बजट 2020: कौशल विकास के लिए सरकार दे ज्यादा अनुदान, शिक्षा पर बढ़ाए खर्च
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केंद्र सरकार को छात्रों के बीच कौशल विकास को बढ़ाने के लिए इस बार के बजट में ज्यादा अनुदान देना चाहिए। इसके साथ ही प्राथमिक से लेकर के उच्च शिक्षा के लिए खर्च को बढ़ाना चाहिए, क्योंकि इससे 21वीं सदी में लोगों को ज्यादा रोजगार मिलेगा। फोर (FORE) स्कूल ऑफ मैनेजमेंट में प्रोफेसर हिमांशु जोशी ने अमर उजाला से विशेष बातचीत में आगामी केंद्रीय बजट को लेकर के अपने विचार पेश किए हैं।
प्रोफेसर जोशी के मुताबिक सरकार को कौशल विकास के लिए स्कूलों से ही शुरुआत करनी चाहिए। इससे छात्र स्कूली जीवन में ही अपनी पंसद की भविष्य में की जाने वाली नौकरी या बिजनेस की तैयार हो जाएंगे। इससे आगे चलकर हजारों लोगों को नौकरी मिल सकेगी। इसके साथ ही अगर सरकार ग्रामीण इलाकों से ऑनलाइन प्लेटफॉर्म या फिर बड़ी इंडस्ट्री के लिए 25 फीसदी कच्चा माल लेने लगी, तो फिर ऐसे कस्बों या फिर गांवों में ही लोगों को रोजगार मिलने लगेगा।
जल संरक्षण से लेकर के बच्चियों की शिक्षा पर हो फोकस
सरकार को इस बार के बजट में जल संरक्षण, बच्चियों की शिक्षा और कौशल विकास पर अपना ध्यान केंद्रित करना चाहिए। इसके लिए देश के अंदर और बाहर मौजूद संसाधनों का प्रयोग करना चाहिए ताकि भविष्य का एक खाका खींचा जा सके। वही ग्रामीण इलाकों में इंटरनेट की पहुंच बढ़ाकर के हम शिक्षा का दायरा काफी हद तक बढ़ा सकते हैं।
स्कूलों में लागू हो हैप्पीनेस प्रोग्राम
केंद्रीय बजट में स्कूलों में हैप्पीनेस प्रोग्राम लागू करने के लिए प्रावधान हो। ऐसा इसलिए क्योंकि वैश्विकरण की वजह से बहुत से लोगों में तनाव बढ़ रहा है। हैप्पीनेस प्रोग्राम से स्कूली छात्रों के अलावा उनके माता-पिता और शिक्षकों के बीच काफी अच्छा वर्क-लाइफ बैलेंस बन सकता है।