फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Business ›   Business Diary ›   5 crore people to get job by 2030, women in focus

2030 तक पांच करोड़ लोगों को रोजगार देने की तैयारी, महिलाओं पर है विशेष फोकस

Wed, 22 Aug 2018 10:15 AM IST
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला Updated Wed, 22 Aug 2018 10:15 AM IST
विज्ञापन
5 crore people to get job by 2030, women in focus

सरकारी एवं निजी संगठनों के गठबंधन ग्लोबल अलायंस फॉर मास एंटरप्रेन्योरशिप (जीएएमई) ने मंगलवार को कहा कि उसका उद्देश्य साल 2030 तक 10 लाख नए उद्यमी तथा पांच करोड़ रोजगारों के सृजन में मदद करना है, जिसमें महिलाओं को अवसर मुहैया कराने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। जीएएमई को कई भारतीय व वैश्विक दानकर्ताओं ने 100 करोड़ रुपये से अधिक का आरंभिक कोष मुहैया कराने का वादा किया है। 

विज्ञापन


माइक्रोसॉफ्ट इंडिया के पूर्व चेयरमैन तथा जीएएमई के संस्थापक रवि वेंकटेसन ने कहा कि रोजगारों का सृजन एक वैश्विक चुनौती है और भारतीय बाजार के आकार के मद्देनजर, यह समस्या बेहद बड़ी है। 
विज्ञापन

उन्होंने कहा कि इसमें कई हितधारक शामिल हैं और कई अन्य मुद्दों से आपस में जुड़े हुए है, जिसमें इंफ्रास्ट्रक्चर, ऋण तक पहुंच तथा कारोबारी सुगमता शामिल हैं। इसका समाधान अकेले सरकार या कॉरपोरेट द्वारा नहीं किया जा सकता, इसके लिए साथ मिलकर काम करने की जरूरत है।
विज्ञापन
विज्ञापन


उद्यमिता आंदोलन को मिलेगा बढ़ावा

वेंकटेसन ने कहा कि गठबंधन का उद्देश्य भारत में साल 2030 तक एक व्यापक उद्यमिता आंदोलन को बढ़ावा देना और 10 लाख नए उद्यमी पैदा करना है, जिनमें कम से कम आधी महिलाएं हों, तथा पांच करोड़ नए रोजगारों का सृजन करना है। 

जीएएमई ने प्रस्तावित गठबंधन को लेकर एक सामूहिक सोच की पहचान करने, दिलचस्पी जताने वाले संगठनों से प्रतिबद्धता पाने तथा ठोस कार्य योजना को पारिभाषित करने के लिए शुरुआती कदम के तहत द रॉकफेलर फाउंडेशन एंड डालबर्ग एडवाइजर्स के साथ एक दिवसीय कार्यशाला का भी आयोजन किया। 

रोजगार सृजन के नए इंजन की जरूरत 

5 crore people to get job by 2030, women in focus
इस कार्यक्रम में लगभग 50 संगठनों ने भागीदारी की, जिसमें केंद्रीय कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय, केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय, सूक्ष्म, लघु एवं मझोले उद्यम (एमएसएमई) मंत्रालय, आंध्र प्रदेश, ओडिशा तथा मेघाल की राज्य सरकारें, टाटा ट्रस्ट, यूनिसेफ, वर्ल्ड बैंक, ओमिड्यार नेटवर्क तथा फेसबुक इंडिया सहित कई अन्य शामिल रहे। 

वेंकटेसन ने कहा कि जब पर्याप्त संख्या में रोजगारों के सृजन की बात आती है, तो यह भारत के समक्ष एक बड़ी चुनौती है। देश में हर महीने लगभग 10 लाख युवा वर्किंग एज में शामिल हो रहे हैं। भारत को रोजगार सृजन के एक नए इंजन की जरूरत है। एक दशक पहले यह सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) था, अब हमें नए लहर की जरूरत है।  

उन्होंने कहा कि उद्यमिता व्यापक पैमाने पर रोजगार सृजन का एक महत्वपूर्ण प्रेरक है। जीएएमई व्यापक उद्यमिता, लाखों की संख्या में स्थानीय कारोबार जिसमें पांच या उससे अधिक लोगों को रोजगार मिले, स्थानीय उत्पादों का इस्तेमाल तथा प्रत्येक समुदाय की स्थानीय जरूरतों को पूरा करने के लिए साझेदारों के साथ मिलकर काम करेगा।

तीन योजनाओं पर होगा काम 

वेंकटेसन ने कहा कि इनका दायरा एक ब्यूटी सैलून से फूट कैटरर, एक मोटरबाइक रिपेयर शॉप या आर्टिशन कलेक्टिव तक है। अधिकांश संपन्न अर्थव्यवस्था में ऐसे कारोबार अर्थव्यवस्था तथा रोजगार की रीढ़ होते हैं। 

उन्होंने कहा कि हमने हस्तक्षेप के लिए तीन रास्तों की पहचान की है, शुरुआती स्तर पर ही उद्यमिता मानसिकता को बढ़ावा देना, नौकरी की तलाश करने वालों को रोजगार का अवसर देने वालों में तब्दील करना, उद्यमी बनने से जुड़े जोखिमों को कम करना तथा प्रशिक्षण, मेंटरिंग के साथ वित्तीय सुविधा प्रदान करके सूक्ष्म उद्यमियों को विकास करने तथा आगे बढ़ने में मदद करना है। 
वेंकटेसन ने कहा कि जीएएमई उसके साझेदारों को बेहद करीबी से प्रक्रिया में शामिल होने को लेकर एक प्लेटफॉर्म की तरह काम करेगा और इस दिशा में अधिक प्रभावी पहलों को आगे बढ़ाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें कारोबार समाचार और Union Budget से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। कारोबार जगत की अन्य खबरें जैसे पर्सनल फाइनेंस, लाइव प्रॉपर्टी न्यूज़, लेटेस्ट बैंकिंग बीमा इन हिंदी, ऑनलाइन मार्केट न्यूज़, लेटेस्ट कॉरपोरेट समाचार और बाज़ार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed