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स्टेट बैंक ने ग्राहकों को दिया रेपो दर में कटौती का पूरा लाभ, 0.75 प्रतिशत घटाई ब्याज दर
Fri, 27 Mar 2020 08:45 PM IST
आसिम खान
बिजनेस, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: आसिम खान
Updated Fri, 27 Mar 2020 08:45 PM IST
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एसबीआई
देश के सबसे बड़े बैंक भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) ने कहा है कि उसने रेपो दर में 0.75 प्रतिशत कटौती का पूरा लाभ अपने ग्राहकों को पहुंचाने का फैसला किया है। नई ब्याज दर एक अप्रैल 2020 से प्रभावी होगी। एसबीआई ने एक वक्तव्य में कहा है कि उसकी नई घटी दर बाहरी मानक दर से जुड़ी कर्ज दर (ईबीआर) और रेपो दर से जुड़ी कर्ज दर (आरएलएलआर) के तहत कर्ज लेने वाले ग्राहकों पर लागू होगी।
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बाहरी मानक दर से जुड़ी कर्ज दर को 7.80 प्रतिशत से घटाकर 7.05 प्रतिशत वार्षिक कर दिया गया है जबकि आरएलएलआर को 7.40 प्रतिशत से घटाकर 6.65 प्रतिशत पर ला दिया गया है। एसबीआई ने यह भी कहा है कि ईबीआर और आरएलएलआर से जुड़े 30 साल के कर्ज पर दर घटने के बाद समान मासिक किस्त (ईएमआर) में प्रत्येक एक लाख रुपये पर 52 रुपये की कमी आयेगी।
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रिजर्व बैंक ने शुक्रवार को घोषित 7वीं द्विमासिक मौद्रिक नीति समीक्षा में नीतिगत दर रेपो में 0.75 प्रतिशत की कटौती कर दी। यह पिछले 15 साल में सबसे बड़ी कटौती बताई जा रही है। इसे 5.15 प्रतिशत से घटाकर 4.40 प्रतिशत कर दिया गया है। वहीं केन्द्रीय बैंक ने कोरोना वायरस को रोकने के लिए 21 दिन के लॉकडाउन (बंद) को देखते हुए लोगों की आय और आर्थिक गतिविधियों पर पड़ने वाले प्रभाव को देखते हुए कर्ज की किस्त के भुगतान पर भी तीन माह तक रोक लगाने की बैंकों और वित्तीय संस्थानों को अनुमति दी है।
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इस पर एसबीआई ने कहा है कि तीन माह तक कर्ज की किस्त वसूली नहीं होने पर उसका करीब 60,000 करोड़ रुपये का प्राप्ति आगे के लिये टल जाएगी। स्टेट बैंक के चेयरमैन रजनीश कुमार ने कहा, हमारा सावधिक कर्ज का आंकड़ा काफी बड़ा है। इस कर्ज पर हर साल करीब दो से ढाई लाख करोड़ रुपये की वापसी होती है। इस प्रकार तीन महीने का आंकड़ा 50,000 से 60,000 करोड़ रुपये के आसपास होगा।