फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Business ›   Business Diary ›   Agencies should improve the methods of rating developing countries

CEA: विकासशील देशों को रेटिंग देने वाली पद्धतियों में सुधार करें एजेंसियां, पारदर्शी तरीके अपनाएं

Fri, 22 Dec 2023 06:18 AM IST
जलज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: जलज मिश्रा Updated Fri, 22 Dec 2023 06:18 AM IST
सार

लेख के अनुसार, क्रेडिट रेटिंग एजेंसियों की ओर से अपनाए जाने वाले रेटिंग तंत्र में व्यक्तिपरक निर्णयों के बजाय अच्छी तरह से परिभाषित, मापने योग्य सिद्धांतों पर ध्यान केंद्रित करते हुए गंभीर सुधार की जरूरत है। लेख के मुताबिक, आने वाले दशकों में वैश्विक चुनौतियों से निपटने में निजी पूंजी की भूमिका होगी।

विज्ञापन
Agencies should improve the methods of rating developing countries
मुख्य आर्थिक सलाहकार अनंत नागेश्वरन - फोटो : Social Media

विस्तार

वैश्विक क्रेडिट रेटिंग एजेंसियों की ओर से रेटिंग देने के लिए उपयोग की जाने वाली पद्धतियां विकासशील देशों के खिलाफ बहुत ज्यादा हैं। उन्हें अधिक पारदर्शी बनाने के लिए रेटिंग प्रक्रिया में सुधार की तुरंत जरूरत है। मुख्य आर्थिक सलाहकार (सीईए) वी अनंत नागेश्वरन व वरिष्ठ सलाहकार राजीव मिश्रा की ओर से लिए गए एक लेख में यह बातें कही गईं हैं। लेख में यह कहा गया है कि ये विचार वित्त मंत्रालय के नहीं हैं।

विज्ञापन


लेख के अनुसार, क्रेडिट रेटिंग एजेंसियों की ओर से अपनाए जाने वाले रेटिंग तंत्र में व्यक्तिपरक निर्णयों के बजाय अच्छी तरह से परिभाषित, मापने योग्य सिद्धांतों पर ध्यान केंद्रित करते हुए गंभीर सुधार की जरूरत है। लेख के मुताबिक, आने वाले दशकों में वैश्विक चुनौतियों से निपटने में निजी पूंजी की भूमिका होगी। ऐसे में विकासशील देशों के लिए कर्ज की लागत में थोड़ी सी कमी भी बहुत मददगार साबित होगी। इसके साथ ही, कर्ज लेने वाले देशों के लिए अरबों डॉलर बचाया जा सकता है।

विज्ञापन

सामूहिक जिम्मेदारी से परिचित है भारत 
एक दूसरे लेख में लेखकों ने कहा, भारत अपनी सामूहिक जिम्मेदारी से परिचित है। उसने अपने एनडीसी (राष्ट्रीय स्तर पर निर्धारित योगदान) और नेट-शून्य 2070 घोषणा के माध्यम से महत्वाकांक्षी लक्ष्य उठाया है। भारत वैश्विक प्रतिक्रिया में किस हद तक योगदान कर सकता है, यह काफी हद तक वित्त, क्षमता और टेक्नोलॉजी की समय पर पर्याप्त और उपयुक्त तरीके से उपलब्धता पर निर्भर है।

विज्ञापन
विज्ञापन

15 वर्षों से बीबीबी- पर स्थिर है भारत की रेटिंग
लेख में कहा गया है कि पिछले 15 वर्षों से भारत की रेटिंग बीबीबी- पर स्थिर है। इसके बावजूद यह 2008 में दुनिया की 12वीं सबसे बड़ी से 2023 में 5वीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गया। इस अवधि के दौरान सभी समकक्ष देशों में दूसरी सबसे ऊंची विकास दर दर्ज की गई। कई देशों की ओर से सामना किए जा रहे कर्ज के बोझ और गैर-जलवायु संबंधित सतत विकास लक्ष्यों को पूरा करने व आर्थिक विकास की बहाली के लिए निवेश की जरूरत है।

 

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें कारोबार समाचार और Union Budget से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। कारोबार जगत की अन्य खबरें जैसे पर्सनल फाइनेंस, लाइव प्रॉपर्टी न्यूज़, लेटेस्ट बैंकिंग बीमा इन हिंदी, ऑनलाइन मार्केट न्यूज़, लेटेस्ट कॉरपोरेट समाचार और बाज़ार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed