बोइंग 737 मैक्सः फॉल्टी सॉफ्टवेयर तैयार करने में फंसी एचसीएल
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विमान बनाने वाली कंपनी बोइंग के दो 737 मैक्स विमानों के दुर्घटनाग्रस्त होने के बाद पूरे विश्व में इनका परिचालन रोक दिया गया था। अब इसका फॉल्टी सॉफ्टवेयर तैयार करने में एचसीएल भी फंस गई है। ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी जांच एजेंसियों ने इस बात का खुलासा किया है।
आउटसोर्स किया था सॉफ्टवेयर
बोइंग ने इन विमानों का सॉफ्टवेयर तैयार करने के लिए पूरा प्रोग्राम एचसीएल को आउटसोर्स कर दिया था। एचसीएल ने इसे तैयार करने के लिए 620 रुपये प्रति घंटे के हिसाब ऐसे इंजीनियरों को रखा जिन्हें हवाई जहाज के बारे में न के बराबर जानकारी थी। इसलिए यह लोग मैक्स में लगे सिम्युलेटर सॉफ्टवेयर का कोड भी सही तरीके से तैयार नहीं कर पाए।
सोशल मीडिया से लिए सीवी
एचसीएल ने जिन इंजीनियर्स से फ्लाइट डिस्पले सॉफ्टवेयर को तैयार कराया, उनके सीवी सोशल मीडिया पर थे। ऐसे लोगों को ठेके पर रख कर यह काम कराया गया। हालांकि रिपोर्ट का खुलासा होने के बाद बोइंग और एचसीएल ने सभी तरह के आरोपों को बेबुनियाद बताया है।
हाल ही में बोइंग 737 मैक्स के दो बड़े हादसों के बाद बोइंग ने ये फैसला लिया है। कंपनी ने बताया कि दो प्रमुख सांसदों द्वारा शुक्रवार को कंपनी की समय सारिणी का खुलासा करने के बाद 2020 में कॉकपिट चेतावनी लाइट को ठीक करने की योजना बनाई गई है।
एक बयान में कंपनी ने कहा, 'बोइंग ने 737 मैक्स सिम्युलेटर सॉफ्टवेयर को ठीक कर दिया है और इस बारे में डिवाइस ऑपरेटर्स को अतिरिक्त जानकारी दे दी गई है। ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि सिम्युलेटर सभी तरह की विमान परिस्थिति में ठीक तरह से कार्य कर सके।' हालांकि कंपनी ने यह नहीं बताया कि उसे परेशानी के बारे में पहली बार कब पता चला था और क्या उसने रेग्युलेटर्स को इसके बारे में बताया था।