Economy: अमिताभ कांत का अनुमान, जापान को पछाड़कर 2025 तक दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनेगा भारत
अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष की नवीनतम रिपोर्ट, विश्व आर्थिक आउटलुक के अनुसार, भारत 2024 में प्रमुख अर्थवस्यवस्थाओं में सबसे तेजी से बढ़ने वाली अर्थव्यवस्था बनी रहेगी।
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भारत के जी20 शेरपा और नीति आयोग के पूर्व सीईओ अमिताभ कांत का अनुमान है कि 2025 तक भारत दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थवव्यवस्था बन जाएगी। भारत जापान को पछाड़ देगा। भारत फिलहाल पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है। 2022 में भारत ने ब्रिटेन को पछाड़ दिया था। भारत से आगे अभी सिर्फ अमेरिका, चीन, जर्मनी और जापान की अर्थवस्यवस्था है। एक दशक पहले यानी 2014 में भारत की अर्थव्यवस्था दुनिया की 11वीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था थी। भारत की जीडीपी लगभग 3.7 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर होने का अनुमान है।
कांत के अनुसार, फ्रैजाइल-5 से दुनिया की शीर्ष पांच अर्थव्यवस्थाओं तक भारत की यात्रा बड़ी अहम रही है। इसके कई मुख्य अंश हैं- रिकॉर्ड जीएसटी संग्रह, पिछली तीन तिमाहियों में 8 प्रतिशत से अधिक जीडीपी वृद्धि, भारतीय मुद्रा रुपये में 27 देशों के साथ व्यापार, मुद्रास्फीति प्रबंधनीय आदि। बता दें, फ्रैजाइल-5 शब्द 2013 में मॉर्गन स्टेनली द्वारा दिया गया है। यह भारत सहित पांच देशों के समूह को इंगित करता है, जिनकी अर्थव्यवस्था उस वक्त अच्छा प्रदर्शन कर रहीं थीं। इसमें चार देश हैं- ब्राजील, इंडोनेशिया, दक्षिण अफ्रीका और तुर्की थे।
भारत की मजबूत वृद्धि के लिए जिम्मेदार यह अंश
- इस्पात, सीमेंट और ऑटोमोबाइल विनिर्माण क्षेत्रों में दोहरे अंक की वृद्धि
- डिजिटल सार्वजनिक बुनियादी ढांचे में वैश्विक नेता
- ई-लेन-देन बढ़कर 134 बिलियन हुआ
- औसत वार्षिक मुद्रास्फीति 2003-04 और 2013-14 के बीच 8.2 प्रतिशत से घटकर 5 प्रतिशत हुई
- दृढ़ जीडीपी वृद्धि पूर्वानुमान
- प्रबंधनीय स्तर पर मुद्रास्फीति
- केंद्र सरकार के स्तर पर राजनीतिक स्थिरता
- सराहनीय केंद्रीय बैंक मौद्रिक नीति
आईएमएफ रिपोर्ट में भी भारत की अर्थव्यवस्था मजबूत
अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष की नवीनतम रिपोर्ट, विश्व आर्थिक आउटलुक के अनुसार, भारत 2024 में प्रमुख अर्थवस्यवस्थाओं में सबसे तेजी से बढ़ने वाली अर्थव्यवस्था बनी रहेगी। आईएमएफ ने 2024 के लिए भारत के विकास अनुमान को 6.5 प्रतिशत से बढ़ाकर 6.8 प्रतिशत कर दिया है। भारत की अर्थव्यवस्था 2022-23 में 7.2 प्रतिशत और 2021-22 में 8.7 प्रतिशत बढ़ी।