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बैंकों को 2017-18 में हुआ 5,000 करोड़ रुपये का मुनाफा ,जुर्माना लगा ग्राहकों से वसूले पैसे

Sun, 05 Aug 2018 02:13 PM IST
न्यूज डेस्क,अमर उजाला
न्यूज डेस्क,अमर उजाला Updated Sun, 05 Aug 2018 02:13 PM IST
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banks earned profit of Rs 5,000 Cr,imposed charges on customers
जुर्माना

अगर आपके बैंक अकाउंट से अक्सर बैलेंस कम बताकर बैंक ने पैसे काट लिए हैं तो समझ लीजीए कि आप के पैसे बैंक को मालामाल कर रहे हैं। सार्वजनिक क्षेत्र के 21 बैंकों और निजी क्षेत्र के तीन प्रमुख बैंकों ने बीते वित्त वर्ष 2017-18 के दौरान खाते में न्यूनतम राशि नहीं रख पाने को लेकर उपभोक्ताओं से 5,000 करोड़ रुपये वसूले हैं। बैंकिंग आंकड़ों में यह बात सामने आयी है।

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इस मामले में जुर्माना वसूलने में भारतीय स्टेट बैंक शीर्ष रहा है। इसने कुल 24 बैंकों द्वारा वसूले सम्मिलित 4,989.55 करोड़ रुपये जुर्माने का लगभग आधा 2,433.87 करोड़ रुपये वसूले हैं। उल्लेखनीय है कि एसबीआई को बीते वित्त वर्ष में 6,547 करोड़ रुपये का भारी नुकसान हुआ है। यदि बैंक को यह अतिरिक्त आय नहीं होती, तो उसका नुकसान और ऊंचा रहता। 
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इसके बाद एचडीएफसी बैंक ने 590.84 करोड़ रुपये, एक्सिस बैंक ने 530.12 करोड़ रुपये और आईसीआईसीआई बैंक ने 317.60 करोड़ रुपये वसूले हैं।

एसबीआई ने 2012 तक खाते में न्यूनतम राशि नहीं रखने पर जुर्माना वसूला था। उसने यह व्यवस्था एक अक्तूबर, 2017 से फिर शुरू की है।भारतीय रिजर्व बैंक के नियमों के अनुसार बैंकों को सेवा-अन्य शुल्क वसूलने का अधिकार है।यदि आप एसबीआई के ग्राहक हैं और आपके खाते में यह न्यूनतम राशि नही है, तो बैंक आपसे दंड वसूलता है।उदाहरण के लिए मैट्रो शहरों में न्यूनतम राशि 3,000 रुपये हैं और यदि आपके खाते में 75 फीसदी यानी 750 रुपये से कम राशि है, तो आप पर 50 रुपये की पेनल्टी और जीएसटी लगाया जाएगा। 
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यदि आपके लिए एमएबी बनाए रखना कठिन हो रहा है, तो आप बेसिक बचत खाता भी खुलवा सकते हैं। भारतीय रिजर्व बैंक के निर्देशानुसार, सभी बैंकों के लिए इस सेवा को मुहैया कराना अनिवार्य है। इस खातें को आप सहयोगी खाते के रूप में भी इस्तेमाल कर सकते हैं।


इस खाते में आपको कोई न्यूनतम औसत राशि और न्यूनतम राशि रखने की जरूरत नहीं होती और इस खाते पर सामान्य बचत खाते जितनी ही ब्याज मिलती है।उल्लेखनीय है कि छात्रों, वरिष्ठ नागिरकों और नौकरीपेशा लोगों के लिए न्यूनमत राशि बरकरार रखना काफी कठिन हो जाता है। जिन लोगों के पास 3-5 खाते हैं, उन्हें हर खाते के लिए इसे बनाए रखना होता है। इस लिए एक प्रमुख खाते के साथ एक या दो जीरो बैलेंस बचत खाता खुलवाया जा सकता है।

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