{"_id":"574d90f64f1c1b0e76109472","slug":"ac-bus-ticket-to-go-costlier-this-summer","type":"story","status":"publish","title_hn":"गर्मी की छुट्टी में एसी बस से यात्रा होगी महंगी","category":{"title":"Business Diary","title_hn":"बिज़नेस डायरी ","slug":"business-diary"}}
गर्मी की छुट्टी में एसी बस से यात्रा होगी महंगी
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, दिल्ली
Updated Wed, 01 Jun 2016 04:27 AM IST
सार
- इस पर 5.6 फीसदी लगेगा सेवा कर
- इसके अलावा खाना, पीना, घूमना सब हो गया महंगा
विज्ञापन
बस
- फोटो : file photo
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
गर्मी की छुट्टी में वातानुकूलित बस से यात्रा अब महंगी पड़ेगी क्योंकि सरकार ने राज्य पथ परिवहन निगम या स्टेज परमिट पर चलने वाली निजी वातानुकूलित बसों में यात्रा को सेवा कर के दायरे में ला दिया है। यह फैसला बुधवार से लागू हो गया है। इसके अलावा पहले से जिन सेवाओं पर सेवा कर लग रहा है, उस पर भी आधा फीसदी का कृषि कल्याण सेस लग गया है। इस वजह से खाना-पीना, घूमना सब महंगा हो गया।
विज्ञापन
बीते फरवरी में वित्त मंत्री अरुण जेटली ने बजट प्रस्तावों में स्टेज कैरिज के तहत चलने वाली वातानुकूलित बसों को सेवाकर के निगेटिव लिस्ट से बाहर करने का प्रस्ताव भी शामिल किया था। लेकिन इसे तत्काल प्रभाव से लागू नहीं कर 1 जून 2016 से लागू किये जाने की घोषणा की थी। इसके अलावा इसी तारीख से सभी सेवाओं पर आधा फीसदी का कृषि कल्याण सेस भी लगाया था।
विज्ञापन
केन्द्रीय उत्पाद एवं सीमा शुल्क बोर्ड -सीबीईसी- के एक अधिकारी ने बताया कि स्टेज कैरिज परमिट के तहत चलने वाली बसें, चाहे राज्य पथ परिवहन निगम की हो या निजी ट्रांसपोर्टरों की, सब को सेवाकर के दायरे में ला दिया गया है। हालांकि उस पर सेवाकर की संपूर्ण दर नहीं लगेगी बल्कि उसमें 60 फीसदी का अबेटमेंट दिया गया है। यह इसलिए ताकि बस खरीदने की लागत, ईंधन का खर्च आदि पर कर नहीं लगे। इसका मतलब है कि यात्रियों को पूरा नहीं बल्कि 5.6 फीसदी का ही सेवाकर चुकाना होगा।
विज्ञापन
स्टिक ट्रेवल्स के चेयरमैन और आइटो के पूर्व अध्यक्ष सुभाष गोयल का कहना है कि यह फैसला पर्यटन उद्योग के लिए घातक होगा। उनका कहना है कि विदेशों में पर्यटन को सरकार सहायता देती है जबकि यहां सरकार टैक्स के ऊपर टैक्स लगाती जा रही है। उनके मुताबिक एसी बसों में सेवा कर के बोझ से पैकेज की कीमत बढ़ जाएगी। बुधवार से ही सेवा कर पर आधा फीसदी का कृषि कल्याण सेस भी लग गया है।
इस वजह से अब सेवा कर की दर 15 फीसदी हो गई है। अब रेस्टोरेंट में जाकर खाना, मोबाइल फोन का इस्तेमाल, हवाई और रेल यात्रा, बीमा प्रीमियम पर देय सेवा कर, बैंक ड्राफट या बैंक की अन्य सेवा, फिल्म देखना, एसएमएस अलर्ट सेवा लेना, कैटरिंग सेवा, टेंट सेवा आदि सभी सेवाएं महंगी हो जाएंगी।