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क्या है 'हलवा सेरेमनी', जानें पहली बार बजट में क्या अलग होने जा रहा है?
Sun, 24 Jan 2021 11:10 AM IST
स्वाति सिंह
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: स्वाति सिंह
Updated Sun, 24 Jan 2021 11:10 AM IST
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निर्मला सीतारमण
- फोटो : ट्विटर: @FinMinIndia
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दुनिया भर में फैले कोरोना महामारी का असर इस बार भारत के बजट कार्यक्रम में भी देखने को मिल रहा है। हालांकि, वित्त मंत्रालय द्वारा शनिवार को पारंपरिक हलवा कार्यक्रम का आयोजन किया गया। बता दें कि 01 फरवरी 2021 को केन्द्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण संसद भवन में बजट 2021-21 पेश करेंगी। इस साल पेश होने वाला बजट वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के कार्यकाल का तीसरा बजट होगा।
कोरोना महामारी के चलते इस बार हमेशा की तरह बजट दस्तावेजों की छपाई नहीं होगी। इसके बजाय इस बार सांसदों को बजट दस्तावेज डिजिटल स्वरूप में दिये जायेंगे। इससे पहले हर साल हलवा समारोह के आयोजन से बजट दस्तावेजों का प्रकाशन शुरू होता था। यह पहली बार होगा, जब बजट दस्तावेजों का प्रकाशन नहीं होगा।
क्यों मनाई जाती है हलवा सेरेमनी?
हलवा सेरेमनी के पीछे मान्यता रही है कि हर शुभ काम करने से पहले कुछ मीठा खाना चाहिए, साथ ही भारतीय परंपरा में हलवे को काफी शुभ भी माना जाता है। इसलिए बजट जैसे बड़े इवेंट से पहले इस सेरेमनी का आयोजन किया जाता है। इस परंपरा के तहत वर्तमान वित्त मंत्री खुद बजट से जुड़े कर्मचारियों और वित्त अधिकारियों को हलवा बांटते हैं।
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वित्त मंत्रालय ने एक बयान में कहा, ‘‘एक अभूतपूर्व पहल के तहत केंद्रीय बजट 2021-22 पहली बार डिजिटल तरीके से लोगों को मिलेगा। बजट एक फरवरी को पेश होने वाला है।’’ इस मौके पर वित्त मंत्री सीतारमण ने यूनियन बजट मोबाइल ऐप भी पेश किया, ताकि सांसद व आम लोग बिना किसी परेशानी के डिजिटल तरीके से बजट दस्तावेज पा सकें।
इस साल में अलग क्यों है बजट?
इस मोबाइल ऐप में वार्षिक वित्तीय विवरण (बजट), अनुदान मांग (डीजी), वित्त विधेयक आदि समेत संविधान द्वारा निर्धारित 14 केंद्रीय बजट दस्तावेज उपलब्ध कराये जायेंगे।
बयान में कहा गया कि ऐप में डाउनलोडिंग, प्रिंटिंग, सर्च, जूम इन, जूम आउट समेत कई फीचर दिये गये हैं। इस ऐप को केंद्रीय बजट वेब पोर्टल (इंडिया बजट डॉट जीओवी डॉट इन) से भी डाउनलोड किया जा सकता है। इस ऐप को आर्थिक मामलों के विभाग के मार्गदर्शन में राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (एनआईसी) द्वारा विकसित किया गया है। बयान के अनुसार, एक फरवरी को संसद में वित्त मंत्री को बजट भाषण पूरा होने के बाद बजट दस्तावेज इस मोबाइल ऐप पर उपलब्ध होंगे।
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कोरोना महामारी के चलते इस बार हमेशा की तरह बजट दस्तावेजों की छपाई नहीं होगी। इसके बजाय इस बार सांसदों को बजट दस्तावेज डिजिटल स्वरूप में दिये जायेंगे। इससे पहले हर साल हलवा समारोह के आयोजन से बजट दस्तावेजों का प्रकाशन शुरू होता था। यह पहली बार होगा, जब बजट दस्तावेजों का प्रकाशन नहीं होगा।
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क्यों मनाई जाती है हलवा सेरेमनी?
हलवा सेरेमनी के पीछे मान्यता रही है कि हर शुभ काम करने से पहले कुछ मीठा खाना चाहिए, साथ ही भारतीय परंपरा में हलवे को काफी शुभ भी माना जाता है। इसलिए बजट जैसे बड़े इवेंट से पहले इस सेरेमनी का आयोजन किया जाता है। इस परंपरा के तहत वर्तमान वित्त मंत्री खुद बजट से जुड़े कर्मचारियों और वित्त अधिकारियों को हलवा बांटते हैं।
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वित्त मंत्रालय ने एक बयान में कहा, ‘‘एक अभूतपूर्व पहल के तहत केंद्रीय बजट 2021-22 पहली बार डिजिटल तरीके से लोगों को मिलेगा। बजट एक फरवरी को पेश होने वाला है।’’ इस मौके पर वित्त मंत्री सीतारमण ने यूनियन बजट मोबाइल ऐप भी पेश किया, ताकि सांसद व आम लोग बिना किसी परेशानी के डिजिटल तरीके से बजट दस्तावेज पा सकें।
इस साल में अलग क्यों है बजट?
इस मोबाइल ऐप में वार्षिक वित्तीय विवरण (बजट), अनुदान मांग (डीजी), वित्त विधेयक आदि समेत संविधान द्वारा निर्धारित 14 केंद्रीय बजट दस्तावेज उपलब्ध कराये जायेंगे।
बयान में कहा गया कि ऐप में डाउनलोडिंग, प्रिंटिंग, सर्च, जूम इन, जूम आउट समेत कई फीचर दिये गये हैं। इस ऐप को केंद्रीय बजट वेब पोर्टल (इंडिया बजट डॉट जीओवी डॉट इन) से भी डाउनलोड किया जा सकता है। इस ऐप को आर्थिक मामलों के विभाग के मार्गदर्शन में राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (एनआईसी) द्वारा विकसित किया गया है। बयान के अनुसार, एक फरवरी को संसद में वित्त मंत्री को बजट भाषण पूरा होने के बाद बजट दस्तावेज इस मोबाइल ऐप पर उपलब्ध होंगे।