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बिल ना चुकाने से कटी BSNL के 1500 एक्सचेंज-टॉवर्स की बिजली सप्लाई

Sat, 13 Jul 2019 07:21 PM IST
paliwal पालीवाल बिजनेस डेस्क, अमर उजाला
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला Published by: paliwal पालीवाल Updated Sat, 13 Jul 2019 07:21 PM IST
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bsnl mobile towers and exchanges not working as power spply cut due to non payment of bills

देश के कई इलाकों में भारत संचार निगम लिमिटेड का नेटवर्क ठप हो गया है। बिजली बिल न चुकाने से 1500 टावर और एक्सचेंज की सप्लाई कट चुकी है। इससे बीएसएनएल के ग्राहकों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। 

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नहीं चल रहे जेनरेटर

बिजली न होने पर जेनरेटर के जरिए वैकल्पिक तौर पर बिजली दी जाती है। लेकिन फंड की कमी के चलते जेनरेटर में तेल नहीं पड़ रहा है, जिससे यह भी शोपीस बन गए हैं। टावर और एक्सचेंज के काम न करने की वजह से ग्राहक दूसरी निजी मोबाइल कंपनियों की सेवाएं लेने को मजबूर हो रहे हैं। 

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इतने एक्सचेंज और टावर की कटी बिजली

केंद्र सरकार के मुताबिक कुल 1083 मोबाइल टावर और 524 एक्सचेंज की बिजली सप्लाई को कंपनियों ने काट दिया है। वहीं 258 मोबाइल टावर जिस जमीन या फिर कमर्शियल स्थान पर लगे हैं, उनके मालिकों को किराया नहीं दिया गया। 

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सबसे ज्यादा महाराष्ट्र में कटी एक्सचेंज की सप्लाई

महाराष्ट्र में 178 एक्सचेंजों का बिजली कनेक्शन कट चुका है। बिजली बिल नहीं चुकाने के कारण कर्नाटक में 156, उत्तर प्रदेश में 132, पश्चिम बंगाल में 20 और तेलंगाना तथा हरियाणा में 13-13 टेलीफोन एक्सचेंज बेकार पड़े हैं।

यूपी में सबसे ज्यादा टावर

उत्तर प्रदेश में सबसे ज्यादा 391 टावरों की लाइट काटी जा चुकी है। इसके बाद महाराष्ट्र में 208 मोबाइल टावर, कर्नाटक में 120, तमिलनाडु में 111, तेलंगाना में 76, पश्चिम बंगाल में 50, मणिपुर में 36, जम्मू-कश्मीर में 19, गुजरात में 17, बिहार में 14 और असम तथा आंध्र प्रदेश में 11-11 टावर शामिल हैं। 

चार हजार से 1400 करोड़ हुआ घाटा

पिछले चार सालों में भारत संचार निगम लिमिटेड (बीएसएनएल) का घाटा 4800 करोड़ रुपये से बढ़कर 14 हजार करोड़ के पार चला गया है। वहीं पिछले वित्त वर्ष में कंपनी को 19 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा की कमाई होने का अनुमान है।पीएसयू कंपनी को वित्त वर्ष 2015-16 में 4859 करोड़ रुपये का घाटा हुआ था। वहीं 2016-17 में 4793 करोड़ रुपये, 2017-18 में 7993 करोड़ रुपये का घाटा हुआ था। इसके 2018-19 में 14202 करोड़ रुपये होने की संभावना व्यक्त की जा रही है। 



बीएसएनएल अधिकारियों के मुताबिक, कंपनी के पास देश के अलग अलग जगहों पर जमीन है जिसकी बाजार में कीमत एक लाख करोड़ के आसपास है, 20,000 करोड़ रुपये के टॉवर्स हैं और 64,000 करोड़ रुपये के ऑप्टिकल फाइबर्स हैं जिनकी लंबाई करीब आठ लाख किलोमीटर है और जरूरत पड़ने पर इससे पैसा बनाया जा सकता है।

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