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RBI ने दी राहत: कोरोना संकट के चलते बैंक नहीं करेंगे किसी लाभांश का भुगतान
Fri, 17 Apr 2020 02:04 PM IST
डिंपल अलवधी
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: डिंपल अलवधी
Updated Fri, 17 Apr 2020 02:04 PM IST
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भारतीय रिजर्व बैंक
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भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने शुक्रवार को बैंकों को राहत देते हुए कहा कि उन्हें कोरोना वायरस महामारी की वजह से पेश आ रही वित्तीय कठिनाइयों के चलते लाभांश भुगतान से छूट दी जाती है।
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रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास ने वित्तीय क्षेत्र पर बढ़ रहे दबाव को कम करने की दिशा में कई घोषणाएं की। उन्होंने कहा कि किसी कर्ज को फंसा कर्ज घोषित करने का 90 दिन का नियम बैंकों के मौजूदा कर्ज की किस्त वापसी पर लगाई रोक पर लागू नहीं होगा। उन्होंने कहा कि कोविड-19 महामारी से पैदा हुए वित्तीय दबाव के हालात के मद्देनजर बैंकों को राहत दी गई है।
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कर्जदारों को तीन माह की छूट
उल्लेखनीय है कि कर्जदारों को बैंकों के कर्ज की किस्त भुगतान पर तीन माह के लिए छूट दी गई है। इस छूट के चलते बैंकों के कर्ज को एनपीए घोषित नहीं किया जा सकेगा।
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लगातार गिर रही है महंगाई दर
महंगाई के बारे में उन्होंने कहा कि उपभोक्ता मुद्रास्फीति में मार्च में गिरावट आई है और इसमें आगे और गिरावट की उम्मीद है। कोराना वायरस महामारी से पैदा हुई चुनौतियों के बीच महंगाई दर मौजूदा वित्त वर्ष की दूसरी छमाही में केंद्रीय बैंक के चार फीसदी के लक्ष्य से भी नीचे आ सकती है।
दास ने कहा कि आरबीआई कीमतों में गिरावट की स्थिति का फायदा उठाएगा और उधार लेने वालों तक इसका लाभ पहुंचाएगा।
रिवर्स रेपो दर में कटौती
केंद्रीय बैंक ने रिवर्स रेपो दर में 0.25 फीसदी कटौती कर उसे 3.75 फीसदी कर दिया है। हालांकि, रेपो दर में कोई बदलाव नहीं किया गया है। यह 4.4 फीसदी पर स्थिर है। रिवर्स रेपो दर घटने से बैंक अपनी नकदी को फौरी तौर पर रिजर्व बैंक के पास रखने को कम इच्छुक होंगे। इससे उनके पास नकदी की उपलब्धता बढ़ेगी। इससे बैंक अर्थव्यवस्था के उत्पादक क्षेत्रों को अधिक कर्ज देने को प्रोत्साहित होंगे।