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GST की तीसरी वर्षगांठ आज, जानें क्या हैं इसके मकसद और फायदे

Wed, 01 Jul 2020 12:08 PM IST
‌डिंपल अलवधी बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: ‌डिंपल अलवधी Updated Wed, 01 Jul 2020 12:08 PM IST
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3 years of GST completed today know its motive and benefits
GST के तीन साल पूरे - फोटो : अमर उजाला--रोहित झा

देश में वस्तु एवं सेवा कर (GST) को लागू हुए तीन साल पूरे हो गए हैं। नरेंद्र मोदी सरकार ने ऐतिहासिक टैक्स सुधार की दिशा में एक जुलाई 2017 को अप्रत्यक्ष कर की इस नई व्यवस्था को लागू किया था, जो टैक्स के मोर्चे पर सुधार का बड़ा कदम था। इसकी शुरुआत के दौरान जीएसटी को बहुत आलोचना का सामना करना पड़ा था। हालांकि, आम आदमी को समय के साथ-साथ इसके लाभों का एहसास हुआ है।

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जीएसटी लागू करने के पांच मकसद

  • महंगाई पर लगाम
  • अनुपालन बोझ कम करना
  • टैक्स चोरी पर लगाम
  • GDP में इजाफा
  • टैक्स कलेक्शन बढ़ाना

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इधर यह जानना जरूरी है कि जीएसटी एक ऐसा कर है जो खरीदार सरकार को सीधे भुगतान नहीं करते हैं। वे इसे विक्रेताओं को भुगतान करते हैं और ये निर्माता और विक्रेता तब सरकार को इसका भुगतान करते हैं।

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जीएसटी का सबसे बड़ा फायदा ये हुआ कि उपभोक्ता देश में कहीं भी एक ही कीमत पर उत्पाद का लाभ उठा सकता है। हालांकि, GST टैक्स-स्लैब के तहत आने वाले उत्पाद इस लाभ के अंतर्गत आते हैं। प्रमुख लाभों में से एक पारदर्शिता भी है, जो जीएसटी के साथ आती है। यह व्यापारियों के लिए व्यापार लेनदेन को आसान बनाता है क्योंकि उन्हें आपूर्ति श्रृंखला के साथ खरीदे गए सभी चीजों के लिए जीएसटी का भुगतान करना पड़ता है।

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जीएसटी के बाद देश में टैक्स फाइल करने वालों की संख्या में इजाफा हुआ है। करोड़ों नए कारोबारियों ने अपना रजिस्ट्रेशन कराया है। हालांकि सरकार के टैक्स कलेक्शन में ज्यादा इजाफा नहीं हुआ है। जब जीएसटी लागू हुआ था तो उम्मीद की गई थी कि प्रति महीने 1.5 लाख करोड़ रुपये का जीएसटी कलेक्शन होगा। कोशिशों के बावजूद कलेक्शन एक लाख करोड़ रुपये के आसपास ही रहा है।


जीएसटी के आने से कारोबारियों को अपना टैक्स रिटर्न डिजिटल तरीके से भरना होता है और ग्राहकों को दिए गए बिल में जीएसटी का विवरण देना होता है। इससे फायदा य हुआ कि कारोबारियों द्वारा की जा रही टैक्स चोरी पर लगाम लगाया है। 

जून में 90,917 करोड़ रुपये रहा जीएसटी संग्रह 
सरकार ने जून में जीएसटी से 90,917 करोड़ रुपये एकत्र किए। ये आंकड़ा मई में 62,009 करोड़ रुपये और अप्रैल में 32,294 करोड़ रुपये था। 

एक आधिकारिक बयान के मुताबिक, 'जून, 2020 में एकत्र सकल जीएसटी राजस्व 90,917 करोड़ रुपये है, जिसमें सीजीएसटी 18,980 करोड़ रुपये, एसजीएसटी 23,970 करोड़ रुपये, आईजीएसटी 40,302 करोड़ रुपये (माल के आयात पर जमा किए गए 15,709 करोड़ रुपये सहित) और उपकर 7,665 करोड़ रुपये हैं।' 

सरकार ने वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) रिटर्न दाखिल करने की समयसीमा में राहत दी है। जून 2020 के दौरान अप्रैल, मार्च और यहां तक कि फरवरी के रिटर्न भी दाखिल किए गए।

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