तो अब भी सस्ता है विंडो से रेलवे का टिकट बुक कराना
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बजट भाषण में ऑनलाइन टिकट बुक कराने पर से सर्विस चार्ज हटाने के फैसले से वित्त मंत्री अरुण जेटली ने जनता की खूब वाहवाही लूटी थी। लेकिन क्या आपको पता है कि इस घोषणा के बाद भी खिड़की से टिकट बुक कराना ऑनलाइन के मुकाबले अभी भी काफी सस्ता पड़ता है।
इसलिए सस्ता है विंडो से टिकट की बुकिंग
विंडो से टिकट बुक कराने पर केवल रेलवे जो किराया तय करता है केवल वो ही यात्रियों को देना होता है। इसके अलावा कोई और चार्ज विंडो से टिकट बुक कराने पर नहीं लगता है। वहीं ऑनलाइन टिकट बुक कराने पर बैंक अपनी ट्रांजेक्शन फीस जरुर लेता है। मतलब यहां पर आप कैश में टिकट बुक नहीं करा सकते हैं।
आईआरसीटीसी की वेबसाइट पर टिकट का पैसा क्रेडिट कार्ड, डेबिट कार्ड, नेट बैंकिंग या वॉलेट के जरिए देना होता है जिस पर बैंक अपनी तरफ से अलग चार्ज वसूलते हैं। यह बैंकिंग ट्रांजेक्शन चार्ज होता है न कि सर्विस चार्ज।
ई-टिकट लेने पर ऐसी कई अन्य सुविधाएं भी यात्रियों को नहीं मिल पाएंगी, जो खिड़की से टिकट खरीदने पर मिलती हैं।
रेलवे और आईआरसीटीसी को होगा नुकसान
यात्री टिकटों की ऑनलाइन बुकिंग पर अब सर्विस टैक्स नहीं लगेगा। बजट में किए गए इस प्रावधान से रेलवे को कुल 551.49 करोड़ रुपये का नुकसान उठाना पड़ेगा।
यही नहीं आईआरसीटीसी को इस फैसले से करीब 300 करोड़ रुपये का नुकसान उठाना पड़ेगा। क्योंकि इसके आय का सबसे बड़ा स्त्रोत यही है। कुल मुनाफे का 43 प्रतिशत हिस्सा इस स्त्रोत से आता है।
ऐसे में यात्रियों की सुविधाओं में दिक्कत आ सकती है।
रेलवे सूत्रों के अनुसार आईआरसीटीसी से जब कैटरिंग का काम लिया गया तो 139 व ऑनलाइन टिकट पर पूरा फोकस किया गया। इस सेक्टर से आईआरसीटीसी को कुल मुनाफे का 43 प्रतिशत हिस्सा मिलता है।
इसी तरह 26 प्रतिशत टूरिज्म से और 31 प्रतिशत आय आईआरसीटीसी को रेल नीर व कैटरिंग से होती है।