फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Business ›   Business Diary ›   90-hr workweek: ITC Chairman says flexibility, employee empowerment more important

हफ्ते में 90 घंटे काम: आईटीसी चेयरमैन ने भी दी राय, बोले- लचीलापन और कर्मचारियों का सशक्तिकरण जरूरी

Tue, 14 Jan 2025 02:30 PM IST
कुमार विवेक बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: कुमार विवेक Updated Tue, 14 Jan 2025 02:30 PM IST
सार

90 घंटे के कार्य सप्ताह विवाद पर टिप्पणी करते हुए आईटीसी लिमिटेड के चेयरमैन संजीव पुरी ने कहा कि कर्मचारियों के लिए काम के घंटों की संख्या की तुलना में कंपनी के व्यापक विजन के साथ जुड़ना अधिक महत्वपूर्ण है। पुरी की यह टिप्पणी भारत की सबसे बड़ी इंजीनियरिंग और निर्माण कंपनी लार्सन एंड टूब्रो लिमिटेड के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक एसएन सुब्रह्मण्यन की ओर से सोशल मीडिया पर दिए गए उस बयान के बाद आई है, जिसमें उन्होंने कहा था कि कर्मचारियों को घर पर बैठने के बजाय रविवार सहित सप्ताह में 90 घंटे काम करना चाहिए। आइए इस बारे में और जानें।

विज्ञापन
90-hr workweek: ITC Chairman says flexibility, employee empowerment more important
संजीव पुरी - फोटो : ITC

विस्तार

90 घंटे के कार्य सप्ताह विवाद पर टिप्पणी करते हुए आईटीसी लिमिटेड के चेयरमैन संजीव पुरी ने कहा कि कर्मचारियों के लिए काम के घंटों की संख्या की तुलना में कंपनी के व्यापक विजन के साथ जुड़ना अधिक महत्वपूर्ण है। उन्होंने पीटीआई-भाषा को दिए साक्षात्कार में कहा, "यदि आप किसी राजमिस्त्री से पूछें कि वह क्या कर रहा है, तो वह कह सकता है कि वह ईंट लगा रहा है, कोई कह सकता है कि वह दीवार बना रहा है, लेकिन कोई कह सकता है कि वह महल बना रहा है। श्रमिकों के पास यही दृष्टिकोण होना चाहिए।"

विज्ञापन


यह पूछे जाने पर कि क्या उनका यह मतलब है कि वह आईटीसी में काम के घंटों की संख्या नहीं बताना चाहते, उन्होंने कहा, "हम ऐसा नहीं करेंगे।" पुरी ने कहा, "हम चाहते हैं कि लोग (कंपनी की) यात्रा का हिस्सा बनें और जोश से इसमें शामिल हों और उद्यम में बदलाव लाने के लिए आपस में इच्छाशक्ति महसूस करें। हम इसे इसी तरह देखते हैं।" उन्होंने कहा कि सिगरेट से लेकर उपभोक्ता वस्तुओं तक का कारोबार करने वाली यह कंपनी लचीले कार्य वातावरण की अनुमति देती है, जिसमें सप्ताह में दो दिन घर से काम करना भी शामिल है।
विज्ञापन


पुरी की यह टिप्पणी भारत की सबसे बड़ी इंजीनियरिंग और निर्माण कंपनी लार्सन एंड टूब्रो लिमिटेड के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक एसएन सुब्रह्मण्यन की ओर से सोशल मीडिया पर दिए गए उस बयान के बाद आई है, जिसमें उन्होंने कहा था कि कर्मचारियों को घर पर बैठने के बजाय रविवार सहित सप्ताह में 90 घंटे काम करना चाहिए। सुब्रमण्यन ने कर्मचारियों के साथ चर्चा के एक वीडियो में कहा, "मुझे खेद है कि मैं आपसे रविवार को काम नहीं करवा पा रहा हूं।"
विज्ञापन
विज्ञापन


"घर में बैठे-बैठे क्या करते हो? तुम कितनी देर तक अपनी पत्नी को घूर सकते हो, और पत्नी कितनी देर तक अपने पति को घूर सकती है।" यह वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स और लिंक्डिन पर व्यापक रूप से प्रसारित किया गया, जिससे कार्य-जीवन संतुलन पर गरमागरम बहस छिड़ गई।

पुरी ने कहा, "मैं जानता हूं कि उन पर (सुब्रमण्यन पर) काफी बहस हुई है, लेकिन मैं आपको वह दर्शन बताता हूं जिससे आप इसे देखते हैं।" इसके बाद उन्होंने बताया कि कंपनी के विजन और लक्ष्य के बारे में कर्मचारियों को सशक्त बनाना कितना महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि आईटीसी का सार दृष्टि, मूल्य और जीवंतता है। जबकि सुब्रमण्यन की टिप्पणियों ने देश में कार्य-जीवन संतुलन के बारे में गरमागरम बहस छेड़ दी, पिछले सप्ताह लार्सन एंड टूब्रो के प्रवक्ता ने कहा कि चेयरमैन की टिप्पणी कंपनी की "बड़ी महत्वाकांक्षा" को दर्शाती है।


कंपनी ने एक बयान में कहा था, "हमारा मानना है कि यह भारत का दशक है, प्रगति को आगे बढ़ाने तथा विकसित राष्ट्र बनने के हमारे साझा दृष्टिकोण को साकार करने के लिए सामूहिक समर्पण और प्रयास की मांग करने वाला समय है।" एलएंडटी प्रमुख के विचारों की व्यापारिक समुदाय में कुछ साथियों ने आलोचना की। आरपीजी समूह के चेयरमैन हर्ष गोयनका ने कहा कि लंबे समय तक काम करना सफलता नहीं बल्कि थकान का कारण बनता है।

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें कारोबार समाचार और Union Budget से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। कारोबार जगत की अन्य खबरें जैसे पर्सनल फाइनेंस, लाइव प्रॉपर्टी न्यूज़, लेटेस्ट बैंकिंग बीमा इन हिंदी, ऑनलाइन मार्केट न्यूज़, लेटेस्ट कॉरपोरेट समाचार और बाज़ार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed