फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Business ›   Business Diary ›   14-Year Shift: India's Defence Sector Manufacturing Reduces Import Dependency

Defence: रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बन रहा भारत, 14 वर्षों में वैश्विक आयात पर निर्भरता 11% से घटकर 4% हुई

Mon, 23 Jun 2025 12:49 PM IST
कुमार विवेक बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: कुमार विवेक Updated Mon, 23 Jun 2025 12:49 PM IST
सार

पारंपरिक रूप से रक्षा उपकरणों के लिए विदेशी खरीद पर निर्भर रहने वाले भारत ने पिछले 14 वर्षों में रक्षा आयात पर अपनी निर्भरता काफी कम कर दी है। यह देश की रक्षा रणनीति और नीति में एक बड़ा बदलाव है। आइए इस बारे में विस्तार से जानें। 

विज्ञापन
14-Year Shift: India's Defence Sector Manufacturing Reduces Import Dependency
रक्षा खरीद में आएगी तेजी - फोटो : पीटीआई

विस्तार

पारंपरिक रूप से रक्षा उपकरणों के लिए विदेशी खरीद पर निर्भर रहने वाले भारत ने पिछले 14 वर्षों में रक्षा आयात पर अपनी निर्भरता काफी कम कर दी है। यह देश की रक्षा रणनीति और नीति में एक बड़ा बदलाव है। कोटक म्यूचुअल फंड की एक रिपोर्ट के अनुसार, भारत 2010 में रक्षा उपकरणों का सबसे बड़ा आयातक था लेकिन इस मामले में 2024 में यह चौथे स्थान पर खिसक गया। 2010 में, भारत दुनिया के कुल रक्षा आयात का 11 प्रतिशत हिस्सा लिया, जिससे यह वैश्विक स्तर पर शीर्ष आयातक बन गया था। 9 प्रतिशत के साथ पाकिस्तान, 6 प्रतिशत पर ऑस्ट्रेलिया और 5 प्रतिशत के साथ दक्षिण कोरिया भी इस सूची में शामिल रहे। 

विज्ञापन


सऊदी अरब, संयुक्त राज्य अमेरिका, सिंगापुर और चीन जैसे देशों में प्रत्येक की हिस्सेदारी 4 प्रतिशत थी, जबकि अल्जीरिया और पुर्तगाल प्रत्येक की 3 प्रतिशत हिस्सेदारी थी। 2024 के आंकड़ों के अनुसार, यूक्रेन रक्षा उपकरणों का दुनिया का सबसे बड़ा आयातक बन गया है। इसकी वैश्विक आयात में 18 प्रतिशत हिस्सेदारी है। इस तीव्र वृद्धि का कारण रूस-यूक्रेन युद्ध है, यूक्रेन की सैन्य उपकरणों की मांग को बड़े पैमाने पर बढ़ा दिया है।
विज्ञापन


पोलैंड वैश्विक रक्षा आयात में 5 प्रतिशत हिस्सेदारी के साथ दूसरे सबसे बड़े आयातक के रूप में उभरा है। इसके बाद संयुक्त राज्य अमेरिका 4 प्रतिशत हिस्सेदारी के साथ तीसरे स्थान पर है। भारत अब कतर, सऊदी अरब, दक्षिण कोरिया और ऑस्ट्रेलिया के साथ चौथे स्थान पर है, जिनमें से प्रत्येक की वैश्विक आयात में 4 प्रतिशत हिस्सेदारी है। जापान और पाकिस्तान जैसे अन्य देश वैश्विक आयात में 3 प्रतिशत की हिस्सेदारी रखते हैं। "अन्य" श्रेणी, जिसमें सभी शेष राष्ट्र शामिल हैं, 2010 और 2024 दोनों में उनकी 47 प्रतिशत हिस्सेदारी रही और उनका स्थान अपरिवर्तित रहा। रिपोर्ट के अनुसार भारत की रक्षा निर्माण क्षेत्र में प्रगति हुई है और विदेशी हथियारों पर निर्भरता भी घट गई है। 
विज्ञापन
विज्ञापन


कोटक की रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि घरेलू रक्षा उत्पादन के लिए सरकार के जोर ने आयात को कम करने और रक्षा निर्यात में सुधार करने में मदद की है। हाल के वर्षों में भारत के रक्षा निर्यात में मजबूत वृद्धि देखी गई है, जो 2017 से 41 प्रतिशत की चक्रवृद्धि वार्षिक वृद्धि दर (सीएजीआर) दर्ज कर रहा है। निर्यात 2017 में 15 बिलियन रुपये से बढ़कर 2024 में 236 बिलियन रुपये हो गया है। रिपोर्ट के अनुसार भारत रक्षा क्षेत्र में अधिक आत्मनिर्भर बन रहा है। यह क्षेत्र का राष्ट्रीय सुरक्षा और आर्थिक विकास दोनों में योगदान दे रहा है।

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें कारोबार समाचार और Union Budget से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। कारोबार जगत की अन्य खबरें जैसे पर्सनल फाइनेंस, लाइव प्रॉपर्टी न्यूज़, लेटेस्ट बैंकिंग बीमा इन हिंदी, ऑनलाइन मार्केट न्यूज़, लेटेस्ट कॉरपोरेट समाचार और बाज़ार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed