अर्थव्यवस्था को बूस्टर टीका: 6,28,993 करोड़ रुपये का प्रोत्साहन पैकेज
- कोरोना प्रभावित क्षेत्रों को 1.1 लाख करोड़ की लोन गारंटी
- सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों को 1.5 लाख करोड़ और
- स्वास्थ्य ढांचा सुधरेगा, पर्यटन को बढ़ावा, 25 लाख छोटे कारोबारियों को होगा फायदा
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
केंद्र सरकार ने कोरोना महामारी से पस्त हो चुकी अर्थव्यवस्था में जान फूंकने के लिए बूस्टर टीके की खुराक दी है। स्वास्थ्य समेत कोरोना प्रभावित क्षेत्रों के लिए 1.1 लाख करोड़ रुपये की लोन गारंटी योजना का एलान किया गया। वहीं, बार-बार के लॉकडाउन से हिचकोले खा रहे सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) के लिए आपात ऋण सुविधा गारंटी योजना (ईसीएलजीएस) का दायरा बढ़ाकर 4.5 लाख करोड़ रुपये कर दिया गया है। इसके अलावा क्रेडिट गारंटी योजना के तहत बिना किसी गारंटी के कर्ज मुहैया कराया जाएगा। इससे 25 लाख छोटे कारोबारियों को फायदा होगा।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कुल 6,28,993 करोड़ रुपये के प्रोत्साहन पैकेज का एलान किया। महामारी से बुरी तरह प्रभावित पर्यटन क्षेत्र को भी सहारा देने की कोशिश की गई है। वहीं, महामारी की तीसरी लहर में बच्चों के प्रभावित होने की आशंका के बीच उनके लिए विशेष ध्यान दिया गया है। इसके अलावा, गरीबों, किसानों, बेरोजगारों पर भी सरकार ने राहत की बारिश की है। नए आर्थिक पैकेज में कोरोना से प्रभावित क्षेत्रों के लिए आठ घोषणाएं कीं गईं। वित्त मंत्री ने कहा, अर्थव्यवस्था में तेजी लाने के लिए आठ मुख्य राहत उपाय किए गए हैं। वहीं, इनके अलावा भी कुछ अन्य कदम उठाए गए हैं, ताकि आर्थिक विकास को गति दी जा सके। सरकार की इन घोषणाओं में कुछ नई योजनाएं शामिल हैं, जबकि कुछ पुरानी योजनाओं का विस्तार दिया गया है।प्रेस कॉन्फ्रेंस में निर्मला के साथ ही वित्त राज्य मंत्री अनुराग ठाकुर भी मौजूद थे।
स्वास्थ्य क्षेत्र: 50 हजार करोड़
आठ महानगरों को छोड़कर दूसरे शहरों में स्वास्थ्य क्षेत्र के ढांचे के लिए 50 हजार करोड़ रुपये, जबकि अन्य क्षेत्र के लिए 60 हजार करोड़ रुपये दिए गए हैं। इस पैकेज के तहत चिकित्सा क्षेत्र को लोन गारंटी दी जाएगी। 100 करोड़ तक का लोन 7.95 फीसदी ब्याज पर दिया जाएगा, वहीं अन्य क्षेत्रों के लिए ब्याज 8.25 फीसदी से ज्यादा नहीं होगी।
आपातकालीन क्रेडिट लाइन गारंटी: 1.5 लाख करोड़ रुपये अतिरिक्त मिले
आपातकालीन क्रेडिट लाइन गारंटी योजना के लिए पहले तीन लाख करोड़ रुपये की घोषणा की गई थी। अब इस योजना में 1.5 लाख करोड़ रुपये अतिरिक्त दिए जाएंगे। अब इस योजना का कुल दायरा 4.5 लाख करोड़ रुपये हो गया है। अब तक शामिल किए गए सभी क्षेत्रों को इसका लाभ मिलेगा। आपातकालीन क्रेडिट लाइन गारंटी 4.0 के तहत अस्पतालों, नर्सिंग होम, क्लीनिक, मेडिकल कॉलेजों को ऑक्सीजन उत्पादक संयंत्र लगाने के लिए दो करोड़ तक के लोन दिए गए। इस लोन पर 100 फीसदी गारंटी दी गई।
क्रेडिट गारंटी स्कीम: 1.25 लाख तक का ले सकेंगे लोन
क्रेडिट गारंटी स्कीम के तहत छोटे कारोबारी, व्यक्तिगत गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनियां सूक्ष्म वित्तीय संस्थानों से 1.25 लाख तक का लोन ले सकेंगी। इसमें 7500 करोड़ रुपये दिए गए। इस पर बैंक के एमसीएलआर पर अधिकतम दो फीसदी जोड़कर ब्याज लिया जा सकेगा। इस लोन की अवधि 3 साल होगी और सरकार गारंटी देगी। 89 दिन के डिफॉल्टर समेत सभी प्रकार के उधार लेने वाले इसके हकदार होंगे।
पर्यटन: 11,000 गाइड को एक लाख, एजेंसी को 10 लाख का लोन
महामारी से प्रभावित पंजीकृत 11,000 से ज्यादा टूरिस्ट गाइड और पर्यटन से जुड़े लोगों को सरकार वित्तीय मदद देगी। इसमें लाइसेंधारी पर्यटन गाइड को एक लाख रुपये और पर्यटन एजेंसी को 10 लाख रुपये का लोन दिया जाएगा। इस लोन को 100 फीसदी गारंटी दी जाएगी। इस लोन पर कोई प्रोसेसिंग चार्ज नहीं होगा।
वीजा: पहले पांच लाख विदेशी पर्यटक वीजा मुफ्त
कोरोना की मार से टूट चुके पर्यटन क्षेत्र के लिए पहले पांच लाख विदेशी पर्यटक वीजा मुफ्त जारी होंगे। यह योजना 31 मार्च, 2022 तक लागू रहेगी। इस स्कीम के तहत 100 करोड़ की वित्तीय मदद दी जाएगी। एक पर्यटक को केवल एक बार इस योजना का लाभ मिलेगा। 2019 में 1.93 करोड़ विदेशी पर्यटक भारत आए थे।
आत्मनिर्भर भारत रोजगार योजना: 31 मार्च, 2022 तक बढ़ी
पिछले साल अक्तूबर में आत्मनिर्भर भारत रोजगार योजना लॉन्च की गई थी। इसकी अवधि 31 मार्च, 2022 तक कर दी गई। इसके तहत अब तक 21.42 लाख लाभार्थियों पर 902 करोड़ खर्च किए गए। योजना के तहत सरकार 15 हजार से कम वेतन वाले कर्मचारियों और नियोक्ता की ओर से पीएफ का भुगतान करती है। सरकार ने 22,810 करोड़ रुपये खर्च करने का लक्ष्य रखा है। 58.50 लाख लोगों को लाभ मिलेगा।
खेती-किसानी: किसानों को 14,775 करोड़ अतिरिक्त सब्सिडी
इसके तहत देश के किसानों को 14,775 करोड़ रुपये की अतिरिक्त सब्सिडी दी गई है। इसमें 9125 करोड़ रुपये की सब्सिडी केवल डीएपी पर दी गई है। वहीं, 5,650 करोड़ रुपये सब्सिडी एनपीके पर दी गई है। रबी सीजन 2020-21 में 432.48 लाख मीट्रिक टन गेहूं की खरीद की गई, जबकि अब तक किसानों को 85,413 करोड़ रुपये सीधे दिए गए हैं।
पीएम गरीब कल्याण: 93,869 करोड़ रुपये खर्च होंगे
26 मार्च 2020 को प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना की घोषणा की गई थी। इसके तहत कोरोना प्रभावित गरीबों को पांच किलो राशन मुफ्त दिया जाता है। कोरोना की दूसरी लहर में मई 2021 में इस योजना को फिर से लॉन्च किया गया। इसके तहत करीब 80 करोड़ लोगों को पांच किलो राशन इस साल नवंबर तक मुफ्त मिलेगा। 2020-21 में इस स्कीम पर 1,33,972 करोड़ रुपये खर्च हुए थे। इस स्कीम पर इस साल करीब 93,869 करोड़ रुपये खर्च होंगे। पिछले साल और इस साल मिलाकर इस योजना पर करीब 2,27,841 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
बच्चों की सेहत पर विशेष ध्यान: 23,220 करोड़ से सुधरेगा स्वास्थ्य ढांचा
ज्यादातर हिस्सा बच्चों से जुड़ी स्वास्थ्य सेवाओं पर खर्च होगा। आईसीयू बेड, वेंटिलेटर बेड, एंबुलेंस जैसी सुविधाएं बढ़ाई जाएंगी। केंद्रीय, जिला और उप जिला स्तर पर ऑक्सीजन की उपलब्धता बढ़ाई जाएगी।
31 मार्च 2022 तक यह पैसा खर्च किया जा सकेगा। बीते साल 15 हजार करोड़ खर्च किए गए।