिया में भारत सबसे बड़ा पर्यटन बाजार है। यह विदेशी मुद्रा अर्जित करने का तीसरा सबसे बड़ा माध्यम है। इस सेक्टर के जरिए 2.67 करोड़ लोगों को रोजगार मिला हुआ है। 2029 तक अनुमान है कि 5.3 करोड़ लोग इस सेक्टर के जरिए रोजगार पा रहे होंगे।
आने वाले बजट में उड़ान, ह्दय और प्रसाद जैसी स्कीम के लिए नई घोषणाएं हों। वहीं जो यात्री पूर्वोत्तर, कश्मीर और ग्रामीण इलाकों का भ्रमण करें उनको टैक्स में रियायत की घोषणा हो। टिकटिंग हब बनाने में कर छूट मिले, जिससे मेक इन इंडिया को ही बढ़ावा मिलेगा। विमानन और रेलवे का पर्यटन में अहम योगदान है। ऐसे में यहां पर सरकार अपना फोकस आगे भी जारी रखे, जिससे पर्यटकों को फायदा मिले। हवाई किरायों को नियंत्रित करने के लिए सरकार अपनी तरफ से एक मैकेनिज्म तैयार करे।